{"_id":"62a409acd8e2a2fce0154e90965ebcd4","slug":"congent-twins-make-surprise-everbody-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेट से चिपकी बच्चियां बनीं कौतूहल का विषय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेट से चिपकी बच्चियां बनीं कौतूहल का विषय
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Fri, 05 Feb 2016 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयदेवी हास्पिटल में जन्मीं पेट से चिपकी (कन्जॉइंड ट्विन्स) बच्चियां कौतूहल का विषय बनी रहीं। सोशल मीडिया पर बच्चियों की फोटो अपलोड होते ही सब ओर चर्चा होने लगी। हास्पिटल में भी बच्चियों को देखने के लिए प्रसूता के रिश्तेदारों का जमघट लग गया।
बता दें कि सिरसागंज निवासी प्रदीप कुमार की पत्नी मोहिनी का बुधवार की शाम आपरेशन से प्रसव हुआ। उसने पेट से चिपकी (कन्जॉइंड ट्विन्स) बच्चियों को जन्म दिया। आपरेशन करने वाली डा. शशि गुप्ता ने बताया कि सिरसागंज की डा. ममता मोटवानी ने अल्ट्रासाउंड देख उन्हें भ्रूण की स्थिति बता दी थी। इन बच्चियों को आपरेशन द्वारा सामान्य स्थिति में लाया जा सकता है। इस आपरेशन के लिए परिवारीजनों ने आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने की बात कही है। हालांकि कुछ सामाजिक संस्थाओं ने मदद का भरोसा दिलाया है।
मजदूरी करते हैं, कैसे कराएं आपरेशन
- प्रदीप का कहना है कि मजदूरी करता हूं। दो छोटी बहनों की शादी की है। इसमें जमा पूंजी भी खर्च हो गई। महीने में चार-पांच हजार ही कमा पाता हूं। आपरेशन के लिए पैसा कहां से लाएं। बच्चियों के दादा कालीचरण कहते हैं जैसी भगवान की मर्जी, अगर कोई आपरेशन में मदद नहीं करता तो जैसे-तैसे पाल लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि सिरसागंज निवासी प्रदीप कुमार की पत्नी मोहिनी का बुधवार की शाम आपरेशन से प्रसव हुआ। उसने पेट से चिपकी (कन्जॉइंड ट्विन्स) बच्चियों को जन्म दिया। आपरेशन करने वाली डा. शशि गुप्ता ने बताया कि सिरसागंज की डा. ममता मोटवानी ने अल्ट्रासाउंड देख उन्हें भ्रूण की स्थिति बता दी थी। इन बच्चियों को आपरेशन द्वारा सामान्य स्थिति में लाया जा सकता है। इस आपरेशन के लिए परिवारीजनों ने आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने की बात कही है। हालांकि कुछ सामाजिक संस्थाओं ने मदद का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
मजदूरी करते हैं, कैसे कराएं आपरेशन
- प्रदीप का कहना है कि मजदूरी करता हूं। दो छोटी बहनों की शादी की है। इसमें जमा पूंजी भी खर्च हो गई। महीने में चार-पांच हजार ही कमा पाता हूं। आपरेशन के लिए पैसा कहां से लाएं। बच्चियों के दादा कालीचरण कहते हैं जैसी भगवान की मर्जी, अगर कोई आपरेशन में मदद नहीं करता तो जैसे-तैसे पाल लेंगे।
विज्ञापन