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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: जांच में कोरोना निगेटिव और पोर्टल पर दर्शा दिया पॉजिटिव, लोग परेशान
Fri, 18 Dec 2020 08:32 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 18 Dec 2020 08:32 AM IST
सार
- सीएमओ बोले-रोजाना तीन हजार से अधिक जांच रिपोर्ट की फीडिंग
- हो जाती है गलती
- जानकारी पर तत्काल सुधार
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कोरोना वायरस के नमूने लेते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने में लापरवाही बरती जा रही है। जांच में रिपोर्ट निगेटिव है और पोर्टल पर पॉजिटिव दर्शा दी है। इससे लोग परेशान हैं और कंट्रोल रूम में शिकायत भी कर रहे हैं। सप्ताह में ऐसे दो-तीन मामले आ रहे हैं।
केस एक:
आवास विकास कॉलोनी के 32 साल की महिला निजी स्कूल में शिक्षक हैं, स्कूल खुलने से पहले उन्होंने कोरोना की जांच कराई, रिपोर्ट निगेटिव थी। जांच के दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फोन पर पॉजिटिव रिपोर्ट बताकर हालचाल जाना। उन्होंने खुद की रिपोर्ट निगेटिव बताई। फोन नंबर से मिलान करने पर गड़बड़ी पकड़ी, फिर उसे ठीक किया।
केस दो:
दयालबाग में 46 साल के बैंककर्मी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। पोर्टल पर जांच की तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव दर्ज थी। रैपिड रिस्पांस टीम का भी फोन पहुंचा, जब उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में निगेटिव है तो पोर्टल पर कैसे पॉजिटिव आई। उनके फोन नंबर और तारीख से मिलान किया तो रिपोर्ट निगेटिव ही थी। पोर्टल पर गलत दर्ज हो गई थी।
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केस एक:
आवास विकास कॉलोनी के 32 साल की महिला निजी स्कूल में शिक्षक हैं, स्कूल खुलने से पहले उन्होंने कोरोना की जांच कराई, रिपोर्ट निगेटिव थी। जांच के दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फोन पर पॉजिटिव रिपोर्ट बताकर हालचाल जाना। उन्होंने खुद की रिपोर्ट निगेटिव बताई। फोन नंबर से मिलान करने पर गड़बड़ी पकड़ी, फिर उसे ठीक किया।
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केस दो:
दयालबाग में 46 साल के बैंककर्मी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। पोर्टल पर जांच की तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव दर्ज थी। रैपिड रिस्पांस टीम का भी फोन पहुंचा, जब उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में निगेटिव है तो पोर्टल पर कैसे पॉजिटिव आई। उनके फोन नंबर और तारीख से मिलान किया तो रिपोर्ट निगेटिव ही थी। पोर्टल पर गलत दर्ज हो गई थी।
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कोरोना वायरस की जांच के बाद जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाती है। इसमें सप्ताह में एक-दो ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनकी फीडिंग में गलत जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर दी। रैपिड रिस्पांस टीम का हाल जानने के लिए फोन पहुंचने पर लोगों को जानकारी हुई।
जब टीम को लोगों ने अपनी निगेटिव रिपोर्ट दिखाई तब पोर्टल पर त्रुटि को दुरुस्त कराया गया। इसके अलावा फोन नंबर, नाम की स्पेलिंग और पते में भी त्रुटियां मिल रहीं हैं। फोन नंबर नौ डिजिट, नाम और सरनेम भी गलत दर्ज हो रहे हैं।
एक-दो मामलों में ऑपरेटर से गड़बड़ी हो जाती है: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि ऑपरेटर रोजाना लगभग तीन हजार लोगों की कंप्यूटर में फीडिंग कर रहे हैं। ऐसे में एक-दो मामलों में यह गड़बड़ी हो जाती है। जानकारी पर तत्काल सुधार करवा देते हैं। कई बार जांच कराने वाले ही फॉर्म में नाम और पते की स्पेलिंग गलत लिख देते हैं। इससे भी गड़बड़ी हो जाती है।
जब टीम को लोगों ने अपनी निगेटिव रिपोर्ट दिखाई तब पोर्टल पर त्रुटि को दुरुस्त कराया गया। इसके अलावा फोन नंबर, नाम की स्पेलिंग और पते में भी त्रुटियां मिल रहीं हैं। फोन नंबर नौ डिजिट, नाम और सरनेम भी गलत दर्ज हो रहे हैं।
एक-दो मामलों में ऑपरेटर से गड़बड़ी हो जाती है: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि ऑपरेटर रोजाना लगभग तीन हजार लोगों की कंप्यूटर में फीडिंग कर रहे हैं। ऐसे में एक-दो मामलों में यह गड़बड़ी हो जाती है। जानकारी पर तत्काल सुधार करवा देते हैं। कई बार जांच कराने वाले ही फॉर्म में नाम और पते की स्पेलिंग गलत लिख देते हैं। इससे भी गड़बड़ी हो जाती है।