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पड़ताल: एक भी कोरोना संक्रमित मरीज को 'आयुष्मान' से नहीं मिला इलाज, पढ़िए खास रिपोर्ट

Tue, 01 Jun 2021 09:30 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 01 Jun 2021 09:30 AM IST
सार

आगरा में 8.77 लाख लोग हैं जो आयुष्मान योजना में इलाज के पात्र हैं।  जिनमें 1.72 लाख लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं। जिले में अब तक 25532 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। हैरत की बात है कि एक भी मरीज का किसी निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया गया। 

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Corona Patients Not Got Treatment Under Ayushman Yojna In Agra District
corona virus - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा जिले के किसी भी अस्पताल में एक भी संक्रमित का आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया गया। 14 महीने के संक्रमण काल के दौरान कई मरीजों ने अस्पतालों में भर्ती नहीं करने और सरकारी अस्पतालों में जाने की सलाह देने की शिकायत की, पर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। मरीज कह रहे हैं कि उन्हें भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल कह रहे हैं कि कोई मरीज नहीं आया। जिम्मेदार अफसर कह रहे हैं कि शिकायत नहीं मिली। वहीं लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है कि 25 हजार से अधिक संक्रमितों में से कोई आयुष्मान योजना का लाभार्थी न हो या वह अस्पताल नहीं गया हो।

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गरीबों को समुचित इलाज मिल सके इसके लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर मार्च 2020 में भारत सरकार ने कोरोना महामारी को भी इलाज की सूची में शामिल कर लिया। आगरा जिले में 8.77 लाख लोग हैं जो आयुष्मान योजना में इलाज के पात्र हैं।  जिनमें 1.72 लाख लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं। जिले में अब तक 25532 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। हैरत की बात है कि एक भी मरीज का किसी निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया गया। 
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कोविड अस्पतालों में है सुविधा
जिले में 25 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें 15 से अधिक में आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा है। राम रघु, ब्लॉसम, उपाध्याय, गोयल सिटी, पुरुषोत्तम दास, श्रीकृष्णा, एपेक्स, यशवंत आदि 15 कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित भर्ती हुए। जिनमें किसी कार्डधारक का इलाज नहीं हुआ है।

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Corona Patients Not Got Treatment Under Ayushman Yojna In Agra District
आयुष्मान भारत - फोटो : अमर उजाला
केस-एक
नगद में कराना पड़ा इलाज
देवरी रोड निवासी रामप्रसाद को उनके पुत्र हरीश 27 अप्रैल को सिकंदरा के पास हाईवे स्थित अस्पताल में भर्ती कराने गए। आयुष्मान कार्ड था, अस्पताल ने कार्ड से इलाज करने से मना कर दिया। मजबूरी में नगद इलाज कराया। इलाज का 2.20 लाख रुपये का बिल बना।

केस-दो 
वापस लौटाया मरीज को 
बारह खंबा निवासी बंशी अग्रवाल को सांस की तकलीफ होने पर परिजन 2 मई को देहली गेट स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। गोल्डन कार्ड से इलाज नहीं किया। अस्पताल ने कहा, कोरोना का इलाज आयुष्मान योजना से नहीं होगा। बेड भी खाली नहीं है। एक दिन बाद एसएन अस्पताल में भर्ती हुए।

केस-तीन
एक लाख रुपये जमा कराए
कालिंदी विहार निवासी भूदेवी को बुखार होने पर परिजन 20 अप्रैल को ट्रांसयमुना स्थित कोविड अस्पताल लेकर पहुंचे। आयुष्मान कार्ड दिखाया। अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया। एक लाख रुपये जमा कराने के बाद नगद इलाज किया। 

Corona Patients Not Got Treatment Under Ayushman Yojna In Agra District
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दो नए समेत सात अस्पताल सरेंडर
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि पिछले तीन महीने में चंद्रा हॉस्पिटल और रामरघु ने आयुष्मान योजना के पैनल से हटने के लिए प्रार्थनापत्र दिए हैं। कुल सात अस्पताल नाम वापस ले चुके हैं। अब 42 निजी, 18 स्वास्थ्य केंद्र और एसएन मेडिकल, मानिसक स्वास्थ्य संस्थान, लेडी लॉयल एवं जिला अस्पताल समेत कुल 64 अस्पतालों में ही आयुष्मान कार्ड धारक इलाज करा सकते हैं।

दो साल में 13437 लोगों ने अन्य बीमारियों का कराया इलाज
पिछले 24 महीनों में 13437 लोगों ने विभिन्न बीमारियों का आयुष्मान योजना से इलाज कराया है। परंतु 14 महीने में एक भी कोरोना संक्रमित लाभान्वित नहीं हो सका। जिले में 1.75 लाख परिवारों के 8.77 लाख लोग आयुष्मान भारत योजना में पात्र हैं। जिनमें 1.72 लाख लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं। मार्च 2020 से मई 2021 तक कोरोना काल में 12 लोगों ने लाभ लिया है। इनमें कोरोना संक्रमित एक भी नहीं। 

शासन से होता है भुगतान
आयुष्मान भारत योजना में पहले कोरोना शामिल नहीं था। मार्च 2020 में इसे शामिल किया गया। आयुष्मान कार्डधारकों को 3600 रुपये में आईसीयू बेड और 1800 रुपये प्रति दिन खर्च पर सामान्य बेड अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। पूरा इलाज कैशलेस है। सीएमओ से सत्यापित होकर अस्पतालों के बिलों का शासन से सीधे भुगतान होता है

Corona Patients Not Got Treatment Under Ayushman Yojna In Agra District
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला

भगा देते हैं अस्पताल
निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के पात्रों का इलाज नहीं करते। इनके इलाज में उनकी ज्यादा कमाई नहीं होती। इसलिए मरीजों को गेट से ही भगा देते हैं। - नरोत्तम शर्मा, संयोजक, जन प्रहरी

नहीं आई कोई शिकायत
मरीजों को इलाज नहीं मिलने की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। योजना से जुड़े अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कार्डधारक को लौटा नहीं सकते। - डॉ. पीके शर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत

नहीं आए कार्डधारक
कोविड अस्पतालों में आयुष्मान योजना के कार्डधारक नहीं आए। कोविड से पहले जरूर मरीज आते थे। दो साल से कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ। - राजीव उपाध्याय, उपाध्याय हॉस्पिटल

नहीं मिली कोई शिकायत
आयुष्मान कार्ड धारक को अस्पताल से भगाने या इलाज नहीं करने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी के साथ ऐसा हुआ है तो वह लिखित में अपनी शिकायत दर्ज कराए। - डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ

रद्द करेंगे पंजीकरण
इस तरह के मामलों की जांच कराई जाएगी। शिकायत सही मिलने पर ऐसे अस्पतालों का पंजीकरण रद्द किया जाएगा। कोई अस्पताल आयुष्मान योजना में इलाज से मना नहीं कर सकता। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी

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