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आगरा में तेल का 'खेल': सड़क पर रोडवेज बस चली नहीं, 80 लीटर डीजल हो गया खर्च
Sun, 16 Oct 2022 06:10 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 16 Oct 2022 06:10 AM IST
सार
आगरा फोर्ट डिपो की बस के चालक ने तेल में खेल कर दिया। उसने रास्ते में डीजल बेच दिया। जांच में मामला खुला तो चालक की संविदा समाप्त कर दी गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा फोर्ट डिपो में डीजल चोरी का खेल चल रहा है। जसवंत नगर से आगरा फोर्ट डिपो की बस को खींचकर लाए जाने के दौरान उसमें 80 लीटर डीजल कम हो गया। जांच की गई तो पता चला कि संविदा चालक ने साथियों के साथ मिलकर रास्ते में डीजल बेच दिया। इस मामले में आगरा फोर्ट के एआरएम ने चालक की संविदा समाप्त कर दी है।
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घटना नौ अक्तूबर की है। कानपुर के नजदीक आगरा फोर्ट डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसे जसवंत नगर से खींचकर लाने के लिए फोर्ट डिपो से रैकर गाड़ी भेजी गई थी। बस पर संविदा चालक जितेंद्र सिंह तैनात थे। बस को जब डिपो में लाया गया तो 170 लीटर डीजल की खपत बताई गई, जबकि बस को खींचकर लाया गया था। बिना इंजन चले डीजल की खपत नहीं हो सकती है।
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शक होने पर डीजल चोरी की जांच की गई। गाड़ी के साथ गए कर्मचारियों के बयान लिए तो उन्होंने रास्ते में डीजल बेचे जाने का खुलासा किया। जांच के बाद चालक जितेंद्र सिंह की प्रतिभूति धनराशि से डीजल के 7200 रुपये समायोजित करके उसकी संविदा को खत्म की गई है। एआरएम फोर्ट जयकरन सिंह ने बताया कि चालक ने साथियों के साथ मिलकर डीजल चोरी की थी। जांच के बाद उसे हटाया गया है।
पहले भी पकड़ा गया घपला
आगरा फोर्ट डिपो में पिछले दिनों 50 हजार रुपये से ज्यादा के डीजल का घपला पकड़ा गया था। आरोप है कि तब इस मामले को रोडवेज अधिकारियों ने दबा दिया। लीपापोती के बाद डिपो के प्रभारी के वेतन से कटौती की जा रही है। संविदा के चालकों का कहना है कि डीजल चोरी में विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत रहती है।