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गलियों में जलभराव तो शौचालयों पर नहीं बनी छत
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05एमएनपी-13-भोगांव के गांव कल्यानपुर में बदहाल सड़क
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी/भोगांव। विकास की उम्मीद में ग्राम पंचायत जसरथपुर के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान का चुनाव इसलिए किय ताकि गांव की बदहाल स्थिति में सुधार आए। माननीय का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन आज तक गांव की स्थिति में रत्तीभर फर्क नहीं आया। स्थिति यह है कि गलियों में जलभराव रहता है, नाली और गली पक्की नहीं हुई हैं। कई शौचालय तो हैं लेकिन उनके पर छत नहीं।
ग्राम पंचायत के अधिकांश मजरों में सड़कें अभी भी कच्ची पड़ी हुई हैं। नालियां न होने के कारण पानी लोगों के दरवाजों पर भरता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्मीद के साथ उन्होंने प्रधान का चुनाव किया, उस पर वे खरा नहीं उतरे। सफाईकर्मी नियमित रूप से गांव में नहीं आता है।
नगला ताल गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव में आज तक एक भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं प्रधान का दावा है कि कल्यानपुर में 80 प्रतिशत और बरहट में 60 प्रतिशत, जसरथपुर में 40 प्रतिशत कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। ग्राम पंचायत में 75 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत को राज्य वित्त में नौ लाख, 14वे वित्त में 36 लाख तथा स्वच्छ भारत मिशन में 9 लाख की धनराशि प्राप्त हुई।
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ग्राम पंचायत जसरथपुर
शामिल गांव: कल्यानपुर, जसरथपुर, बरहट, नगला ताल
1900 के करीब है ग्राम पंचायत में मतदाताओं की संख्या
5000 के करीब ग्राम पंचायत में है आबादी
ग्राम पंचायत को विकास कार्य के लिए जितनी धनराशि मिली, उसी के आधार पर विकास कार्य कराए गए हैं।
-नंदकिशोर, ग्राम प्रधान
ग्राम पंचायत में सड़क, इंटरलॉकिंग और शौचालयों का निर्माण हुआ है। कुछ मजरों में अपेक्षाकृत विकास कार्य नहीं हुए हैं।
राजपाल यादव, कल्यानपुर
प्रधान ने मानक के अनुसार विकास कार्य नहीं कराए हैं। गांव में शौचालय नहीं बने हैं, जो बने हैं वह आधे अधूरे हैं, जबकि पैसा पूरा मिल चुका है।
हाकिम सिंह, पूर्व प्रधान
प्रधान ने अपने चहेतों को ही शौचालय और आवास दिए हैं। बरहट गांव में केवल 15 शौचालय ही बनवाए गए हैं। वह भी अधूरे पड़े हैं। सड़कें भी खस्ताहाल में हैं।
धनीराम सिंह, बरहट
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ग्राम पंचायत के अधिकांश मजरों में सड़कें अभी भी कच्ची पड़ी हुई हैं। नालियां न होने के कारण पानी लोगों के दरवाजों पर भरता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्मीद के साथ उन्होंने प्रधान का चुनाव किया, उस पर वे खरा नहीं उतरे। सफाईकर्मी नियमित रूप से गांव में नहीं आता है।
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नगला ताल गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव में आज तक एक भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं प्रधान का दावा है कि कल्यानपुर में 80 प्रतिशत और बरहट में 60 प्रतिशत, जसरथपुर में 40 प्रतिशत कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। ग्राम पंचायत में 75 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत को राज्य वित्त में नौ लाख, 14वे वित्त में 36 लाख तथा स्वच्छ भारत मिशन में 9 लाख की धनराशि प्राप्त हुई।
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ग्राम पंचायत जसरथपुर
शामिल गांव: कल्यानपुर, जसरथपुर, बरहट, नगला ताल
1900 के करीब है ग्राम पंचायत में मतदाताओं की संख्या
5000 के करीब ग्राम पंचायत में है आबादी
ग्राम पंचायत को विकास कार्य के लिए जितनी धनराशि मिली, उसी के आधार पर विकास कार्य कराए गए हैं।
-नंदकिशोर, ग्राम प्रधान
ग्राम पंचायत में सड़क, इंटरलॉकिंग और शौचालयों का निर्माण हुआ है। कुछ मजरों में अपेक्षाकृत विकास कार्य नहीं हुए हैं।
राजपाल यादव, कल्यानपुर
प्रधान ने मानक के अनुसार विकास कार्य नहीं कराए हैं। गांव में शौचालय नहीं बने हैं, जो बने हैं वह आधे अधूरे हैं, जबकि पैसा पूरा मिल चुका है।
हाकिम सिंह, पूर्व प्रधान
प्रधान ने अपने चहेतों को ही शौचालय और आवास दिए हैं। बरहट गांव में केवल 15 शौचालय ही बनवाए गए हैं। वह भी अधूरे पड़े हैं। सड़कें भी खस्ताहाल में हैं।
धनीराम सिंह, बरहट