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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, 70 फीसदी में नहीं मिले कोरोना के लक्षण
Sat, 13 Jun 2020 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 13 Jun 2020 12:08 AM IST
सार
- 15946 नमूने लिए गए
- 952 मरीज मिले संक्रमित
- 840 मरीज ठीक होकर डिस्चार्च
- 112 मरीजों का अभी चल रहा इलाज
- 53 मरीजों की अभी तक हुई है मौत
- 83.25 प्रतिशत है मरीज ठीक होने की दर
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब कोरोना वायरस के मरीजों की मौत की ऑडिट के अलावा मरीजों के लक्षणों के आधार पर भी रिपोर्ट बन रही है। इसमें चिकित्सकों ने पाया कि संक्रमित मरीज की संपर्क हिस्ट्री वालों की स्क्रीनिंग में उनमें से 60-70 प्रतिशत लोगों में जुकाम, गले में खराश, सांस फूलने जैसा कोई लक्षण नहीं था।
लेकिन मरीज के सीधे संपर्क में आने के बाद इनकी जांच कराई तो यह संक्रमित पाए गए। खास बात, 45 प्रतिशत मरीज डिस्चार्ज होने तक स्वस्थ ही रहे। बुखार, जुकाम-खांसी तक नहीं हुई।
ये भी पढ़ें: यूपी: आगरा के नाम अनचाहा रिकॉर्ड, 100 दिन में कोरोना संक्रमित 1000 के पार
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शहर में गुरुवार तक 15,946 लोगों के नमूने लिए गए। 952 लोग कोरोना वायरस के संक्रमित मिले। इनमें से 80 फीसदी को संक्रमण उनके सगे-संबंधी और कार्यक्षेत्र वाले मरीजों से मिला।
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लेकिन मरीज के सीधे संपर्क में आने के बाद इनकी जांच कराई तो यह संक्रमित पाए गए। खास बात, 45 प्रतिशत मरीज डिस्चार्ज होने तक स्वस्थ ही रहे। बुखार, जुकाम-खांसी तक नहीं हुई।
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शहर में गुरुवार तक 15,946 लोगों के नमूने लिए गए। 952 लोग कोरोना वायरस के संक्रमित मिले। इनमें से 80 फीसदी को संक्रमण उनके सगे-संबंधी और कार्यक्षेत्र वाले मरीजों से मिला।
केस एक:
आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र के 30 साल के युवक की संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर स्क्रीनिंग हुई। वायरस के संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। कांटेक्ट हिस्ट्री के चलते नमूना लिया और जांच में पॉजिटिव आया। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। ठीक होकर 15वें दिन घर चला गया। बताया कि पूरे 14 दिन तक उनको खांसी-जुकाम समेत कोई लक्षण नहीं आए।
केस दो:
जीवनी मंडी के 25 साल का युवक भी विदेश से आने के बाद जांच कराने पहुंचा। रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। लेकिन उसे बुखार, सांस फूलने जैसी कोई परेशानी नहीं हुई। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती के दौरान भी सामान्य दिनों की तरह ही सेहत रही। उनकी जांच रिपोर्ट दो बार निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
अन्य में संक्रमण का खतरा
कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले 70 फीसदी से अधिक मरीज मिल रहे हैं। कांटेक्ट हिस्ट्री के चलते तो ऐसे मरीज चिह्नित कर जांच करा रहे हैं, लेकिन सामान्यत: कोई लक्षण न होने पर मरीज नमूने देने नहीं आता। इससे औरों में संक्रमण का खतरा रहता है। -डॉ. आरसी पांडे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र के 30 साल के युवक की संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर स्क्रीनिंग हुई। वायरस के संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। कांटेक्ट हिस्ट्री के चलते नमूना लिया और जांच में पॉजिटिव आया। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। ठीक होकर 15वें दिन घर चला गया। बताया कि पूरे 14 दिन तक उनको खांसी-जुकाम समेत कोई लक्षण नहीं आए।
केस दो:
जीवनी मंडी के 25 साल का युवक भी विदेश से आने के बाद जांच कराने पहुंचा। रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। लेकिन उसे बुखार, सांस फूलने जैसी कोई परेशानी नहीं हुई। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती के दौरान भी सामान्य दिनों की तरह ही सेहत रही। उनकी जांच रिपोर्ट दो बार निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
अन्य में संक्रमण का खतरा
कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले 70 फीसदी से अधिक मरीज मिल रहे हैं। कांटेक्ट हिस्ट्री के चलते तो ऐसे मरीज चिह्नित कर जांच करा रहे हैं, लेकिन सामान्यत: कोई लक्षण न होने पर मरीज नमूने देने नहीं आता। इससे औरों में संक्रमण का खतरा रहता है। -डॉ. आरसी पांडे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक
कोरोना के संक्रमण से हुई अभी तक की मौत में ऐसे मरीज ज्यादा रहे, जिनमें मधुमेह, ब्लडप्रेशर, सांस रोग, किडनी समेत अन्य मर्ज से पीड़ित थे। कई बार मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने के कारण भी लक्षण प्रदर्शित नहीं होते हैं। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
ये जरूर करें
- आरोग्य सेतु एप जरूर डाउनलोड करें।
- फल-हरी सब्जी और दालों का भरपूर उपयोग करें।
- हर्बल चाय, गुनगुना पानी और रात को हल्दी मिला दूध जरूर पिएं।
- बेवजह घर से बाहर न जाएं, जरूरी हो तो मास्क लगाएं, एक से डेढ़ मीटर की दूरी से बात करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर जाने से रोकें। उनके खानपान पर ज्यादा ध्यान दें।
कोरोना के संक्रमण से हुई अभी तक की मौत में ऐसे मरीज ज्यादा रहे, जिनमें मधुमेह, ब्लडप्रेशर, सांस रोग, किडनी समेत अन्य मर्ज से पीड़ित थे। कई बार मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने के कारण भी लक्षण प्रदर्शित नहीं होते हैं। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
ये जरूर करें
- आरोग्य सेतु एप जरूर डाउनलोड करें।
- फल-हरी सब्जी और दालों का भरपूर उपयोग करें।
- हर्बल चाय, गुनगुना पानी और रात को हल्दी मिला दूध जरूर पिएं।
- बेवजह घर से बाहर न जाएं, जरूरी हो तो मास्क लगाएं, एक से डेढ़ मीटर की दूरी से बात करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर जाने से रोकें। उनके खानपान पर ज्यादा ध्यान दें।