आगरा: शहर के नामी बाल रोग विशेषज्ञ सहित पांच चिकित्सकों के खिलाफ परिवाद दर्ज के आदेश, जानें क्या है मामला
फिरोजाबाद के शिक्षक ने दो महीने की बेटी के इलाज में गलत जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर इलाज करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली थी।
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सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह ने धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप में शहर के पांच चिकित्सकों के खिलाफ प्रस्तुत प्रार्थना को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश किए हैं। वादी के बयान के लिए पत्रावली पर 21 मार्च की तिथि नियत की है।
सर्दी-बुखार की थी शिकायत
फिरोजाबाद के सुहाग नगर निवासी प्रवेंद्र यादव सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं। उन्होंने अधिवक्ता राममोहन उपाध्याय के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि उनकी दो महीने की बेटी को सात सितंबर 2021 को आगरा के कमला नगर में डॉ. अतुल गोयल को दिखाया था। बेटी को सर्दी-बुखार की शिकायत थी।
सरकार नर्सिंग होम में कराया भर्ती
डॉ. अतुल गोयल ने बेटी की तबीयत ज्यादा खराब होने के बारे में बताकर हरीपर्वत स्थित सरकार नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। इस दौरान डॉ. सुनील कुलश्रेष्ठ और डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने भी विजिट की। कई जांच भी कराई गईं। मगर, बेटी की हालत में सुधार नहीं हुआ। उनसे सभी खर्च भी लिए गए। 09 सितंबर 2021 को जांच रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सकों ने स्क्रब टाइफस बीमारी से ग्रसित बताकर बेटी को डिस्चार्ज कर दिया।
फिर दिल्ली में कराया इलाज
इस पर प्रवेंद्र बेटी को दिल्ली के अस्पताल में ले गए, जहां बमुश्किल एक अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। दूसरे दिन डाक्टर ने जांच कराई। इसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद इलाज कराया गया। उसकी हालत में सुधार हो गया। आगरा आने पर उन्होंने डॉ. सुनील कुलश्रेष्ठ से गलत रिपोर्ट के बारे में बात की। आरोप है कि उन्होंने उनकी एक नहीं सुनी। प्रवेंद्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
पांच चिकित्सकों पर लगाए आरोप
प्रवेंद्र यादव ने नवंबर 2021 में सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह की कोर्ट में दिल्ली गेट स्थित सरकार नर्सिंग होम के संचालक डॉ. वरुण सरकार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी, डॉ. अतुल गोयल, डॉ. सुनील कुलश्रेष्ठ और साइंटिफिक पैथलॉजी के संचालक डॉ. अशोक शर्मा के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं।
ये बोले लैब संचालक
साइंटिफिक लैब के संचालक डॉ. अशोक शर्मा का का कहना है कि स्क्रीनिंग टेस्ट की रिपोर्ट पाजीटिव आई थी। दिल्ली में क्या जांच की गई, इसकी जानकारी नहीं है। हमारी लैब में बेहतर जांच की गई।
बाल रोग विशेषज्ञ ने क्या कहा ?
वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी का कहना है कि अस्पताल के पैनल में शामिल था। जांच रिपोर्ट के आधार पर बच्चे का इलाज किया गया था। परिजन बाद में बच्ची को रेफर कराकर ले गए थे।