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रात भर गुल रही शहर सहित 50 गांवों की बिजली
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एटा। गत दिवस शाम को चली तेज हवाओं के बाद हुई बारिश से एसटीपी पोल टूट कर गिर गया। इससे ब्रेकर टूट गए। इसके चलते शहर सहित आधा सैकड़ा गांवों की विद्युत आपूर्ति रात भर गुल रही। करीब दस घंटे तक शहर अंधेरे में डूबा रहा। गर्मी और उमस से लोग परेशान हो गए, वहीं मच्छरों ने नींद और चैन दोनों खराब दी।
विद्युत विभाग की नाजुक व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही हैं। हल्की बारिश और हवा में ही आपूर्ति ठप हो जाती है। सोमवार शाम को हवा के साथ हुई बारिश में भी विभागीय तैयारियों की पोल खुल गई। 33 हजार का एसटीपी पोल व गंगनपुर बिजलीघर का ब्रेकर खराब होने से रातभर शहर की आपूर्ति बाधित रही। इन्वर्टर भी दम तोड़ गए। गर्मी उमस से अकुलाते लोग सो भी नहीं सके। बूंदाबांदी के चलते लोग बाहर भी नहीं निकल पा रहे थे। ऐसे में घनी बस्ती एवं बहुमंजिला भवनों में रहने वालों को बैठकर रात गुजारनी पड़ी। सुबह चार बजे सुचारु हुई आपूर्ति के बाद भी ट्रिपिंग जारी रही। ऐसे में सुबह पानी की किल्लत और बढ़ गई। विद्युत कर्मियों के अनुसार रुक रुककर हुई बारिश के चलते मरम्मत कार्य बाधित रहा।
हवा बारिश में 33 केवीए का एसटीपी पोल टूटने से यूपीएसआईडीसी फीडर पूरी तरह से ठप रहा। गंगनपुर बिजलीधर पर ब्रेकर व रेलवे रोड बिजलीघर पर आई खराबी के चलते भी शहर की आपूर्ति बाधित रही। रुक रुककर होती रही बारिश के चलते मरम्मत कार्य में बाधा आई।
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वीपी कठेरिया, अधिशासी अभियंता, शहरी खंड
पांच डबल पोल, 20 पोल टूटे
ग्रामीण खंड में भी हवा पानी का असर रहा। 20 विद्युत पोल, पांच डबल पोल टूटने के अलावा द 12 से अधिक स्थानों पर टूटे पेड़ से तार उतर गए। ऐसे में दर्जन भर गांवों की आपूर्ति बाधित रही। मारहरा के समसपुर फीडर पर ट्रंासफार्मर रखे पांच डबल पोल टूटने से ट्रांसफार्मर धाराशाही हो गए। वहीं पंद्रह पोल भी टूट गए। ऐसे में खकरई, जाहिदपुर, नगला कलुआ, आलमपुर व समसपुर आदि गांवों की आपूर्ति ठप रही।
पिलुआ में तारों पर गिरे पेड़
पिलुआ क्षेत्र में भी तेज हवाओं के चलते काफी नुकसान हुआ। तेज हवाओं से कई पेड़ टूट कर पेड़ पर गिर पड़े। इससे पांच पोल टूटने के साथ ही आधा दर्जन स्थानों पर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते क्षेत्र की आपूर्ति रात भर गायब रही। विद्युत विभाग के कर्मचारी रात व सुबह लाइन व पोल दुरुस्त करने में जुटे रहे।
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विद्युत विभाग की नाजुक व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही हैं। हल्की बारिश और हवा में ही आपूर्ति ठप हो जाती है। सोमवार शाम को हवा के साथ हुई बारिश में भी विभागीय तैयारियों की पोल खुल गई। 33 हजार का एसटीपी पोल व गंगनपुर बिजलीघर का ब्रेकर खराब होने से रातभर शहर की आपूर्ति बाधित रही। इन्वर्टर भी दम तोड़ गए। गर्मी उमस से अकुलाते लोग सो भी नहीं सके। बूंदाबांदी के चलते लोग बाहर भी नहीं निकल पा रहे थे। ऐसे में घनी बस्ती एवं बहुमंजिला भवनों में रहने वालों को बैठकर रात गुजारनी पड़ी। सुबह चार बजे सुचारु हुई आपूर्ति के बाद भी ट्रिपिंग जारी रही। ऐसे में सुबह पानी की किल्लत और बढ़ गई। विद्युत कर्मियों के अनुसार रुक रुककर हुई बारिश के चलते मरम्मत कार्य बाधित रहा।
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हवा बारिश में 33 केवीए का एसटीपी पोल टूटने से यूपीएसआईडीसी फीडर पूरी तरह से ठप रहा। गंगनपुर बिजलीधर पर ब्रेकर व रेलवे रोड बिजलीघर पर आई खराबी के चलते भी शहर की आपूर्ति बाधित रही। रुक रुककर होती रही बारिश के चलते मरम्मत कार्य में बाधा आई।
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वीपी कठेरिया, अधिशासी अभियंता, शहरी खंड
पांच डबल पोल, 20 पोल टूटे
ग्रामीण खंड में भी हवा पानी का असर रहा। 20 विद्युत पोल, पांच डबल पोल टूटने के अलावा द 12 से अधिक स्थानों पर टूटे पेड़ से तार उतर गए। ऐसे में दर्जन भर गांवों की आपूर्ति बाधित रही। मारहरा के समसपुर फीडर पर ट्रंासफार्मर रखे पांच डबल पोल टूटने से ट्रांसफार्मर धाराशाही हो गए। वहीं पंद्रह पोल भी टूट गए। ऐसे में खकरई, जाहिदपुर, नगला कलुआ, आलमपुर व समसपुर आदि गांवों की आपूर्ति ठप रही।
पिलुआ में तारों पर गिरे पेड़
पिलुआ क्षेत्र में भी तेज हवाओं के चलते काफी नुकसान हुआ। तेज हवाओं से कई पेड़ टूट कर पेड़ पर गिर पड़े। इससे पांच पोल टूटने के साथ ही आधा दर्जन स्थानों पर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते क्षेत्र की आपूर्ति रात भर गायब रही। विद्युत विभाग के कर्मचारी रात व सुबह लाइन व पोल दुरुस्त करने में जुटे रहे।