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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : जागरूकता और टीकाकरण से जिले में जीती गई कोरोना की जंग
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01एमएनपी-29-जिला अस्पताल में टीकाकरण कराया छात्र
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में कोरोना महामारी ने जब पैर पसारना शुरू किया था तो जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती थी। लेकिन जागरूकता और टीकाकरण से जिले ने कोरोना की जंग जीती। वर्तमान में जिला कोरोना विहीन चल रहा है। जिले के लोग कोरोना से बचाव के लिए जागरूक हैं।
कोरोना की पहली लहर से जहां लोग हैरान हुए थे। वहीं, दूसरी लहर ने पूरी तरह से लोगों को भयभीत कर दिया था। जिला प्रशासन और जिले के लोगों के सहयोग से जनपद ने कोरोना महामारी पर जीत हासिल की। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने कोरोना से बचाव के लिए न केवल उपचार और टीकाकरण की व्यवस्थाएं की, बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी कार्य किया। जिले में स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों ने भी जागरूकता कार्यक्रमों में सहयोग किया। जिले में तीन हजार से अधिक जागरूकता शिविर लगाए गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि लोग कोरोना से बचाव के लिए जागरूक हुए। लोगों ने जागरूक होते हुए सभी प्रकार की अफवाहों को छोड़कर बढ़-चढ़कर टीकाकरण कराया।
सभी के सहयोग से जीती कोरोना की जंग
किसी भी बीमारी से बचाव के लिए दवा के साथ ही जागरूकता बहुत जरूरी है। कोरोना से लड़ाई में जिले के लोगों को जागरूक करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अभियान चलाया गया। टीकाकरण और जागरूकता अभियान की बदौलत जिले ने कोरोना की जंग जीती है। आगे भी कोरोना से बचाव के लिए यह जंग जारी रहेगी, जिसमें उम्मीद है कि जिले के लोग पूरा सहयोग प्रदान करेंगे।
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- डॉ. राजीव राय जिला नोडल अधिकारी कोविड-19
कोरोना महामारी के दौरान भोगांव क्षेत्र लोगों के लिए बड़ी शरण स्थली बनी। कोरोना की पहली लहर में जब कोरोना के मरीजों को आइसोलेट करने की जिम्मेदारी आई तो सीएचसी भोगांव को कोविड लेवल एक बनाया गया। यही नहीं, यहां स्थित नवोदय विद्यालय को आइसोलेशन हाउस के रूप में लगभग डेढ़ वर्ष तक स्वास्थ्य विभाग ने अपने कब्जे में रखा। यदि आगे भी भोगांव की टीम को किसी प्रकार की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो बेहतर ढंग से निभाई जाएगी।
डॉ. मोहित चतुर्वेदी, चिकित्साधिकारी सीएचसी भोगांव
कोरोना महामारी के दौरान जिला अस्पताल कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए मुख्य केंद्र रहा। जिला अस्पताल में कोविड लेवल टू हास्पिटल की स्थापना कर यहां लोगों को उपचार दिया गया। जिला अस्पताल प्रशासन को महामारी के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर संक्रमित लोगों को उपचार देना पड़ा। अस्पताल में भर्ती कर 300 से अधिक लोगों की जान बचाई गई।
- डॉ. ऋषि प्रकाश, विशेष कार्य अधिकारी
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कोरोना की पहली लहर से जहां लोग हैरान हुए थे। वहीं, दूसरी लहर ने पूरी तरह से लोगों को भयभीत कर दिया था। जिला प्रशासन और जिले के लोगों के सहयोग से जनपद ने कोरोना महामारी पर जीत हासिल की। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने कोरोना से बचाव के लिए न केवल उपचार और टीकाकरण की व्यवस्थाएं की, बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी कार्य किया। जिले में स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों ने भी जागरूकता कार्यक्रमों में सहयोग किया। जिले में तीन हजार से अधिक जागरूकता शिविर लगाए गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि लोग कोरोना से बचाव के लिए जागरूक हुए। लोगों ने जागरूक होते हुए सभी प्रकार की अफवाहों को छोड़कर बढ़-चढ़कर टीकाकरण कराया।
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सभी के सहयोग से जीती कोरोना की जंग
किसी भी बीमारी से बचाव के लिए दवा के साथ ही जागरूकता बहुत जरूरी है। कोरोना से लड़ाई में जिले के लोगों को जागरूक करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अभियान चलाया गया। टीकाकरण और जागरूकता अभियान की बदौलत जिले ने कोरोना की जंग जीती है। आगे भी कोरोना से बचाव के लिए यह जंग जारी रहेगी, जिसमें उम्मीद है कि जिले के लोग पूरा सहयोग प्रदान करेंगे।
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- डॉ. राजीव राय जिला नोडल अधिकारी कोविड-19
कोरोना महामारी के दौरान भोगांव क्षेत्र लोगों के लिए बड़ी शरण स्थली बनी। कोरोना की पहली लहर में जब कोरोना के मरीजों को आइसोलेट करने की जिम्मेदारी आई तो सीएचसी भोगांव को कोविड लेवल एक बनाया गया। यही नहीं, यहां स्थित नवोदय विद्यालय को आइसोलेशन हाउस के रूप में लगभग डेढ़ वर्ष तक स्वास्थ्य विभाग ने अपने कब्जे में रखा। यदि आगे भी भोगांव की टीम को किसी प्रकार की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो बेहतर ढंग से निभाई जाएगी।
डॉ. मोहित चतुर्वेदी, चिकित्साधिकारी सीएचसी भोगांव
कोरोना महामारी के दौरान जिला अस्पताल कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए मुख्य केंद्र रहा। जिला अस्पताल में कोविड लेवल टू हास्पिटल की स्थापना कर यहां लोगों को उपचार दिया गया। जिला अस्पताल प्रशासन को महामारी के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर संक्रमित लोगों को उपचार देना पड़ा। अस्पताल में भर्ती कर 300 से अधिक लोगों की जान बचाई गई।
- डॉ. ऋषि प्रकाश, विशेष कार्य अधिकारी