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Corona In Agra: 55 दिनों में दोगुनी हो गई संक्रमितों की संख्या, डरावने हैं आंकड़े
Sat, 08 Aug 2020 10:45 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Aug 2020 10:45 AM IST
सार
- पहले 1000 मरीज 101 दिनों में मिले थे, छह अगस्त को 2000 के पार हो गई संख्या
- दूसरे एक हजार मरीजों में मौत की दर घटी, ठीक होने की दर में भी 6% की कमी
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कोरोना वायरस
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की बरसात में कोरोना संक्रमण की दर दुगनी होने की आशंका सही साबित हुई है। आगरा में कोरोना संक्रमण के पहले एक हजार मरीज 101 दिन में मिले थे तो अगले एक हजार मरीज महज 55 दिनों में पाए गए। दूसरे चरण में राहत की बात रही कि मौत का आंकड़ा कम हुआ। मरीजों के ठीक होने की दर जरूर छह फीसदी कम रही।
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कोरोना संक्रमण का पहला मामला दो मार्च को आया था। खंदारी के रहने वाले जूता कारोबारी का पूरा परिवार संक्रमित हो गया था। इनका बेटा इटली की यात्रा करके लौटा था। अप्रैल-मई में मरीज तेजी से बढ़े और 12 जून को नौ मामले मिलने पर संक्रमित मरीजों की संख्या 1008 पहुंच गई। इनमें 840 मरीज ठीक हो चुके थे और 54 मरीजों ने दम तोड़ दिया था। मरीजों के ठीक होने की दर 84.67 फीसदी रही।
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दूसरे चरण की बात करें तो अगले एक हजार कोरोना मरीज 55 दिनों में मिले। छह अगस्त को कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 2001 हो गई। दूसरे चरण में मौत का आंकड़ा कम रहा और संक्रमण से 46 की जान गई। लेकिन, मरीज ठीक होने की दर में भी छह फीसदी कमी आई। इस दौरान 76.06% की दर से कोरोना मरीज ठीक हुए।
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दूसरे चरण में महिलाओं की संख्या बढ़ी
पहले एक हजार संक्रमित मरीजों के मुकाबले दूसरे चरण में महिलाओं की संख्या अधिक रही। पहले 1000 मरीजों में 742 पुरुष और 258 महिलाएं संक्रमित थीं। दूसरे चरण में 717 पुरुष संक्रमित पाए गए, महिलाओं की संख्या 283 रही। इसमें से भी जुलाई में सबसे ज्यादा 211 महिलाएं संक्रमित मिलीं।
दो मार्च: संक्रमण का पहला मरीज
12 जून: संक्रमित मरीज एक हजार के पार
54 की मौत और 840 मरीज संक्रमण से हुए ठीक
15946: लोगों की हुई जांच
दूसरे चरण के 1000 मरीजों की स्थिति
06 अगस्त: संक्रमित मरीजों की संख्या 2001 पहुंची
46 लोगों की हुई मौत, 766 मरीज ठीक हुए
45139: नमूनों की हुई जांच
दो मार्च: संक्रमण का पहला मरीज
12 जून: संक्रमित मरीज एक हजार के पार
54 की मौत और 840 मरीज संक्रमण से हुए ठीक
15946: लोगों की हुई जांच
दूसरे चरण के 1000 मरीजों की स्थिति
06 अगस्त: संक्रमित मरीजों की संख्या 2001 पहुंची
46 लोगों की हुई मौत, 766 मरीज ठीक हुए
45139: नमूनों की हुई जांच
दूसरे चरण में संक्रमण चरम पर था, जांच भी चार गुनी ज्यादा हुई: डॉ. आरसी पांडेय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय का कहना है कि पहले चरण में संक्रमण शुरुआती दौर में था, जांच भी करीब 16 हजार की हुई थी। दूसरे चरण में 61 हजार से अधिक नमूनों की जांच भी हुई, इस दौर में संक्रमण तेजी से बढ़ा। लेकिन मौत कम हुई। लोग सावधानी रखें तो संक्रमण को नियंत्रित कर सकेंगे।
अनलॉक से बढ़े मरीज, बेहतर सेवा से मृत्यु दर में आई कमी: डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि शुरुआत में लॉकडाउन के चलते संक्रमण के एक हजार मामलों में लगभग 100 दिन लगे। बाद में अनलॉक से भी मरीज बढ़े, राहत की बात रही कि मृत्यु दर कम हुई। इसकी वजह गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था भी रही।
अनलॉक से बढ़े मरीज, बेहतर सेवा से मृत्यु दर में आई कमी: डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि शुरुआत में लॉकडाउन के चलते संक्रमण के एक हजार मामलों में लगभग 100 दिन लगे। बाद में अनलॉक से भी मरीज बढ़े, राहत की बात रही कि मृत्यु दर कम हुई। इसकी वजह गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था भी रही।