{"_id":"6410b7d2feb9cb051706c19e","slug":"contract-of-panchayat-assistants-ended-locks-hanging-in-buildings-mainpuri-news-c-25-1-90376-2023-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: पंचायत सहायकों का अनुबंध खत्म, भवनों में लटके ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: पंचायत सहायकों का अनुबंध खत्म, भवनों में लटके ताले
Tue, 14 Mar 2023 11:37 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:37 PM IST
विज्ञापन
मैनपुरी।
ग्राम पंचायतों में बने पंचायत सचिवालयों पर तैनात पंचायत सहायकों का अनुबंध खत्म हो चुका है। इसके बाद ग्राम पंचायतों को अनुबंध का नवीनीकरण या नया चयन करना था। लेकिन चार माह बाद भी ये प्रक्रिया पूरी न होने से पांच सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में कार्य ठप हो गया है। पंचायत भवन में ताला लटका हुआ है, लेकिन इससे किसी को कोई लेना देना नहीं है।
जिले की सभी 549 ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश पर पंचायत भवनों का निर्माण कर उन्हें कार्यालय के रूप में सक्रिय किया गया था। कार्य में कामकाज देखने के लिए सितंबर 2021 में पंचायत सहायकों का चयन भी किया गया था। एक वर्ष के अनुबंध पर उनका चयन किया था। ग्राम पंचायत के अभिलेखीकरण के साथ ही ग्रामीणों से संबंधित कार्यों का संचालन पंचायत सहायक के जिम्मे ही था।
लेकिन अक्तूबर 2022 तक पांच सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक का अनुबंध खत्म हो गया है। इसे बाद पंचायत राज विभाग अनुबंध नवीनीकृत करने या फिर नया चयन करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन लापरवाही के चलते ग्राम पंचायतों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जब पंचायत सहायक के अनुबंध का नवीनीकरण या नया चयन नहीं हुआ तो फिर पंचायत भवन में ताला लटक गया है। बीते चार महीनों से अधिकांश पंचायत भवनों के ताले ही नहीं खुले।
विज्ञापन
परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मनरेगा समेत अन्य कार्यों के लिए पंचायत भवन आने वाले ग्रामीणों को खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। लेकिन न तो ग्राम प्रधानों को इसकी चिंता है और न ही पंचायत राज विभाग को। ऐसे में ग्राम पंचायत में कार्यालय संचालन की मंशा पूर्ण नहीं हो पा रही है।
प्रधान से मनमुटाव के कारण भी आ रही समस्या
ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश पर पहली बार 2021 में पंचायत सहायकों का चयन हुआ था। तब आवेदन प्राप्त कर मेरिट के आधार पर पंचायत सहायक का चयन हुआ था। इसके चलते कई जगह ऐसे पंचायत सहायकों का चयन हुआ जो प्रधान के विपक्षी थे या फिर पहले से उनमें कोई मनमुटाव था। इसी के चलते अब अधिकांश प्रधान उनका नवीनीकरण नहीं करना चाहते हैं। इस आपसी मतभेद के चलते ही पंचायत कार्यालय का संचालन नहीं हो पा रहा है।
सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया था कि वे पंचायत सहायकों का नवीनीकरण या नवीन चयन ग्राम सभा की बैठक में कर लें। ग्राम पंचायतों से जानकारी की जा रही है। जल्द ही पंचायत सहायकों के नवीनीकरण व चयन की कार्रवाई पूर्ण करवाकर कार्यालय का संचालन शुरू कराया जाएगा। - अविनाश चंद, डीपीआरओ
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों में बने पंचायत सचिवालयों पर तैनात पंचायत सहायकों का अनुबंध खत्म हो चुका है। इसके बाद ग्राम पंचायतों को अनुबंध का नवीनीकरण या नया चयन करना था। लेकिन चार माह बाद भी ये प्रक्रिया पूरी न होने से पांच सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में कार्य ठप हो गया है। पंचायत भवन में ताला लटका हुआ है, लेकिन इससे किसी को कोई लेना देना नहीं है।
जिले की सभी 549 ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश पर पंचायत भवनों का निर्माण कर उन्हें कार्यालय के रूप में सक्रिय किया गया था। कार्य में कामकाज देखने के लिए सितंबर 2021 में पंचायत सहायकों का चयन भी किया गया था। एक वर्ष के अनुबंध पर उनका चयन किया था। ग्राम पंचायत के अभिलेखीकरण के साथ ही ग्रामीणों से संबंधित कार्यों का संचालन पंचायत सहायक के जिम्मे ही था।
विज्ञापन
लेकिन अक्तूबर 2022 तक पांच सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक का अनुबंध खत्म हो गया है। इसे बाद पंचायत राज विभाग अनुबंध नवीनीकृत करने या फिर नया चयन करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन लापरवाही के चलते ग्राम पंचायतों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जब पंचायत सहायक के अनुबंध का नवीनीकरण या नया चयन नहीं हुआ तो फिर पंचायत भवन में ताला लटक गया है। बीते चार महीनों से अधिकांश पंचायत भवनों के ताले ही नहीं खुले।
विज्ञापन
परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मनरेगा समेत अन्य कार्यों के लिए पंचायत भवन आने वाले ग्रामीणों को खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। लेकिन न तो ग्राम प्रधानों को इसकी चिंता है और न ही पंचायत राज विभाग को। ऐसे में ग्राम पंचायत में कार्यालय संचालन की मंशा पूर्ण नहीं हो पा रही है।
प्रधान से मनमुटाव के कारण भी आ रही समस्या
ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश पर पहली बार 2021 में पंचायत सहायकों का चयन हुआ था। तब आवेदन प्राप्त कर मेरिट के आधार पर पंचायत सहायक का चयन हुआ था। इसके चलते कई जगह ऐसे पंचायत सहायकों का चयन हुआ जो प्रधान के विपक्षी थे या फिर पहले से उनमें कोई मनमुटाव था। इसी के चलते अब अधिकांश प्रधान उनका नवीनीकरण नहीं करना चाहते हैं। इस आपसी मतभेद के चलते ही पंचायत कार्यालय का संचालन नहीं हो पा रहा है।
सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया था कि वे पंचायत सहायकों का नवीनीकरण या नवीन चयन ग्राम सभा की बैठक में कर लें। ग्राम पंचायतों से जानकारी की जा रही है। जल्द ही पंचायत सहायकों के नवीनीकरण व चयन की कार्रवाई पूर्ण करवाकर कार्यालय का संचालन शुरू कराया जाएगा। - अविनाश चंद, डीपीआरओ