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महामारी के बीच सरकारी कार्यालयों में ताक पर नियम, सहकारी बैंक की बैठक में उड़ीं 'धज्जियां'
Sat, 27 Jun 2020 10:50 AM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2020 10:50 AM IST
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जिला सहाकारी की मीटिंग में अध्यक्ष व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना महामारी के बचाव के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है। सरकारी दफ्तरों में ही सरकार के नियम नहीं चलते हैं। यहां कर्मचारी न मास्क लगाते हैं और न ही सैनिटाइजर का प्रयोग करते हैं। कोरोना के लिए जारी की गई गाइडलाइन का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को कुछ सरकारी दफ्तरों की पड़ताल की। कलक्ट्रेट स्थित सेवा योजना कार्यालय में सुबह 11 बजे कर्मचारी बिना मास्क लगाए ही बैठे हुए थे। कैमरे का फ्लैश चमकने के बाद भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। इतना ही नहीं कर्मचारियों की टेबिल या प्रवेश द्वारा पर भी सैनिटाइजर भी उपलब्ध नहीं था।
इसी परिसर में स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय का नजारा भी कुछ ऐसा ही था। कार्यालय के गेट पर मौजूद कर्मचारी जहां मास्क नहीं लगाए था तो वहीं कमरे में बैठे कर्मियों के पास भी मास्क नहीं था। दोनों ही कार्यालयों में कोरोना से बचाव के न तो इंतजाम थे और न ही किसी को कोरोना का भय। जिला सहकारी बैंक परिसर स्थित राजकीय बीज भंडार का नजारा तो और भी चौंकाने वाला था। यहां पांच छह लोग एक ही मेज के चारों ओर बैठे हुए थे। उनमें से किसी के भी पास कोई मास्क नहीं था। सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया जा रहा था।
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अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को कुछ सरकारी दफ्तरों की पड़ताल की। कलक्ट्रेट स्थित सेवा योजना कार्यालय में सुबह 11 बजे कर्मचारी बिना मास्क लगाए ही बैठे हुए थे। कैमरे का फ्लैश चमकने के बाद भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। इतना ही नहीं कर्मचारियों की टेबिल या प्रवेश द्वारा पर भी सैनिटाइजर भी उपलब्ध नहीं था।
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इसी परिसर में स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय का नजारा भी कुछ ऐसा ही था। कार्यालय के गेट पर मौजूद कर्मचारी जहां मास्क नहीं लगाए था तो वहीं कमरे में बैठे कर्मियों के पास भी मास्क नहीं था। दोनों ही कार्यालयों में कोरोना से बचाव के न तो इंतजाम थे और न ही किसी को कोरोना का भय। जिला सहकारी बैंक परिसर स्थित राजकीय बीज भंडार का नजारा तो और भी चौंकाने वाला था। यहां पांच छह लोग एक ही मेज के चारों ओर बैठे हुए थे। उनमें से किसी के भी पास कोई मास्क नहीं था। सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया जा रहा था।
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कोरोना संक्रमण फैला तो कौन होगा जिम्मेदार
कार्यालय में सामाजिक दूरी का पालन न करना और मास्क न लगाना कर्मचारियों को महंगा पड़ सकता है। बाहर से आने वाले फरियादियों या अन्य किसी के संपर्क में आने से कोरोना फैलने की आशंका और भी अधिक हो जाती है। ऐसे में सवाल ये है कि अगर संक्रमण फैला तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
जिला सहकारी बैंक
बैठक में सामाजिक दूरी की उड़ी धज्जियां
शुक्रवार को दोपहर जिला सहकारी बैंक के संचालक मंडल की बैठक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राठौर की मौजूदगी में हुई। इसमें अब तक समितियों द्वारा वितरित ऋण के सापेक्ष अब तक की गई वसूली और गेहूं खरीद आदि बिंदुओं पर समीक्षा की गई। लेकिन इस दौरान पूरा संचालक मंडल कोरोना से बचाव के नियम भूल गया।
सत्तारूढ़ दल का अध्यक्ष होने के बाद भी यहां सरकार के नियमों का पालन नहीं किया गया। न तो लोगों के बीच सामाजिक दूरी थी और न ही कोई मास्क लगाए हुए था। पूरी बैठक में यही हाल रहा। कहीं न कहीं ये दृश्य व्यवस्था को आईना को दिखाने के लिए काफी है। संचालक रामप्रकाश चौहान, अनुराग पांडेय, शेरसिंह राठौर, सौरभ राठौर, रामकुमार प्रजापति, कलक्टर सिंह राजपूत, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
कार्यालय में सामाजिक दूरी का पालन न करना और मास्क न लगाना कर्मचारियों को महंगा पड़ सकता है। बाहर से आने वाले फरियादियों या अन्य किसी के संपर्क में आने से कोरोना फैलने की आशंका और भी अधिक हो जाती है। ऐसे में सवाल ये है कि अगर संक्रमण फैला तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
जिला सहकारी बैंक
बैठक में सामाजिक दूरी की उड़ी धज्जियां
शुक्रवार को दोपहर जिला सहकारी बैंक के संचालक मंडल की बैठक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राठौर की मौजूदगी में हुई। इसमें अब तक समितियों द्वारा वितरित ऋण के सापेक्ष अब तक की गई वसूली और गेहूं खरीद आदि बिंदुओं पर समीक्षा की गई। लेकिन इस दौरान पूरा संचालक मंडल कोरोना से बचाव के नियम भूल गया।
सत्तारूढ़ दल का अध्यक्ष होने के बाद भी यहां सरकार के नियमों का पालन नहीं किया गया। न तो लोगों के बीच सामाजिक दूरी थी और न ही कोई मास्क लगाए हुए था। पूरी बैठक में यही हाल रहा। कहीं न कहीं ये दृश्य व्यवस्था को आईना को दिखाने के लिए काफी है। संचालक रामप्रकाश चौहान, अनुराग पांडेय, शेरसिंह राठौर, सौरभ राठौर, रामकुमार प्रजापति, कलक्टर सिंह राजपूत, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
सभी कार्यालय अध्यक्षों को सामाजिक दूरी का पालन कराने और मास्क का प्रयोग करने के लिए आदेश जारी किया गया था। लापरवाही कर्मचारियों के लिए भी खतरा बन सकती है। इसमें सुधार कराया जाएगा। नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।