टीका ही बचाएगा जान: आगरा देहात के गांवों में टीकाकरण का जानिए क्या है हाल, पढ़िए ये खास रिपोर्ट
देहात के 15 ब्लॉक में 62 केंद्रों पर हो रहा टीकाकरण, एक ओर जहां शहर में केंद्रों पर कतार देखी जा सकती है वहीं देहात में अधिकांश केंद्र खाली रहते हैं।
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दूसरी लहर में देहात क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की दर अधिक रही। अब हालात नियंत्रण में हैं लेकिन शहर के मुकाबले देहात क्षेत्र की आबादी में टीकाकरण की दर कम है। पहली डोज के आधार पर तुलना करें तो शहर में करीब 3.25 लाख लोगों ने टीका लगवाया है जबकि देहात के 15 ब्लॉक में 2.16 लाख लोगों ने ही कोरोना से सुरक्षा का कवच पहना है। देहात के 15 ब्लॉक में टीकाकरण में अछनेरा के लोग सबसे आगे है। जैतपुर कलां, पिनाहट ब्लॉक फिसड्डी हैं।
शहर में जहां टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ के कारण लोगों को लौटना पड़ रहा है वहीं देहात के केंद्रों पर कॉलम पूरा नहीं हो पा रहा है। अफवाहों और जागरूकता की कमी टीकाकरण को रफ्तार नहीं पकड़ने दे रही।
देहात के 15 ब्लॉक में करीब 22 लाख आबादी है। 15 ब्लॉक में 62 स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना वैक्सीन लगवाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र पर एक हजार ग्रामीणों के लिए टीके की खुराक उपलब्ध है। जिले में मंगलवार तक 5,40,992 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है।
देहात के ब्लॉकों में युवाओं (18-44 साल उम्र) और बुजुर्गों (45 साल से अधिक उम्र) के टीकाकरण की तुलना करें तो बरौली अहीर में बुजुर्ग वैक्सीन लगवाने में सबसे आगे हैं। यहां 15604 बुुजुर्गों ने टीका लगवाया है। युवाओं के मामले में अछनेरा ही अव्वल है। मंगलवार तक यहां 10220 युवाओं ने टीका लगवाया है। शमसाबाद और पिनाहट में 45 साल से अधिक उम्र के लोेग दूसरी खुराक में पीछे हैं। शमसाबाद में 7529 लोग पहली खुराक ले चुके हैं जबकि सिर्फ 463 लोगों दूसरी खुराक ली है। पिनाहट में 45 साल के 4850 लोग पहली खुराक ले चुके हैं। महज 324 लोगों ने दूसरी खुराक ली है।
ब्लॉक 45 साल से अधिक 18-44 साल
अछनेरा 13949 10220
अकोला 9785 4969
बाह 5771 6948
बरौली अहीर 15604 6281
बिचपुरी 11698 7657
एत्मादपुर 8277 5507
फतेहाबाद 6832 5507
फतेहपुर सीकरी 7864 4557
जगनेर 5349 3753
जैतपुरकलां 4759 3391
खंदौली 5599 4875
खेरागढ़ 8507 4875
पिनाहट 4850 3780
सैंया 7879 5020
शमसाबाद 7529 5077
मौके पर ही होगा पंजीकरण
1.टीकाकरण के लिए पंजीकरण टीकाकरण केंद्र पर हो सकता है। केंद्र पर एक कम्प्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था की है। 18 से 44 साल की उम्र के लोग मौके पर ही पंजीकरण कर स्लॉट बुक कर सकते हैं।
2.ग्रामीण क्षेत्रों में 400 से अधिक जनसुविधा केंद्रों पर टीकाकरण के लिए पंजीकरण निशुल्क है। 45 साल से अधिक उम्र के लोग बिना पंजीकरण कराए सीधे केंद्र पर जाकर टीका लगवा सकते हैं।
3.ग्रामीण अपने गांव में भी टीका लगवा सकते हैं। जिस गांव में 100 ग्रामीण टीका लगवाने के लिए तैयार हो जाएं, उन गांव में ब्लॉक कार्यालय से टीकाकरण के लिए मोबाइल वैन जाएगी और लोगों को टीका लगाया जाएगा।
4. गांवों में लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने के लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, प्रधान, बीडीसी सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है। घर-घर जाकर लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
-जैसा कि मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया
टीके वाला गांव बनेगा मॉडल
जिन गांव में अधिक टीकाकरण होगा उन्हें मॉडल गांव का दर्जा दिया जाएगा। अतिरिक्त विकास कार्य कराए जाएंगे। इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। टीका पूरी तरह सुरक्षित व जरूरी है। अधिक से अधिक लोग टीका लगवाएं। -प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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टीका लगवाने में ही समझदारी
मैंने तो 4 मई को ही कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगवा लिया है। कहीं कोई परेशान नहीं हुई। सभी को इसके लिए प्रेरित भी कर रहा हूं कि वैक्सीन लगवाने में ही समझदारी है। इससे कोई खतरा नहीं है। - राहुल चौधरी, अभैदोपुरा
संक्रमण का खतरा कम होगा
मैंने कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए पहली डोज लगवा ली है। टीके से संक्रमण का खतरा कम रहता है। मन में अब एहसास रहता है कि कोरोना से सुरक्षा कवच मेरे पास है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। - निशा, अरदाया
महत्व समझने लगे हैं लोग
जिस तरह से कोरोना के संक्रमण की दूसरी लहर ने कहर बरपाया है। उससे समझ में आ गया है कि वैक्सीन लगवाकर ही खुद को सुरक्षित किया जा सकता है। खुद वैक्सीन लगवाई है। कोई परेशानी नहीं हुई। - योगेंद्र सिंह, बसैया राजपूत
बचाव का एकमात्र उपाय है
कोरोना से निपटने के लिए वैक्सीन लगवाना ही एकमात्र उपाय है। मैंने टीका लगवा लिया है। अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए भीड़ से साफ है कि लोग भ्रांतियों से धीरे-धीरे बाहर निकल चुके हैं। - नरेश तोमर, ग्रामीण
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