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मरीज को लेकर हॉस्पीटल-दर-हॉस्पीटल भटकते रहे परिजन, नहीं पसीजा किसी का दिल, दम तोड़ा
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मृतक राजेश का फाइल फोटो
- फोटो : TUNDLA
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टूंडला (फिरोजाबाद)। तबियत बिगड़ने पर परिजन सांस रोग से पीड़ित युवक को लेकर फिरोजाबाद से लेकर आगरा तक दौड़ते रहे लेकिन किसी भी अस्पताल ने युवक को भर्ती नहीं किया। उपचार के अभाव में युवक ने दम तोड़ दिया।
थाना टूंडला क्षेत्र के गांव चुल्हावली निवासी राजेश कुमार (42) पुत्र मुन्नालाल जाटव सांस की बीमारी से ग्रसित था। विगत कुछ वर्षों से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे ऑटो से टूंडला लेकर आए। टूंडला में किसी भी चिकित्सक ने उसे नहीं देखा। ऐसे में परजिन उसे एफएच मेडिकल कॉलेज ले गए।
परिजनों का आरोप है कि यहां भी चिकित्सकों ने उसे नहीं देखा तो आगरा ले जाने को कहा। इसके बाद परिजन आनन-फानन में राजेश कुमार को लेकर आगरा भागे। आगरा में भी परिजन युवक का ेलेकर एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल के चक्कर लगाते रहे लेकिन किसी भी अस्पताल में युवक को भर्ती नहीं किया गया। इस पर परिजन थक-हारकर राजेश को लेकर घर लौट आए।
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शुक्रवार रात राजेश की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है यदि हॉस्पिटल में युवक को भर्ती किया जाता तो वह बच सकता था।
इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। न ही इस तरह का कोई मरीज सीएचसी पर लाया गया। यदि कोई गंभीर रोगी आता है तो उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। परिजन निजी अस्पतालों में ले गए होंगे। किसी भी मरीज की हालत गंभीर है तो वह वह सरकारी अस्पताल पहुंचे।
डॉ. संजीव वर्मा
सीएचसी अधीक्षक, टूंडला
फोटो-
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थाना टूंडला क्षेत्र के गांव चुल्हावली निवासी राजेश कुमार (42) पुत्र मुन्नालाल जाटव सांस की बीमारी से ग्रसित था। विगत कुछ वर्षों से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे ऑटो से टूंडला लेकर आए। टूंडला में किसी भी चिकित्सक ने उसे नहीं देखा। ऐसे में परजिन उसे एफएच मेडिकल कॉलेज ले गए।
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परिजनों का आरोप है कि यहां भी चिकित्सकों ने उसे नहीं देखा तो आगरा ले जाने को कहा। इसके बाद परिजन आनन-फानन में राजेश कुमार को लेकर आगरा भागे। आगरा में भी परिजन युवक का ेलेकर एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल के चक्कर लगाते रहे लेकिन किसी भी अस्पताल में युवक को भर्ती नहीं किया गया। इस पर परिजन थक-हारकर राजेश को लेकर घर लौट आए।
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शुक्रवार रात राजेश की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है यदि हॉस्पिटल में युवक को भर्ती किया जाता तो वह बच सकता था।
इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। न ही इस तरह का कोई मरीज सीएचसी पर लाया गया। यदि कोई गंभीर रोगी आता है तो उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। परिजन निजी अस्पतालों में ले गए होंगे। किसी भी मरीज की हालत गंभीर है तो वह वह सरकारी अस्पताल पहुंचे।
डॉ. संजीव वर्मा
सीएचसी अधीक्षक, टूंडला
फोटो-