फिरोजाबाद से चकबंदी कानूनगो अगवा: '10 लाख रुपये लेकर आओ और अपने पिता को ले जाओ'
चकबंदी कानूनगो के पुत्र की सूचना पर पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया। उन्होंने पूर्व मकान मालिक पर अपहरण का आरोप लगाया है।
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इटावा के भर्थना में तैनात चकबंदी कानूनगो को गुरुवार को पूर्व में रहे मकान मालिक ने ओवरब्रिज से अगवा कर घर ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। उसने कानून गो के फोन से ही उनके पुत्र को फोन कराया और उससे दस लाख रुपये की मांग की। कानूनगो के पुत्र ने थाने में तहरीर दी है। इसके बाद पुलिस ने चकबंदी कानूनगो को मुक्त कराया।
टूंडला निवासी चोब सिंह र्थना (इटावा) में चकबंदी कानूनगो के पद पर तैनात हैं। गुरुवार को वह अपनी बाइक से भर्थना के लिए जा रहे थे। आरोप है कि जब उनकी बाइक शिकोहाबाद सुभाष तिराहे पर ओवरब्रिज पर थी, तभी उन्हें हरेंद्र मिला। चोब सिंह पूर्व में हरेंद्र के मकान में किराये पर रह चुके हैं। वह उनको जबरन अपने साथ घर ले गया।
फोन कर 10 लाख रुपये मांगे
कानूनगो का आरोप है कि वहां जाकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। दोपहर एक बजे उनके ही फोन से बेटे को फोन कराया और दस लाख रुपये की मांग की। कानूनगो के बेटा रविंद्र सिंह का कहना है कि उससे फोन पर कहा गया कि तेरे पिता हमारे पास हैं। दस लाख रुपये लाओ और अपने पिता को ले जाओ। इसके बाद वह अपने दो अन्य साथियों के साथ हरेंद्र के यहां पहुंचा।
काफी देर बैठने के बाद भी जब उसे पिता नहीं मिलाया गया तब उसने थाने में तहरीर दी। इस पर पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने मकान स्वामी को चेताया। इसके बाद उसने चकबंदी कानूनगो को छोड़ दिया। बाद में बाप-बेटा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह है मामला
वर्ष 2012 से 2014 तक चोब सिंह हरेंद्र के मकान में किराये पर रहे थे। इसके बाद वह टूंडला चले गए लेकिन उनका सामान हरेंद्र के मकान में बने कमरे में ही रखा हुआ था। इसको लेकर हरेंद्र किराये के रुपये मांगता था।
चोब सिंह का आरोप है कि हरेंद्र ने उनसे कई बार रुपये जबरन छीन लिए थे। इतना ही नहीं वर्ष 2014 में ही उसने कमरे की चाबी ले ली थी। अब वह जबरन उनसे किराया वसूल कर रहा है। इसी को लेकर गुरुवार को कमरे में बंद रखा।
सीओ शिकोहाबाद राजवीर सिंह ने बताया कि यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का कोई मामला है तो उसकी जानकारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी।