{"_id":"5f47e7848ebc3ea9c32699bb","slug":"corona-kasganj-news-agr4566533141","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पातल में कोरोना मरीजों ने किया खाने का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पातल में कोरोना मरीजों ने किया खाने का बहिष्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। कोरोना अस्पताल में भर्ती संक्रमित मरीजों ने बृहस्पतिवार को गुणवत्ता पर आक्रोश जताते हुए खाना खाने से इनकार कर दिया। मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। शिकायत मिलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं की टीम भी पहुंची। खाने की खराब गुणवत्ता पर टीम ने ऐतराज जताया। सीएमओ ने मरीजों को अच्छी गुणवत्ता का खाना दिए जाने का भरोसा दिया। तत्काल मरीजों को मक्खन ब्रेड भेजे गए। सीएमओ ने खाद्य आपूर्तिकर्ता को नोटिस जारी कर गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर सोरों रोड स्थित कोरोना अस्पताल में खाद्य आपूर्तिकर्ता टीम खाना लेकर वार्डों में पहुंची। यहां मरीजों ने खाने को गुणवत्ताहीन बताया। खाने का बहिष्कार करते हुए आक्रोश जाहिर करने लगे। तत्काल मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकिशोर भी वार्डों में पहुंच गए और यहां उन्होंने स्वयं खाने की गुणवत्ता परखी।
सूचना पर सीएमओ डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव कोरोना अस्पताल पहुंच गईं। यहां सीएमएस ने उन्हें बताया कि रोटी कुछ सख्त थी, सब्जी भी बहुत अच्छी नहीं थी। इधर शिकायत मिलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता सत्येंद्रपाल सिंह बैस, केशव मिश्रा, धर्मेंद्र शर्मा, पराविधिक स्वयंसेवक दिनेश कुमार, सत्यप्रकाश वर्मा की टीम भी अस्पताल पहुंच गई।
विज्ञापन
यहां उन्होंने खाने की गुणवत्ता को परखा और नाराजगी जताई। अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने बताया कि खाने की गुणवत्ता खराब मिली, इसकी रिपोर्ट जिला जज को देंगे। सीएमओ ने तत्काल आपूर्तिकर्ता को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि गुणवत्ता में सुधार लाया जाए अन्यथा अनुबंध खत्म कर दिया जाएगा। उसके बाद आपूर्तिकर्ता ने मरीजों को मक्खन ब्रेड भेजे तब मामला शांत हुआ।
बुधवार को गोरहा में हुआ था हंगामा
खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर बुधवार को गोरहा स्थित कोरोना अस्पताल में भी मरीजों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि अलीगढ़ के कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी ने जिम्मेदारों को कड़ी हिदायत दी और गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए, लेकिन बृहस्पतिवार को मामो स्थित कोरोना अस्पताल में हुए हंगामे ने इस बात का प्रमाण दिया कि कमिश्नर के निर्देशों का कोई असर नहीं हुआ। पूर्व में भी खाने की गुणवत्ता को लेकर हंगामा होता रहा है।
- गुणवत्ताहीन खाने की शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचे। आपूर्तिकर्ता को नोटिस जारी कर दिया गया है और सख्त हिदायत दे दी गई है। संक्रमितों को बताया गया कि यदि वे चाहें तो बंद पैकेट में खाद्य सामग्री बाहर से मंगा सकते हैं। - डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार दोपहर सोरों रोड स्थित कोरोना अस्पताल में खाद्य आपूर्तिकर्ता टीम खाना लेकर वार्डों में पहुंची। यहां मरीजों ने खाने को गुणवत्ताहीन बताया। खाने का बहिष्कार करते हुए आक्रोश जाहिर करने लगे। तत्काल मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकिशोर भी वार्डों में पहुंच गए और यहां उन्होंने स्वयं खाने की गुणवत्ता परखी।
विज्ञापन
सूचना पर सीएमओ डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव कोरोना अस्पताल पहुंच गईं। यहां सीएमएस ने उन्हें बताया कि रोटी कुछ सख्त थी, सब्जी भी बहुत अच्छी नहीं थी। इधर शिकायत मिलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता सत्येंद्रपाल सिंह बैस, केशव मिश्रा, धर्मेंद्र शर्मा, पराविधिक स्वयंसेवक दिनेश कुमार, सत्यप्रकाश वर्मा की टीम भी अस्पताल पहुंच गई।
विज्ञापन
यहां उन्होंने खाने की गुणवत्ता को परखा और नाराजगी जताई। अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने बताया कि खाने की गुणवत्ता खराब मिली, इसकी रिपोर्ट जिला जज को देंगे। सीएमओ ने तत्काल आपूर्तिकर्ता को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि गुणवत्ता में सुधार लाया जाए अन्यथा अनुबंध खत्म कर दिया जाएगा। उसके बाद आपूर्तिकर्ता ने मरीजों को मक्खन ब्रेड भेजे तब मामला शांत हुआ।
बुधवार को गोरहा में हुआ था हंगामा
खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर बुधवार को गोरहा स्थित कोरोना अस्पताल में भी मरीजों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि अलीगढ़ के कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी ने जिम्मेदारों को कड़ी हिदायत दी और गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए, लेकिन बृहस्पतिवार को मामो स्थित कोरोना अस्पताल में हुए हंगामे ने इस बात का प्रमाण दिया कि कमिश्नर के निर्देशों का कोई असर नहीं हुआ। पूर्व में भी खाने की गुणवत्ता को लेकर हंगामा होता रहा है।
- गुणवत्ताहीन खाने की शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचे। आपूर्तिकर्ता को नोटिस जारी कर दिया गया है और सख्त हिदायत दे दी गई है। संक्रमितों को बताया गया कि यदि वे चाहें तो बंद पैकेट में खाद्य सामग्री बाहर से मंगा सकते हैं। - डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।