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सिपाही ने बिल्डर को पीटा, थाने में बंद कराया
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 20 Jun 2015 02:50 AM IST
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भावना ग्रुप के चेयरमैन भगत सिंह बघेल की कार एक सिपाही की बाइक से क्या टकराई, बवाल हो गया। सिपाही ने अपने बेटे के साथ बिल्डर को कार से खींचकर बुरी तरह पीटा। पेचकस से हमला करके घायल कर दिया। होटल कर्मियों ने बीचबचाव कराया। वे शिकायत लेकर न्यू आगरा थाने पहुंचे तो उन्हें ही हवालात में डाल दिया गया। पुलिस ने बिल्डर की एक नहीं सुनी और सिपाही की तहरीर पर बलवे और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली। बाद में काफी मशक्कत के बाद बिल्डर को थाने से जमानत पर छोड़ा।
खंदारी बाईपास के सर्विस रोड पर भावना ग्रुप का होटल भावना पैलेस है। चेयरमैन भगत सिंह बघेल सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी कार को होटल के सामने पार्क कर रहे थे, तभी पीछे से बाइक पर आ रहे सिपाही देवकीनंदन और उसके बेटे चेतन गौतम की बाइक कार से टकरा गई। शिवपुरी कालोनी निवासी कांस्टेबिल देवकीनंदन, फीरोजाबाद में तैनात है। टक्कर से वह आगबबूला हो गया। उसने भगत सिंह को कार से कालर पकड़कर खींच लिया।
बिल्डर का आरोप है कि इसके बाद अपने बेटे के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दी। चेतन ने पेचकस से गर्दन पर वार किया तो सिपाही ने पत्थर उठाकर मारा। सिपाही ने गाली गलौज की और धमकी दी कि वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा।
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चीखपुकार सुनकर आए दो होटल कर्मचारी और राहगीरों ने उन्हें दोनों के चंगुल से छुड़ाया। सिपाही ने कहा कि थाने चलो, देखता हूं। इस पर वे थाना न्यू आगरा पहुंचे और मारपीट की तहरीर दी। उसका कहना था कि मारपीट उसके साथ की गई है।
भगत सिंह के मुताबिक न्यू आगरा पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें हवालात में डाल दिया। इसके बाद पुलिस ने मनमानी करते हुए सिपाही की तहरीर पर उनके खिलाफ बलवा और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया। तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखा। बाद में बमुश्किल थाने से जमानत दी गई।
गौरतलब है कि इसी तरह के मामले में सात दिन पहले पारलेजी कंपनी के मैनेजर रिंकल श्रीवास्तव पर बाइक सवार छात्रों ने हमला बोलकर घायल किया था। बीच सड़क पर हमला किया था। ट्रैफिक कर्मियों ने उसे बचाया था। इसके बाद भी पुलिस ने इसे महज रोड रेज का मामला बताकर थाने पर समझौता करा दिया था।
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खंदारी बाईपास के सर्विस रोड पर भावना ग्रुप का होटल भावना पैलेस है। चेयरमैन भगत सिंह बघेल सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी कार को होटल के सामने पार्क कर रहे थे, तभी पीछे से बाइक पर आ रहे सिपाही देवकीनंदन और उसके बेटे चेतन गौतम की बाइक कार से टकरा गई। शिवपुरी कालोनी निवासी कांस्टेबिल देवकीनंदन, फीरोजाबाद में तैनात है। टक्कर से वह आगबबूला हो गया। उसने भगत सिंह को कार से कालर पकड़कर खींच लिया।
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बिल्डर का आरोप है कि इसके बाद अपने बेटे के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दी। चेतन ने पेचकस से गर्दन पर वार किया तो सिपाही ने पत्थर उठाकर मारा। सिपाही ने गाली गलौज की और धमकी दी कि वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा।
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चीखपुकार सुनकर आए दो होटल कर्मचारी और राहगीरों ने उन्हें दोनों के चंगुल से छुड़ाया। सिपाही ने कहा कि थाने चलो, देखता हूं। इस पर वे थाना न्यू आगरा पहुंचे और मारपीट की तहरीर दी। उसका कहना था कि मारपीट उसके साथ की गई है।
भगत सिंह के मुताबिक न्यू आगरा पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें हवालात में डाल दिया। इसके बाद पुलिस ने मनमानी करते हुए सिपाही की तहरीर पर उनके खिलाफ बलवा और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया। तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखा। बाद में बमुश्किल थाने से जमानत दी गई।
गौरतलब है कि इसी तरह के मामले में सात दिन पहले पारलेजी कंपनी के मैनेजर रिंकल श्रीवास्तव पर बाइक सवार छात्रों ने हमला बोलकर घायल किया था। बीच सड़क पर हमला किया था। ट्रैफिक कर्मियों ने उसे बचाया था। इसके बाद भी पुलिस ने इसे महज रोड रेज का मामला बताकर थाने पर समझौता करा दिया था।