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आगरा में कोरोना: गंभीर बच्चों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत, दिशा-निर्देश जारी
Fri, 21 May 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 21 May 2021 12:05 AM IST
सार
आगरा में कोरोना संक्रमण का असर बच्चों पर देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं इसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमित गंभीर बच्चों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होगी। बाकी का इलाज होम आइसोलेशन में रखकर किया जा सकता है।
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लैब में स्वास्थ्यकर्मी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक जिन बच्चों का आक्सीजन लेवल 90 से नीचे गिरता है, उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए। आगरा के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि बच्चों को स्टेरॉइड देने से मना किया गया है, गंभीर बच्चों को जरूरत पड़ने पर यह दवा देने की अनुमति दी जाएगी।
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रेमडेसिविर, आइवरमेक्टिन, फैवीपिराविर जैसी दवाओं को भी देने से मना किया गया है। जिन बच्चों का आक्सीजन लेवल 90 से कम आता है उन्हें गंभीर निमोनिया, एक्यूट रिसपाइटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, सैप्टिक शाक, मल्टी आर्गन डिस्फक्शन सिंड्रोम जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
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उनको तत्काल किसी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए और जरूरत पड़े तो आईसीयू में शिफ्ट किया जाए। कुछ बच्चे बुखार के साथ पेट दर्द, उल्टी व दस्त की समस्या के आ सकते हैं, उनका भी कोरोना मरीज के तौर पर इलाज किया जाना चाहिए।
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बच्चों का स्टूल टेस्ट कराने पर पुष्ट हो जाएगा कि उन्हें कोरोना है या नहीं। होम आइसोलेशन वाले बच्चों की नियमित निगरानी होनी चाहिए। ज्यादातर बच्चे लक्षणविहीन हो सकते हैं इसलिए उनका इलाज सावधानी से करने की जरूरत है।
बच्चों में हो सकते हैं ये लक्षण
- ज्यादातर बच्चे लक्षणविहीन या हल्के-फुल्के लक्षण वाले होंगे।
- बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सूंघने की क्षमता में कमी आना।
- नाक बहना, मांसपेशियों में तकलीफ, गले में खराश।
- कुछ बच्चों को दस्त, उल्टी और पेट दर्द होना
- कुछ में मल्टी सिस्टम इंफलामेट्री सिंड्रोम होगा।
- ऐसे बच्चों को बुखार 38 सेंटीग्रेड से अधिक होगा।
बच्चों में हो सकते हैं ये लक्षण
- ज्यादातर बच्चे लक्षणविहीन या हल्के-फुल्के लक्षण वाले होंगे।
- बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सूंघने की क्षमता में कमी आना।
- नाक बहना, मांसपेशियों में तकलीफ, गले में खराश।
- कुछ बच्चों को दस्त, उल्टी और पेट दर्द होना
- कुछ में मल्टी सिस्टम इंफलामेट्री सिंड्रोम होगा।
- ऐसे बच्चों को बुखार 38 सेंटीग्रेड से अधिक होगा।