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15 दिन में पूरे करने ही होंगे प्रधानमंत्री आवास
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एटा। जिले में साल 2016 से अब तक 300 से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास अधूरे पड़े हैं। इसे लेकर शासन और मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई है। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर 15 दिन में आवासों का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हर साल आवास निर्माण का लक्ष्य मिलता है। जिले में हर साल करीब 100 आवासों का निर्माण अधूरा है। मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने समीक्षा में पाया कि जिले में साल 2016-17 में 91, 2017-18 में 137 और साल 2018-19 में 99 आवास अधूरे हैं। उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में 15 दिन में आवास निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
आवास में खेल मामले की सचिव ने की जांच
एटा। जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत धरौली में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में खेल के मामले में पंचायत सचिव ने जांच की। जांच में पाया गया कि फीडिंग गलत होने के चलते सूची में रविंद्र पुत्र सूरजपाल का नाम आ गया था। मौके पर सत्यापन में पाया गया कि रविंद्र पुत्र सूरजपाल का मकान बना हुआ है। जबकि पड़ोसी रविंद्र पुत्र बृजराज का मकान नहीं है। पंचायत सचिव अवधेश ने बताया कि फीडिंग में गड़बड़ी से सूची में गलत नाम दर्ज हो गया है। पात्र को ही आवास योजना का लाभ दिया गया है।
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जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हर साल आवास निर्माण का लक्ष्य मिलता है। जिले में हर साल करीब 100 आवासों का निर्माण अधूरा है। मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने समीक्षा में पाया कि जिले में साल 2016-17 में 91, 2017-18 में 137 और साल 2018-19 में 99 आवास अधूरे हैं। उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में 15 दिन में आवास निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
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आवास में खेल मामले की सचिव ने की जांच
एटा। जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत धरौली में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में खेल के मामले में पंचायत सचिव ने जांच की। जांच में पाया गया कि फीडिंग गलत होने के चलते सूची में रविंद्र पुत्र सूरजपाल का नाम आ गया था। मौके पर सत्यापन में पाया गया कि रविंद्र पुत्र सूरजपाल का मकान बना हुआ है। जबकि पड़ोसी रविंद्र पुत्र बृजराज का मकान नहीं है। पंचायत सचिव अवधेश ने बताया कि फीडिंग में गड़बड़ी से सूची में गलत नाम दर्ज हो गया है। पात्र को ही आवास योजना का लाभ दिया गया है।
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