गोशाला का हाल: पानी में कीड़े, सूखा भूसा..., कैसे न हों गोवंश बीमार
कौलारा कला गोशाला में 640 गोवंश हैं, जिसमें 423 गाय और 217 नंदी हैं। गर्मी में बीमार गाय हांफ रही थी। नाद में सूखा भूसा पड़ा था। टिनशेड में लगे पंखे खराब थे। पशुओं के लिए न हरा चारा था न खली और न ही चोकर।
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पानी में कीड़े... सूखा भूसा... और बीमार गोवंश। सफाई और उचित देखभाल भी नहीं। ऐसी दशा में गोवंश कैसे न बीमार हों। ये हाल है फतेहाबाद रोड स्थित कौलारा कला गोशाला का। जहां 640 गोवंश के लिए पीने का साफ पानी भी नहीं है। जिस पानी को गोवंश पी रहे थे, उसमें कीड़े थे। यहां सूखे भूसे व देखभाल के अभाव में आठ गोवंश बीमार हैं।
सोमवार को अमर उजाला टीम पशुपालन विभाग की फतेहाबाद स्थित कौलारा कला गोशाला पहुंची। पड़ताल में चौंकाने वाली हकीकत दिखी। यहां 640 गोवंश हैं। जिसमें 423 गाय और 217 नंदी हैं। गर्मी में बीमार गाय हांफ रही थी। नाद में सूखा भूसा पड़ा था। टिनशेड में लगे पंखे खराब थे। पशुओं के लिए न हरा चारा था न खली और न ही चोकर। जहां गोवंश बंधता है वहां सफाई नहीं थी। बीमार गोवंश के बावजूद यहां चिकित्सक नहीं दिखे। टीम के पहुंचने पर गोशालाकर्मी ने फोन कर पशु चिकित्सक भूपेंद्र सिंह को बुलाया। इस संबंध में एसडीएम फतेहाबाद जेपी सिंह का कहना है कि गोशाला का निरीक्षण कराया जाएगा। जांच में कमियां मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
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खारा है पानी
गोशाला संचालक अतुल सिरोही ने बताया कि टंकियों की सफाई हर हफ्ते कराते हैं। खारा पानी की समस्या है। सबमर्सिबल से भी मिट्टी निकलती है। जिससे पानी गंदा हो जाता है। टिन शेड निर्माण के दौरान केबल कट गई। जिसके कारण पंखे बंद हैं।
,मजदूर धोेते हैं तसले, कपड़े
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी लोधी ने बताया कि गोशाला में निर्माण चल रहा है। मजदूर पशुओं के पानी के टैंक में गंदे तसले, कपड़े आदि धोते हैं। इससे पानी गंदा हो जाता है। ठेकेदार को हिदायत दी गई है। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई करेंगे।