{"_id":"5f6111978ebc3e66392aeed4","slug":"cinnamon-ginger-kadha-will-be-used-to-corona-treatment-at-sn-medical-college-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एलोपैथिक दवाओं के साथ दालचीनी-अदरक से होगा कोरोना का इलाज, ट्रायल की प्रक्रिया शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलोपैथिक दवाओं के साथ दालचीनी-अदरक से होगा कोरोना का इलाज, ट्रायल की प्रक्रिया शुरू
Wed, 16 Sep 2020 12:40 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 16 Sep 2020 12:40 AM IST
सार
- एसएन मेडिकल कॉलेज में संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए ट्रायल की प्रक्रिया शुरू
- कोरोना संक्रमित मरीजों को तीन वर्ग में बांटकर किया जाएगा ट्रायल
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोरोना वायरस के इलाज में देशी दवाओं के महत्व को समझा है। अब कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक दवाओं से किया जाएगा। आगरा से इन दवाओं के लिए मरीजों पर असर की रिपोर्ट बनाकर आईसीएमआर को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
मरीजों को दालचीनी-अदरक समेत पांच जड़ी-बूटी के मिश्रण वाली आयुष दवा और दो एलोपैथी दवाओं की डोज खिलाई जाएगी। पहले वर्ग में इन तीनों दवाओं का इस्तेमाल अलग-अलग मरीजों पर करते हुए 50 से 60 दिन तक इनके असर को देखा जाएगा। इसमें आयुर्वेद दवा का बिना लक्षण वाले और मामूली लक्षणों वाले मरीजों का इलाज होगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जानिए आगरा के 'शिवाजी म्यूजियम' की पूरी कहानी, कब तक होगा तैयार, क्या-क्या होगा खास
विज्ञापन
दूसरे वर्ग की एलोपैथी दवा बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी के साथ मधुमेह-उच्च रक्चाप की बीमारी वाले मरीजों को खिलाई जाएगी।
तीसरे वर्ग की एलोपैथी दवा का किडनी, कैंसर, टीबी, क्षय रोग समेत अन्य गंभीर मर्ज वाले संक्रमित मरीजों पर ट्रायल होगा। इन तीनों दवाओं का किस मरीज पर कितना असर हुआ और कितनी जल्द उसकी सेहत दुरुस्त हुई, इसकी रिपार्ट बनाकर आईसीएमआर को भेजी जाएगी। इसमें जिस दवा का जो असर होगा, उसको संक्रमित मरीजों के इलाज में नियमित कर दिया जाएगा।
कानपुर मेडिकल कॉलेज के सहयोग से स्टडी
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि तीन दवाओं की स्टडी कानपुर मेडिकल कॉलेज के सहयोग से की जा रही है। उनके प्रभारी के साथ बैठक करते हुए मेडिसिन विभाग, एनेस्थीसिया विभाग और टीबी एवं वक्ष रोग विभाग के चिकित्सकों को जिम्मेदारी दे दी गई है। इनके ट्रायल के लिए आईसीएमआर से अनुमति मांगी है।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।