{"_id":"61dd125de8f08f76072c08b4","slug":"congress-party-won-eight-seast-in-152-up-vidhansabha-elections","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यादों के झरोखों से: 1952 विधानसभा चुनाव में चली थी कांग्रेस की आंधी, आगरा में सभी सीटों पर मिली थी जीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यादों के झरोखों से: 1952 विधानसभा चुनाव में चली थी कांग्रेस की आंधी, आगरा में सभी सीटों पर मिली थी जीत
Tue, 11 Jan 2022 10:45 AM IST
Abhishek Saxena
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 11 Jan 2022 10:45 AM IST
सार
किरावली सीट पर 35,755 मतदाताओं ने वोट डाला था। तब यहां 49.80 फीसदी वोट पड़े और सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार चिंतामणि महज 4298 वोट ही हासिल कर पाए थे, जबकि विजेता रमेश वर्मा को 12672 वोट मिले थे। अब इस सीट का नाम बदलकर फतेहपुर सीकरी हो गया है।
विज्ञापन
कांग्रेस
- फोटो : Twitter/@INCIndia
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ठीक 70 साल पहले आजादी के बाद आगरा के मतदाताओं ने पहली बार 1952 में वोट डालकर अपना जनप्रतिनिधि चुना। आजादी के पांच साल बाद 28 मार्च 1952 को हुए मतदान में कांग्रेस की आंधी चली और आगरा जिले की आठ की आठ सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीते। तब फिरोजाबाद आगरा जिले का ही हिस्सा था, जहां पूरे जिले में सबसे ज्यादा मतदान हुआ। पूरे जिले में बाकी सात सीटों पर जहां 49 फीसदी तक मतदान हुआ, वहां एत्मादपुर कम आगरा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए 70 साल पहले 77.85 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया। भारतीय जनसंघ और सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी आजादी के बाद के पहले चुनाव में जिले में कहीं भी टक्कर नहीं दे पाए।
62 फीसदी वोट पाकर बाबूलाल मीतल बने थे विधायक
1947 में देश की आजादी के पांच साल बाद जब उत्तर प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव 1952 में हुए तो पूरे सूबे में ही कांग्रेस की आंधी चली। इस आंधी के साथ आगरा भी बह गया। पहले ही विधानसभा चुनाव में आगरा जिले की आठ सीटों पर कांग्रेस काबिज रही। इस विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा आगरा सिटी नार्थ के विधायक बाबू लाल मीतल को 62.30 फीसदी वोट मिले थे। फिरोजाबाद कम फतेहाबाद के गंगाधर सबसे कम 19.05 फीसदी वोट पाकर विधायक बन गए थे। सभी 8 सीटों पर कुल 76 प्रत्याशियों ने तब चुनाव लड़ा था, जिनमें से सबसे ज्यादा 18 प्रत्याशी फिरोजाबाद कम फतेहाबाद विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरे थे। सबसे कम पांच प्रत्याशी बाह क्षेत्र में थे। सबसे कम मतदान भी बाह में ही हुआ था।
विज्ञापन
62 फीसदी वोट पाकर बाबूलाल मीतल बने थे विधायक
1947 में देश की आजादी के पांच साल बाद जब उत्तर प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव 1952 में हुए तो पूरे सूबे में ही कांग्रेस की आंधी चली। इस आंधी के साथ आगरा भी बह गया। पहले ही विधानसभा चुनाव में आगरा जिले की आठ सीटों पर कांग्रेस काबिज रही। इस विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा आगरा सिटी नार्थ के विधायक बाबू लाल मीतल को 62.30 फीसदी वोट मिले थे। फिरोजाबाद कम फतेहाबाद के गंगाधर सबसे कम 19.05 फीसदी वोट पाकर विधायक बन गए थे। सभी 8 सीटों पर कुल 76 प्रत्याशियों ने तब चुनाव लड़ा था, जिनमें से सबसे ज्यादा 18 प्रत्याशी फिरोजाबाद कम फतेहाबाद विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरे थे। सबसे कम पांच प्रत्याशी बाह क्षेत्र में थे। सबसे कम मतदान भी बाह में ही हुआ था।
विज्ञापन
किरावली सीट के पहले, आखिरी विधायक रहे रमेश वर्मा
1952 से शुरू हुए उत्तर प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक किरावली सीट ऐसी रही, जो सिर्फ इसी चुनाव में अस्तित्व में रह पाई। इसके पहले और आखिरी विधायक रमेश वर्मा रहे जो कांग्रेस से चुने गए थे। किरावली सीट पर 35,755 मतदाताओं ने वोट डाला था। तब यहां 49.80 फीसदी वोट पड़े और सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार चिंतामणि महज 4298 वोट ही हासिल कर पाए थे, जबकि विजेता रमेश वर्मा को 12672 वोट मिले थे। उन्हें कुल मतदान का 35.44 फीसदी वोट हासिल हुआ था। इस चुनाव के बाद किरावली सीट का नाम बदलकर फतेहपुर सीकरी हो गया। तब इस क्षेत्र से 9 प्रत्याशियों ने दांव आजमाया था।
आजादी बाद के पहले चुनाव का परिणाम
विधानसभा विजेता वोट दल निकट प्रतिद्वंद्वी वोट दल
किरावली रमेश वर्मा 12,672 कांग्रेस चिंतामणि 4298 सोशलिस्ट पार्टी
खेरागढ़ जगन प्रसाद रावत 13,373 कांग्रेस हाकिम सिंह 8299 निर्दलीय
आगरा सिटी नॉर्थ बाबूलाल मीतल 25,612 कांग्रेस कन्हैयालाल 9000 भारतीय जनसंघ
आगरा सिटी वेस्ट सीपी महाजन 21,399 कांग्रेस गोपीचंद पिपल 9339 निर्दलीय
आगरा देवकी नंदन 14,235 कांग्रेस तुलसीराम 2679 निर्दलीय
एत्मादपुर, आगरा ईस्ट उल्फत सिंह चौहान 23,884 कांग्रेस पुत्तूलाल 20,432 आईएनसी
फिरोजाबाद कम फतेहाबाद गंगाधर 25,007 कांग्रेस इसरार उल हक 24,357 आईएनसी
बाह शंभू नाथ 15,632 कांग्रेस दीवान गोकर्ण सिंह 12,155 निर्दलीय
1952 से शुरू हुए उत्तर प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक किरावली सीट ऐसी रही, जो सिर्फ इसी चुनाव में अस्तित्व में रह पाई। इसके पहले और आखिरी विधायक रमेश वर्मा रहे जो कांग्रेस से चुने गए थे। किरावली सीट पर 35,755 मतदाताओं ने वोट डाला था। तब यहां 49.80 फीसदी वोट पड़े और सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार चिंतामणि महज 4298 वोट ही हासिल कर पाए थे, जबकि विजेता रमेश वर्मा को 12672 वोट मिले थे। उन्हें कुल मतदान का 35.44 फीसदी वोट हासिल हुआ था। इस चुनाव के बाद किरावली सीट का नाम बदलकर फतेहपुर सीकरी हो गया। तब इस क्षेत्र से 9 प्रत्याशियों ने दांव आजमाया था।
आजादी बाद के पहले चुनाव का परिणाम
विधानसभा विजेता वोट दल निकट प्रतिद्वंद्वी वोट दल
किरावली रमेश वर्मा 12,672 कांग्रेस चिंतामणि 4298 सोशलिस्ट पार्टी
खेरागढ़ जगन प्रसाद रावत 13,373 कांग्रेस हाकिम सिंह 8299 निर्दलीय
आगरा सिटी नॉर्थ बाबूलाल मीतल 25,612 कांग्रेस कन्हैयालाल 9000 भारतीय जनसंघ
आगरा सिटी वेस्ट सीपी महाजन 21,399 कांग्रेस गोपीचंद पिपल 9339 निर्दलीय
आगरा देवकी नंदन 14,235 कांग्रेस तुलसीराम 2679 निर्दलीय
एत्मादपुर, आगरा ईस्ट उल्फत सिंह चौहान 23,884 कांग्रेस पुत्तूलाल 20,432 आईएनसी
फिरोजाबाद कम फतेहाबाद गंगाधर 25,007 कांग्रेस इसरार उल हक 24,357 आईएनसी
बाह शंभू नाथ 15,632 कांग्रेस दीवान गोकर्ण सिंह 12,155 निर्दलीय