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मुख्यमंत्री कार्यालय से आया फोन तो खाली मिला कंट्रोल रूम
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मैनपुरी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जिले में कोविड-19 के हालात जानने के लिए कंट्रोल रूम में फोन किया गया तो अधिकारी मौजूद नहीं मिले। इस दौरान फोन उठाने वाला लिपिक भी कोई भी जानकारी नहीं दे सका। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए शासन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम ने कार्रवाई के लिए सीडीओ को निदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय में कोरोना संबंधी शिकायतों और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील है। इसके लिए तीन पालियों में सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे, दोपहर दो बजे से रात दस बजे और रात दस बजे से सुबह छह बजे तक एक-एक नोडल अधिकारी और स्टाफ नामित किया गया है। नोडल अधिकारी के रूप में क्रमश: एडीएम जिला पंचायत तपेश चंद्र वर्मा, डीपीओ अरविंद कुमार और उप निबंधक केके यादव को तैनात किया गया है।
छह अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय से कंट्रोल रूम में में फोन किया गया तो नोडल अधिकारी गायब थे। वहीं फोन उठाने वाला लिपिक भी कोरोना संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने जिले में की जा रही लापरवाही की पोल खुल गई। शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएम को पत्र भेजा है। पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सीडीओ ईशा प्रिया को संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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सीडीओ ने नोडल अधिकारियों को जारी किया नोटिस
डीएम के निर्देश पर सीडीओ ईशा प्रिया ने तीनों नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इमसें अपर मुख्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और उप निबंधक से कंट्रोल रूम में उपस्थित न होने के लिए स्पष्टीकरण और सूचनाएं उपलब्ध न होने के संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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जिलाधिकारी कार्यालय में कोरोना संबंधी शिकायतों और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील है। इसके लिए तीन पालियों में सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे, दोपहर दो बजे से रात दस बजे और रात दस बजे से सुबह छह बजे तक एक-एक नोडल अधिकारी और स्टाफ नामित किया गया है। नोडल अधिकारी के रूप में क्रमश: एडीएम जिला पंचायत तपेश चंद्र वर्मा, डीपीओ अरविंद कुमार और उप निबंधक केके यादव को तैनात किया गया है।
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छह अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय से कंट्रोल रूम में में फोन किया गया तो नोडल अधिकारी गायब थे। वहीं फोन उठाने वाला लिपिक भी कोरोना संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने जिले में की जा रही लापरवाही की पोल खुल गई। शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएम को पत्र भेजा है। पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सीडीओ ईशा प्रिया को संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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सीडीओ ने नोडल अधिकारियों को जारी किया नोटिस
डीएम के निर्देश पर सीडीओ ईशा प्रिया ने तीनों नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इमसें अपर मुख्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और उप निबंधक से कंट्रोल रूम में उपस्थित न होने के लिए स्पष्टीकरण और सूचनाएं उपलब्ध न होने के संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।