{"_id":"5f0b5728089db46edd27e444","slug":"commercial-surrogacy-latest-update-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोख के सौदागर: नीलम की कॉल डिटेल से नहीं लगा कोई सुराग, राहुल की रिमांड पर सुनवाई आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोख के सौदागर: नीलम की कॉल डिटेल से नहीं लगा कोई सुराग, राहुल की रिमांड पर सुनवाई आज
Mon, 13 Jul 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 13 Jul 2020 12:02 AM IST
सार
- पुलिस अब तक गिरोह की सरगना नीलम के मोबाइल की कॉल डिटेल से ज्यादा जानकारी नहीं ले सकी है।
विज्ञापन
कोख के सौदागर: अस्मिता, राहुल, नीलम (क्रमश:)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोख के सौदागर गैंग की सरगना फरीदाबाद की नीलम के एजेंट आनंद राहुल सारस्वत की पुलिस कस्टडी रिमांड के प्रार्थनापत्र पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। पुलिस ने 10 दिन की रिमांड मांगी है। राहुल की रिमांड मिलती है तो पुलिस उससे कई सवालों के जवाब हासिल करना चाहेगी।
विज्ञापन
19 जून को फरीदाबाद की नीलम सहित पांच लोग पकड़े गए थे। तीन बच्चियों को गैंग नेपाल बेचने ले जा रहा था। पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि नीलम अवैध तरीके से सरोगेसी कराती है। इसके बाद बच्चों को नेपाल की सरगना अस्मिता को बेच दिया जाता था।
विज्ञापन
संबंधित खबर: कोख के सौदागर: अस्मिता का 'काला चिट्ठा' खोलेगा एजेंट, रिमांड पर सिलीगुड़ी ले जाएगी पुलिस
विज्ञापन
नेपाल की अस्मिता पैसा भेजती है। एक सप्ताह पहले पुलिस ने नीलम के साथी आनंद राहुल सारस्वत को गिरफ्तार किया था। वो बच्चों को नेपाल लेकर जाता था। महिलाएं भी उसके साथ नेपाल सरोगेसी कराने जाती थीं।
एसपी आरए प्रमोद कुमार ने बताया कि राहुल को रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को सुनवाई है। 10 दिन की रिमांड मांगी गई है। रिमांड मिलने पर राहुल को सिलीगुड़ी लेकर जाएंगे। वहां पर अस्मिता के एजेंट सक्रिय हैं।
चार सवाल पूछेंगे
- गैंग में कितने सदस्य हैं, जो बच्चों को बेचने का काम करते हैं?
- दिल्ली एनसीआर के कितने डॉक्टर नीलम और अस्मिता से जुड़े हैं?
- सिलीगुड़ी में अस्मिता के कितने सदस्य सक्रिय हैं?
- लॉकडाउन में दो बच्चों को किसको देकर आया था?
कॉल डिटेल से नहीं कर पाए पता
30 दिन बाद भी पुलिस नीलम की कॉल डिटेल से कोई सुराग नहीं लगा सकी है, जबकि नीलम और अस्मिता के बीच मोबाइल पर कई-कई बार बात होती थी। लेन-देन के बारे में व्हाट्स एप चैट पर ही बात करते थे। कॉल डिटेल में उन नंबरों का भी पता नहीं किया जा सका, जो नीलम के संपर्क में थे।
चार सवाल पूछेंगे
- गैंग में कितने सदस्य हैं, जो बच्चों को बेचने का काम करते हैं?
- दिल्ली एनसीआर के कितने डॉक्टर नीलम और अस्मिता से जुड़े हैं?
- सिलीगुड़ी में अस्मिता के कितने सदस्य सक्रिय हैं?
- लॉकडाउन में दो बच्चों को किसको देकर आया था?
कॉल डिटेल से नहीं कर पाए पता
30 दिन बाद भी पुलिस नीलम की कॉल डिटेल से कोई सुराग नहीं लगा सकी है, जबकि नीलम और अस्मिता के बीच मोबाइल पर कई-कई बार बात होती थी। लेन-देन के बारे में व्हाट्स एप चैट पर ही बात करते थे। कॉल डिटेल में उन नंबरों का भी पता नहीं किया जा सका, जो नीलम के संपर्क में थे।