{"_id":"5eb448768ebc3e904b44c465","slug":"corona-kosi-news-agr44085605","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूखे-प्यासे मजदूरों ने किया हंगामा तो चेता प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूखे-प्यासे मजदूरों ने किया हंगामा तो चेता प्रशासन
विज्ञापन
मथुरा। कोसीकलां में मंडी समिति परिसर में ठहरे मजदूर हाईवे की ओर कूच करते हुए।
- फोटो : KOSI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोसीकलां (मथुरा)। बाहरी क्षेत्रों से अपने-अपने घरों को लौट रहे मजदूरों को दो दिन से कोटवन स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज एवं मंडी समिति परिसर में रोका जा रहा है। जिसके चलते सैकड़ों मजदूर सामान के साथ रुके थे। जो बार-बार प्रशासन से उन्हें अपने-अपने गंतव्यों तक पहुंचाने की गुहार लगा रहे थे। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। इससे गुस्साए भूखे-प्यासे मजदूरों ने बृहस्पतिवार को हंगामा किया। हंगामे के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो मजदूरों ने पुलिस की व्यवस्थाओं को धता बताते हुए हाईवे पर आकर गंतव्य स्थान को निकल गए।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए देश भर में लॉकडाउन-3 की भी घोषणा हो चुकी है। लॉकडाउन के चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा समेत अन्य प्रांतों में फंसे पूर्वांचल के मजदूरों की रोजी-रोटी भी छिन गई। वहीं लगातार लॉकडाउन बढ़ने से उनके पास मौजूद जमा-पूंजी भी लगभग समाप्त हो गई। कोई साधन न मिलने से ये मजदूर पैदल और साइकिलों के जरिए किसी तरह कोटवन बॉर्डर तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने इन्हें मंडी समिति और पॉलीटेक्निक कॉलेज रोक दिया, लेकिन समय पर खाना और पानी की व्यवस्था न होने से परेशानी और भी बढ़ गई।
मजदूर लगातार पुलिस-प्रशासन से उन्हें अपने-अपने घरों तक पहुंचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन देर रात तक कोई नतीजा न निकलने से इन्हें कोई राहत नहीं मिली। मथुरा डिपो के स्टेशन इंचार्ज संतोष अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें बसों का इंतजाम करने की कोई सूचना नहीं दी। मजदूरों के हंगामे की सूचना के बाद एसपी ग्रामीण श्रीशचंद देर शाम करीब आठ बजे कोसी पहुंचे और व्यवस्थाओं में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण को देखते हुए देश भर में लॉकडाउन-3 की भी घोषणा हो चुकी है। लॉकडाउन के चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा समेत अन्य प्रांतों में फंसे पूर्वांचल के मजदूरों की रोजी-रोटी भी छिन गई। वहीं लगातार लॉकडाउन बढ़ने से उनके पास मौजूद जमा-पूंजी भी लगभग समाप्त हो गई। कोई साधन न मिलने से ये मजदूर पैदल और साइकिलों के जरिए किसी तरह कोटवन बॉर्डर तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने इन्हें मंडी समिति और पॉलीटेक्निक कॉलेज रोक दिया, लेकिन समय पर खाना और पानी की व्यवस्था न होने से परेशानी और भी बढ़ गई।
विज्ञापन
मजदूर लगातार पुलिस-प्रशासन से उन्हें अपने-अपने घरों तक पहुंचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन देर रात तक कोई नतीजा न निकलने से इन्हें कोई राहत नहीं मिली। मथुरा डिपो के स्टेशन इंचार्ज संतोष अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें बसों का इंतजाम करने की कोई सूचना नहीं दी। मजदूरों के हंगामे की सूचना के बाद एसपी ग्रामीण श्रीशचंद देर शाम करीब आठ बजे कोसी पहुंचे और व्यवस्थाओं में जुट गए।
विज्ञापन