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बच्चा बेचने वाला गिरोह: दिल्ली-एनसीआर से नेपाल तक बेचे जा रहे नवजात, किराये पर कोख लेकर भी सौदा

Tue, 14 Nov 2023 09:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 14 Nov 2023 09:00 AM IST
सार

मथुरा में सोशल मीडिया पर निसंतानों को बच्चे बेचने वाले आगरा के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्चा बेचने वाले गिरोह के सदस्य तीन साल पहले आगरा में भी पकड़े गए थे।
 

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Child selling gang Newborns being sold from Delhi-NCR to Nepal deal with womb on rent too
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा में पुलिस ने बच्चा बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। एक नवजात बच्ची को बिचपुरी स्थित स्वास्थ्य केंद्र से ही बेचा गया था। पूर्व में आगरा में भी बच्चा बेचने वाला गिरोह पकड़ा जा चुका है। तीन साल पहले फतेहाबाद में तीन शिशुओं को कार से नेपाल बार्डर लेकर जा रहीं दो महिलाओं, एक एजेंट और दो कार चालकों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा भी बच्चा चोरी करके बेचने वाले पुलिस की पकड़ में आ चुके हैं।

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19 जून 2020 को पुलिस ने फतेहाबाद क्षेत्र में लखनऊ एक्सप्रेस वे पर यह कार्रवाई की थी। दो गाड़ियों में सवार पांच लोगों को पकड़ा था। उनके पास से तीन नवजात बच्चियां मिली थीं। इन बच्चियों को नेपाल बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। आरोपियों में फरीदाबाद की नीलम भी थी। उसने पूछताछ में आनंद, राहुल के नाम बताए थे। इसके अलावा दिल्ली के विष्णुकांत और नेपाल की अस्मिता के नाम भी आए थे। बाद में विष्णुकांत सहित आठ के खिलाफ थाना डौकी में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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नेपाल की अस्मिता को नहीं पकड़ पाई पुलिस
फतेहाबाद में पकड़े गए गिरोह ने पुलिस पूछताछ में नेपाल की अस्मिता का नाम बताया था। वो कोख का सौदा कर बच्चों को मंगवाती थी। उसके एजेंट सूरज नारायन प्रधान और उसकी पत्नी कल्पना को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया था। उन्होंने अस्मिता के बारे में कई राज खोले थे। वह विष्णुकांत के संपर्क में थी। उसने जगह-जगह अपने एजेंट बना रखे थे। पुलिस अब तक नेपाल की अस्मिता को नहीं पकड़ सकी।


युवती की डिलीवरी के बाद हुआ था सौदा
चार नवंबर को ही ट्रांस यमुना काॅलोनी स्थित एक अस्पताल में युवती को भर्ती कराया गया था। युवती के साथ एक युवक भी था। उन्हें एक नर्स लेकर आई थी। युवती ने बच्चे को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद कुछ लोगों ने बच्चे के लिए हंगामा किया था। बाद में नवजात को दूसरे अस्पताल में ले गए। सूचना पर पुलिस पहुंची थी। बाद में बाल कल्याण समिति ने बच्चे की जानकारी ली थी। साढ़े चार लाख रुपये में बच्चे के सौदे की बात चली थी। बच्चे की मां को पुलिस आज तक तलाश नहीं कर सकी है। इसमें कोई तहरीर नहीं होने की वजह से मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया।

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बच्चा चोरी करने वाले दंपती पकड़े
शहर में बच्चे चोरी भी हो चुके हैं। लेडी लाॅयल से नवजात बच्ची को चोरी कर लिया गया था। ट्रांस यमुना काॅलोनी में घर से बच्ची को चोरी किया गया था। सिकंदरा में मजदूर के बच्चे को महिला ले गई थी। इसके अलावा एक मजार से बच्चे को उठाकर ले गए थे। पुलिस ने गैंग को पकड़ा था।

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