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यूपीः झोलाछाप के उपचार से नौ माह के बालक की मौत, ट्रॉमा सेंटर पर छोड़कर हुआ फरार
Fri, 12 Jul 2019 12:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 12 Jul 2019 12:02 AM IST
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नौ माह के बच्चे की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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थाना रामगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को झोलाछाप के उपचार से नौ माह के बालक की मौत हो गई। झोलाछाप बालक और उसके परिजनों को सरकारी ट्रॉमा सेंटर छोड़कर फरार हो गया। परिवार के लोग बिना किसी कार्रवाई के बालक का शव लेकर अपने पैतृक गांव चले गए।
राजस्थान के जिला चुरु थाना सदर गाजसर निवासी प्रकाशनाथ अपने परिवार के साथ यहां रहकर सुरमा की बिक्री करता है। यह लोग कस्बा फरिहा में सड़क किनारे रह रहे थे। प्रकाशनाथ के नौ माह के बेटा नरेश को दो दिन पहले उल्टी दस्त होने से तबियत खराब हो गई थी।
उसकी पत्नी शारदा देवी, देवर मिट्ठूनाथ बच्चे को उपचार के लिए थाना रामगढ़ के चनौरा निवासी झोलाछाप के पास ले गए थे। शारदा देवी का आरोप है कि दो दिन में ही झोलाछाप ने करीब दस बोतल चढ़ाने के साथ उसके 12 इंजेक्शन लगा दिए थे।
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राजस्थान के जिला चुरु थाना सदर गाजसर निवासी प्रकाशनाथ अपने परिवार के साथ यहां रहकर सुरमा की बिक्री करता है। यह लोग कस्बा फरिहा में सड़क किनारे रह रहे थे। प्रकाशनाथ के नौ माह के बेटा नरेश को दो दिन पहले उल्टी दस्त होने से तबियत खराब हो गई थी।
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उसकी पत्नी शारदा देवी, देवर मिट्ठूनाथ बच्चे को उपचार के लिए थाना रामगढ़ के चनौरा निवासी झोलाछाप के पास ले गए थे। शारदा देवी का आरोप है कि दो दिन में ही झोलाछाप ने करीब दस बोतल चढ़ाने के साथ उसके 12 इंजेक्शन लगा दिए थे।
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बालक की गुरुवार को हालत जब खराब होने लगी तो झोलाछाप अपने स्कूटर पर बिठाकर उसे जिला अस्पताल स्थित सरकारी ट्रॉमा सेंटर लाए। ट्रामा सेंटर में डॉ. शैलेंद्र ने बालक को मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत की जानकारी होते ही झोलाछाप फरार हो गया।
सीएमओ एसके दीक्षित का कहना है कि इस तरह की घटना अभी कोई संज्ञान में नहीं आई है। पीड़ित परिवार ने शिकायत भी नहीं की है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से जांच कराएगा। झोलाछाप के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
सीएमओ एसके दीक्षित का कहना है कि इस तरह की घटना अभी कोई संज्ञान में नहीं आई है। पीड़ित परिवार ने शिकायत भी नहीं की है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से जांच कराएगा। झोलाछाप के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।