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Narak Chaturdashi 2023: रूप चतुर्दशी आज, जलाएं मृत्यु के देवता यम के लिए दीपक; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Sat, 11 Nov 2023 09:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 11 Nov 2023 09:16 AM IST
सार
Narak Chaturdashi 2023: रूप चतुर्दशी जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं आज है। इसे नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है।
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नरक चतुर्दशी
- फोटो : istock
विस्तार
Choti Diwali, Narak Chaturdashi 2023: दिवाली का पांच दिन का उत्सव शुक्रवार को भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ शुरू हो गया। हर दिन का विशेष महत्व है। आश्विन मास, कृष्ण पक्ष के 14वें दिन शनिवार को रूप चतुर्दशी या नरक चतुर्दशी पर्व मनाया जाएगा। इसे मृत्यु के देवता यमराज की भक्ति का पर्व भी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती और कुबेर के साथ यमराज से बाधाओं से मुक्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
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घर के बाहर जलाएं चौमुखी दीपक
रूप चतुर्दशी का पर्व 11 नवंबर को है। इस दिन यमराज से विशेष प्रार्थना कर उनके सम्मुख सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा का कहना है कि चौमुखी दीपक को घर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में रखें। दक्षिण दिशा यम की मानी जाती है और दीपक रखने से अचानक आने वाले शारीरिक कष्टों से यमराज आपके व आपके परिवार की रक्षा करते हैं।
रूप चतुर्दशी का पर्व 11 नवंबर को है। इस दिन यमराज से विशेष प्रार्थना कर उनके सम्मुख सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा का कहना है कि चौमुखी दीपक को घर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में रखें। दक्षिण दिशा यम की मानी जाती है और दीपक रखने से अचानक आने वाले शारीरिक कष्टों से यमराज आपके व आपके परिवार की रक्षा करते हैं।
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लक्ष्मी के लिए घर में बनाएं स्थान
छोटी दिवाली को घर के मुख्य द्वार के बाहर सात या 11 दीपक जलाने चाहिए। घर में मौजूद सभी अनावश्यक सामान हटा देने चाहिए। इससे बड़ी दिवाली पर धन की देवी लक्ष्मी को घर में ठहरने के लिए स्थान मिलता है।
छोटी दिवाली को घर के मुख्य द्वार के बाहर सात या 11 दीपक जलाने चाहिए। घर में मौजूद सभी अनावश्यक सामान हटा देने चाहिए। इससे बड़ी दिवाली पर धन की देवी लक्ष्मी को घर में ठहरने के लिए स्थान मिलता है।
छोटी दिवाली पर भी करें पूजन
रूप चतुर्दशी को छोटी दीपावली के रूप में मनाया जाता है। राधा-कृष्ण मंदिर नेहरू नगर के पुजारी पंडित अतुल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि छोटी दिवाली पर भी बड़ी दिवाली की तरह ही भगवान का विधिवत पूजन करना चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाकर चूर में या आटे से बने मीठे खाद्य पदार्थ का भोग लगाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।
रूप चतुर्दशी को छोटी दीपावली के रूप में मनाया जाता है। राधा-कृष्ण मंदिर नेहरू नगर के पुजारी पंडित अतुल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि छोटी दिवाली पर भी बड़ी दिवाली की तरह ही भगवान का विधिवत पूजन करना चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाकर चूर में या आटे से बने मीठे खाद्य पदार्थ का भोग लगाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।
नरक चतुर्दशी की तिथि
11 नवंबर को चतुर्दशी तिथि दोपहर 1:58 से प्रारंभ हो रही है, जो रविवार दोपहर 2:24 तक रहेगा। इसलिए शनिवार को छोटी दिवाली मनाना तर्कसंगत हैं। इस दिन भगवान कृष्ण, मां काली और हनुमान जी की पूजा का भी विधान है।
11 नवंबर को चतुर्दशी तिथि दोपहर 1:58 से प्रारंभ हो रही है, जो रविवार दोपहर 2:24 तक रहेगा। इसलिए शनिवार को छोटी दिवाली मनाना तर्कसंगत हैं। इस दिन भगवान कृष्ण, मां काली और हनुमान जी की पूजा का भी विधान है।
नरक चतुर्दशी 2023 पर यम दीपक जलाने का समय
नरक चतुर्दशी पर प्रदोष काल में यम दीपक जलाई जाती है, इसलिए 11 नवंबर को यम दीपक जलाई जाएगी। इस दिन शाम को 05 बजकर 32 मिनट से सूर्यास्त होगा, उसके साथ ही प्रदोष काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में आप शाम 05 बजकर 32 मिनट से यम का दीपक जला सकते हैं।
नरक चतुर्दशी पर प्रदोष काल में यम दीपक जलाई जाती है, इसलिए 11 नवंबर को यम दीपक जलाई जाएगी। इस दिन शाम को 05 बजकर 32 मिनट से सूर्यास्त होगा, उसके साथ ही प्रदोष काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में आप शाम 05 बजकर 32 मिनट से यम का दीपक जला सकते हैं।