{"_id":"5f317fb48ebc3e3cac5538da","slug":"corona-infected-prisoner-escaped-from-temporary-jail-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा: दीवार फांदकर अस्थायी जेल से कोरोना संक्रमित बंदी फरार, तलाश में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: दीवार फांदकर अस्थायी जेल से कोरोना संक्रमित बंदी फरार, तलाश में जुटी पुलिस
Tue, 11 Aug 2020 12:30 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 11 Aug 2020 12:30 AM IST
सार
क्वीन विक्टोरिया कॉलेज में बनी अस्थानीय जेल
दीवार फांदकर बाहर निकला बंदी, हुआ गायब
विज्ञापन
अस्थाई जेल से फरार हुआ बंदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र में क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज स्थित अस्थायी जेल से सोमवार सुबह कोरोना पॉजिटिव चोरी का आरोपी फरार हो गया। वो 24 जुलाई को जेल में दाखिल किया गया था। घटना का पता चलने पर पुलिस ने संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक टीम आरोपी की तलाश कर रही है। वो दीवार फांदकर बाहर निकल गया। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी देखे गए हैं।
विज्ञापन
थाना हरीपर्वत पुलिस के मुताबिक, खंदौली के नंदलाल पुर निवासी युवक को चोरी के मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया था। चार अगस्त को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे अस्थायी जेल में भेज दिया। चार अगस्त को ही उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इस पर उसे अस्थायी जेल में बने अलग कमरे में रखा गया था।
विज्ञापन
सोमवार सुबह वो शौच के बहाने कमरे से बाहर निकला। सुरक्षाकर्मियों से बचकर वो दीवार फांदकर बाहर भाग गया। शौच से वापस नहीं आने पर सुरक्षाकर्मियों ने तलाश की। बाद में गिनती की गई तो वो नहीं था। इस पर थाना हरीपर्वत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आसपास तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला।
विज्ञापन
इस मामले में डिप्टी जेलर केपी सिंह ने थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी के गांव में जाकर रिश्तेदारियों और परिचितों से पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बता सके। पुलिस आरोपी बंदी की फोटो से तलाश करने में लगी है। वह किसी और को संक्रमित न कर दे, इसलिए घरवालों को भी उसके संक्रमित होने के बारे में बताया है।
अस्थायी जेल में सुरक्षा पर सवाल
अस्थायी जेल में थानों से आने वाले बंदियों को रखा जाता है। कोरोना टेस्ट निगेटिव वाले बंदियों को 14 दिन बाद जिला जेल में शिफ्ट कर दिया जाता है। रिपोर्ट पॉजटिव आने पर आइसोलेट किया जाता है। एमडी जैन इंटर कॉलेज में बनी जेल से भी तीन बंदियों ने भागने की कोशिश की थी। वह जंगला तोड़ रहे थे, तभी सुरक्षाकर्मियों को पता चल गया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अब क्वीन विक्टोरिया कॉलेज में बनी अस्थायी जेल में जिस जगह पर शौचालय था, वहां दीवार है। इस पर ईंटों के बीच जगह होने के कारण आसानी से चढ़ा जा सकता है। इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इस जेल में एक डिप्टी जेलर, आठ बंदी रक्षक, एक प्लाटून पीएसी और होमगार्ड तैनात हैं। गेट पर पुलिस की ड्यूटी रहती है। इसके बाद भी यहां से बंदी फरार हो गया। इससे सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है
दीवानी से भी भागने का किया था प्रयास
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कोर्ट में पेश होने के बाद दीवानी से भी भागने का प्रयास किया था। पुलिसकर्मियों ने पीछा करके उसको पकड़ा था। हालांकि मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया था। जेल अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
अब क्वीन विक्टोरिया कॉलेज में बनी अस्थायी जेल में जिस जगह पर शौचालय था, वहां दीवार है। इस पर ईंटों के बीच जगह होने के कारण आसानी से चढ़ा जा सकता है। इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इस जेल में एक डिप्टी जेलर, आठ बंदी रक्षक, एक प्लाटून पीएसी और होमगार्ड तैनात हैं। गेट पर पुलिस की ड्यूटी रहती है। इसके बाद भी यहां से बंदी फरार हो गया। इससे सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है
दीवानी से भी भागने का किया था प्रयास
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कोर्ट में पेश होने के बाद दीवानी से भी भागने का प्रयास किया था। पुलिसकर्मियों ने पीछा करके उसको पकड़ा था। हालांकि मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया था। जेल अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई।