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चिंताजनक: आगरा में अब सबसे तेज कोरोना संक्रमण की रफ्तार, छह दिन में मिले 217 नए मरीज
Tue, 05 May 2020 09:46 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 05 May 2020 09:46 AM IST
सार
7552 सैंपल की जांच हो चुकी है अब तक
612 लोग अब तक संक्रमिल मिल चुके हैं।
हर 12वां शख्स संक्रमित मिल रहा जांच में
2.5 प्रतिशत ने दम तोड़ा है कुल मरीजों में से
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजनगरी में संक्रमण की रफ्तार अब सबसे तेज है। एक से चार मई तक ही 148 नए मरीज मिल चुके हैं। पहले भी मरीज मिल रहे थे लेकिन गति कम थी। पहले 100 मरीज 37 दिन में मिले थे। अब तीन दिन में शतक लग रहा है। जैसे-जैसे नमूनों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे संक्रमण का ग्राफ ऊपर जा रहा है। जयपुर हाउस जैसी पॉश कॉलोनियों से मरीज मिल रहे हैं तो नगला पदी की मलिन बस्ती में भी संक्रमण मिल रहा है।
रिटायर्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि सबसे चिंताजनक यही है कि सब्जी वाले, दूधिए, ऑटो वालों में संक्रमण मिल रहा है। इनमें संक्रमण कैसे पहुंचा, इनसे किस-किस में पहुंचा, इसका पता लगाना मुश्किल है। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस जितनी सख्ती चौराहों पर कर रही है, उतनी ही बस्तियों में भी होनी चाहिए। खासकर सुबह के समय।
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रिटायर्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि सबसे चिंताजनक यही है कि सब्जी वाले, दूधिए, ऑटो वालों में संक्रमण मिल रहा है। इनमें संक्रमण कैसे पहुंचा, इनसे किस-किस में पहुंचा, इसका पता लगाना मुश्किल है। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस जितनी सख्ती चौराहों पर कर रही है, उतनी ही बस्तियों में भी होनी चाहिए। खासकर सुबह के समय।
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शुरू में दिक्कत नहीं थी, तब मरीजों के संपर्क में आए लोग चिह्नित थे। अब पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच तालमेल और बेहतर किए जाने की जरूरत है। प्रमुख सचिव एवं आगरा के नोडल अधिकारी आलोक कुमार का कहना है कि अगर मरीजों के दोगुने होने की रफ्तार देखी जाए तो इसमें कमी आई है। पहले सात दिन में हो रहे थे, अब 10 से 12 दिन लग रहे हैं।
आगरा में सामुदायिक संक्रमण नहीं : डीएम
सब्जी वाले, ऑटो वाले, दूधिए और रिक्शा वालों में संक्रमण पहुंच जाने पर यह सवाल बड़ी तेजी से उठ रहा है कि क्या आगरा में सामुदायिक संक्रमण की शुरुआत हो चुकी है? इस पर डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि नहीं, ऐसी स्थिति नहीं है। पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या इसलिए ज्यादा आई है क्योंकि काफी सैंपलों का परीक्षण होना शेष था।
अब सभी की रिपोर्ट आ गई है। यह सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं है। ज्यादातर मरीज हॉटस्पॉट से ही आ रहे हैं। प्रशासन का फोकस इन क्षेत्रों पर ही है। नए मरीज न मिलने पर 11 हॉटस्पॉट बंद किए जा चुके हैं। कुछ और ऐसे हैं जहां 20 दिन से मरीज नहीं मिले, इन्हें भी बंद किया जाएगा।
आगरा में सामुदायिक संक्रमण नहीं : डीएम
सब्जी वाले, ऑटो वाले, दूधिए और रिक्शा वालों में संक्रमण पहुंच जाने पर यह सवाल बड़ी तेजी से उठ रहा है कि क्या आगरा में सामुदायिक संक्रमण की शुरुआत हो चुकी है? इस पर डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि नहीं, ऐसी स्थिति नहीं है। पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या इसलिए ज्यादा आई है क्योंकि काफी सैंपलों का परीक्षण होना शेष था।
अब सभी की रिपोर्ट आ गई है। यह सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं है। ज्यादातर मरीज हॉटस्पॉट से ही आ रहे हैं। प्रशासन का फोकस इन क्षेत्रों पर ही है। नए मरीज न मिलने पर 11 हॉटस्पॉट बंद किए जा चुके हैं। कुछ और ऐसे हैं जहां 20 दिन से मरीज नहीं मिले, इन्हें भी बंद किया जाएगा।
वजह तलाशेगी केंद्र की टीम
डीएम ने बताया कि आगरा में बढ़ते मामलों की वजह के निर्धारण के लिए टेक्निकल टीम आएगी। इससे संक्रमण को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।
सैंपल ज्यादा, इसलिए केस बढ़े हैं
मंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक एके मित्तल ने बताया कि आगरा में केस इसलिए ज्यादा हैं क्योंकि यहां सैंपल सबसे ज्यादा लिए गए हैं। बस्तियों में संक्रमण चिंता की बात जरूर है लेकिन राहत की बात यह है कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।
डीएम ने बताया कि आगरा में बढ़ते मामलों की वजह के निर्धारण के लिए टेक्निकल टीम आएगी। इससे संक्रमण को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।
सैंपल ज्यादा, इसलिए केस बढ़े हैं
मंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक एके मित्तल ने बताया कि आगरा में केस इसलिए ज्यादा हैं क्योंकि यहां सैंपल सबसे ज्यादा लिए गए हैं। बस्तियों में संक्रमण चिंता की बात जरूर है लेकिन राहत की बात यह है कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।