{"_id":"5b92b22c867a557fe44689d5","slug":"cm-yogi-adityanath-to-visit-atal-bihari-vajpayee-s-ancestral-village-bateshwar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अटलजी के बटेश्वर को 'अच्छे दिन' की उम्मीद, मुख्यमंत्री खोल सकते हैं सौगातों का पिटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटलजी के बटेश्वर को 'अच्छे दिन' की उम्मीद, मुख्यमंत्री खोल सकते हैं सौगातों का पिटारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 08 Sep 2018 10:24 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के आने से पहले निरीक्षण करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उपेक्षा का दंश झेल रहे भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर के अच्छे दिन आने वाले हैं। फरह के दीनदयाल धाम की तर्ज पर ही बटेश्वर को विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सौगातों का पिटारा खोल सकते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों को विसर्जित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आज बटेश्वर पहुंचेंगे। अस्थि विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री के पैतृक निवास स्थल और उनकी कुल देवी के मंदिर को देखेंगे, जो कि काफी जर्जर हालत में हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए इनकी साफ-सफाई कर दी गई है। फिर भी खंडहर हो चुका, उनका पैतृक निवास स्थल और अविकसित प्राचीन क्षेत्र उपेक्षा की दास्तान को बयान करने के लिए काफी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों को विसर्जित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आज बटेश्वर पहुंचेंगे। अस्थि विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री के पैतृक निवास स्थल और उनकी कुल देवी के मंदिर को देखेंगे, जो कि काफी जर्जर हालत में हैं।
विज्ञापन
हालांकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए इनकी साफ-सफाई कर दी गई है। फिर भी खंडहर हो चुका, उनका पैतृक निवास स्थल और अविकसित प्राचीन क्षेत्र उपेक्षा की दास्तान को बयान करने के लिए काफी है।
विज्ञापन
क्षेत्र के विकास की उम्मीद
अटल बिहारी वाजपेयी ने अप्रैल 1999 में जिस पर्यटक कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण किया था, अब वो भी भूत बंगला बनकर रह गया है। पास में ही सांस्कृतिक प्रेक्षागृह भी उपेक्षा का शिकार है।
प्राचीन महादेव मंदिरों के दर्शन को यहां हजारों श्रद्धालु तो आते हैं, लेकिन उनके लिए आवश्यक सुविधाएं तक इस क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं। मगर, अब क्षेत्र के दिन बदलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र को दीनदयाल धाम की तरह से विकसित करने की तैयारी है।
प्राचीन महादेव मंदिरों के दर्शन को यहां हजारों श्रद्धालु तो आते हैं, लेकिन उनके लिए आवश्यक सुविधाएं तक इस क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं। मगर, अब क्षेत्र के दिन बदलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र को दीनदयाल धाम की तरह से विकसित करने की तैयारी है।