फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Consuming abortion drugs without consulting a doctor 12 percent of women are seeing its side effects

Exclusive: डॉक्टर से पूछे बिना गर्भपात की दवाएं खाने पर हो गया ये हाल, अब झेल रहीं दर्द

Sun, 14 Aug 2022 08:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 14 Aug 2022 08:09 AM IST
सार

गर्भपात की दवाएं डॉक्टर से पूछे बिना खाने से 12 फीसदी महिलाओं में इसके दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। 3 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन तक की समस्या आ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की स्टडी में ये दावा किया गया है।

विज्ञापन
Consuming abortion drugs without consulting a doctor 12 percent of women are seeing its side effects
गर्भपात

विस्तार

अनचाहा गर्भ ठहरने पर न तो डॉक्टर को दिखाया और न ही डॉक्टर से सलाह ली। सहेली के कहने पर मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगाकर खा ली। अब इसके दुष्प्रभाव से महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत हो रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की स्टडी के मुताबिक ऐसी तीन फीसदी महिलाएं बांझपन का दर्द झेल रही हैं और 12 फीसदी महिलाओं में दुष्प्रभाव है। 

विज्ञापन


स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह ने बताया कि 62 फीसदी महिलाएं बिना चिकित्सक के परामर्श के गर्भपात की दवाएं खा रही हैं। बीते 12 महीने में 6852 महिलाओं ने गर्भपात की दवाएं खाईं। गलत ढंग से दवाएं खाने से 12 फीसदी में दुष्प्रभाव सामने आए। इनमें अत्यधिक रक्तस्राव, एक से डेढ़ महीने तक रक्तस्राव, शत प्रतिशत भ्रूण बाहर न आना, लंबे समय तक रक्तस्राव से संक्रमण की परेशानी मिली। पूछताछ में पता चला कि गर्भ गिराने के लिए अधिकांश ने दो-तीन बार दवाओं का इस्तेमाल किया। इनमें से चार फीसदी की हालत गंभीर मिली और अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। तीन फीसदी महिलाओं की जांच में संक्रमण से ट्यूब्स बंद मिले, जिससे मां बनने का सुख प्राप्त नहीं हुआ। 

विज्ञापन

बच्चेदानी में संक्रमण और एनमिक भी

वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा शर्मा ने बताया कि गर्भपात की दवाएं सही तरीके से या पूरी नहीं खाई। 30-40 दिन तक रक्तस्राव होने पर भी डॉक्टर को नहीं दिखाया। इससे बच्चेदानी में संक्रमण तो हुआ ही, खून की कमी भी हो गई। रक्तचाप और हृदय गति भी प्रभावित हुई। इनमें निमभन वर्ग की महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बिगड़ने पर ऑपरेशन भी करने पड़ते  

एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि दवाओं को सही तरीके से न खाने से कई बार बच्चेदानी में कुछ मांस के टुकडे़ रह जाते हैं। इससे हालत खराब होने पर अल्ट्रासाउंड कराने के बाद इनका ऑपरेशन कर इसे निकाला जाता है। ऐसे मरीजों में से कई की हालत भी गंभीर मिलती है। मरीज को रक्त भी चढ़ाना पड़ता है। 

इनका रखें ख्याल: 

- अनचाहे गर्भ से बचने के लिए परिवार नियोजन अपनाना बेहतर। 
- गर्भपात की दवा खानी है तो चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें।
- अनचाहा गर्भ गिराने के लिए बार-बार गर्भपात की दवाएं न खाएं। 
- रक्तस्राव बंद न हो तो बिना देर किए चिकित्सक के पास जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed