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चेंबर: नरेंद्र और अशोक गोयल में सीधा मुकाबला
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:24 AM IST
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नेशनल चेंबर चुनाव में अध्यक्ष पद पर अब केवल दो दावेदार ही आमने-सामने होंगे। नरेंद्र सिंह और अशोक गोयल के बीच में ही अध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला होगा। बुधवार देर रात अध्यक्ष पद के दो दावेदारों पूर्व उपाध्यक्ष रहे सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल ने अपना नाम वापस ले लिया। चेंबर के पूर्व अध्यक्षों के दबाव के बाद दोनों नाम वापसी के लिए राजी हुए। उपाध्यक्ष पद पर संजय गोयल और कोषाध्यक्ष पद पर विनय मित्तल ने भी अपने कदम वापस खींच लिए हैं। वहीं, 12 में से 6 ग्रुप में आम सहमति बन गई है। चेंबर चुनाव में गुरुवार सुबह तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। इसके लिए देर रात तक उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद पर भी आम सहमति बनाने के लिए बैठकों का दौर चलता रहा।
अपनी अंगुलियों पर चेंबर को नचाने का दावा करने वाले पूर्व अध्यक्षों का ग्रुप एक बार फिर दबाव डालने में कामयाब रहा। अध्यक्ष पद पर नरेंद्र सिंह, अशोक गोयल, सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल ने पर्चा दाखिल किया था। पूर्व अध्यक्षों का ग्रुप अशोक गोयल को इस बार अध्यक्ष बनाने की पैरवी कर रहा है। सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल के पर्चा भरने के बाद नरेंद्र सिंह की जीत तय मानी जाने लगी। वोट कटने से रोकने के लिए बुधवार रात को अध्यक्ष पद के दोनों दावेदारों सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल से नामांकन वापस करा दिया गया। सुरेश चंद्र बंसल तीसरी बार अध्यक्ष पद पर दावेदारी कर रहे थे, लेकिन तीनों बार ही उन्हें बैठा दिया गया। अब मैदान में केवल नरेंद्र सिंह और अशोक गोयल ही रह गए हैं। इनके बीच ही सीधा मुकाबला होगा।
पद के वायदों के जरिए आम सहमति
नेशनल चैंबर चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए संजय गोयल ने भी अपना नाम वापस लेने का मन बना लिया है। नामांकन वापसी पर गुरुवार सुबह अपना पर्चा वापस ले लेंगे। उपाध्यक्ष पद पर अब राजेंद्र गर्ग, गिरीश चंद्र गोयल और राजेश अग्रवाल रह जाएंगे। इसी तरह कोषाध्यक्ष पद पर विनय मित्तल भी नाम वापस ले रहे हैं। उनके बाद अनूप जिंदल और राजीव अग्रवाल के बीच मुकाबला रह जाएगा।
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चेंबर के हित में मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया। सभी सीनियर सदस्यों ने मुझे समझाया। चैंबर की गरिमा बनी रहनी चाहिए। चुनाव में केवल मनमुटाव ही होता, इसलिए मैने नाम वापस लिया है। अध्यक्ष पद पर काबिल उम्मीदवार ही आने चाहिए और हर एक को अपनी काबिलियत साबित करने का मौका मिलना चाहिए
सुरेश चंद्र बंसल
चेंबर हित में मैने नाम वापस लिया है। मैने कहीं प्रचार ही नहीं किया था। जिस दिन से नामांकन किया, वोट मांगने गया ही नहीं। इसलिए चैंबर की गरिमा देखते हुए नाम वापस लिया है
श्रीकिशन गोयल
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अपनी अंगुलियों पर चेंबर को नचाने का दावा करने वाले पूर्व अध्यक्षों का ग्रुप एक बार फिर दबाव डालने में कामयाब रहा। अध्यक्ष पद पर नरेंद्र सिंह, अशोक गोयल, सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल ने पर्चा दाखिल किया था। पूर्व अध्यक्षों का ग्रुप अशोक गोयल को इस बार अध्यक्ष बनाने की पैरवी कर रहा है। सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल के पर्चा भरने के बाद नरेंद्र सिंह की जीत तय मानी जाने लगी। वोट कटने से रोकने के लिए बुधवार रात को अध्यक्ष पद के दोनों दावेदारों सुरेश चंद्र बंसल और श्रीकिशन गोयल से नामांकन वापस करा दिया गया। सुरेश चंद्र बंसल तीसरी बार अध्यक्ष पद पर दावेदारी कर रहे थे, लेकिन तीनों बार ही उन्हें बैठा दिया गया। अब मैदान में केवल नरेंद्र सिंह और अशोक गोयल ही रह गए हैं। इनके बीच ही सीधा मुकाबला होगा।
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पद के वायदों के जरिए आम सहमति
नेशनल चैंबर चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए संजय गोयल ने भी अपना नाम वापस लेने का मन बना लिया है। नामांकन वापसी पर गुरुवार सुबह अपना पर्चा वापस ले लेंगे। उपाध्यक्ष पद पर अब राजेंद्र गर्ग, गिरीश चंद्र गोयल और राजेश अग्रवाल रह जाएंगे। इसी तरह कोषाध्यक्ष पद पर विनय मित्तल भी नाम वापस ले रहे हैं। उनके बाद अनूप जिंदल और राजीव अग्रवाल के बीच मुकाबला रह जाएगा।
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चेंबर के हित में मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया। सभी सीनियर सदस्यों ने मुझे समझाया। चैंबर की गरिमा बनी रहनी चाहिए। चुनाव में केवल मनमुटाव ही होता, इसलिए मैने नाम वापस लिया है। अध्यक्ष पद पर काबिल उम्मीदवार ही आने चाहिए और हर एक को अपनी काबिलियत साबित करने का मौका मिलना चाहिए
सुरेश चंद्र बंसल
चेंबर हित में मैने नाम वापस लिया है। मैने कहीं प्रचार ही नहीं किया था। जिस दिन से नामांकन किया, वोट मांगने गया ही नहीं। इसलिए चैंबर की गरिमा देखते हुए नाम वापस लिया है
श्रीकिशन गोयल