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सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में बालश्रम
अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 06 Jun 2016 01:22 AM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी ताजगंज परियोजना सवालों के घेरे में है। अब बालश्रम का नया मामला प्रकाश में आया है। प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत मिली है कि परियोजना में नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। इसके पर्दाफाश के लिए श्रम विभाग ने दो टीमों का गठन कर दिया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ताजमहल के आसपास और ताजगंज क्षेत्र के सुधार के लिए करीब 200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इस प्रोजेक्ट पर पिछले दो वर्ष से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक योजना पूरी नहीं हुई है। कभी कोवल स्टोन तो कभी लाल पत्थर बिछाने का विवाद खड़ा हो जाता है।
अब नया मामला प्रकाश में आया है। इस योजना में नाबालिगों से काम लिया जा रहा है। इसकी शिकायत एडीएम सिटी से की गई है। एडीएम सिटी का कहना है कि प्रोजेक्ट के तहत 100-150 नाबालिगों से मजदूरी कराई जा रही है। इस शिकायत के आधार पर उप श्रमायुक्त आगरा परिक्षेत्र पीके सिंह ने सेवायोजकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दो टीमों गठन किया है।
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सीएम और सचिवों का भी नहीं खौफ
आगरा। हैरत की बात यह है कि ताजगंज प्रोजेक्ट के मॉडल का मुख्यमंत्री तीन बार निरीक्षण कर चुके हैं। इसके अलावा सचिव स्तर के अधिकारी, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी भी निरीक्षण करते रहे हैं। बावजूद बेखौफ नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। उप श्रमायुक्त पीके सिंह की ओर बनाई गई टीमों में श्रम विभाग के छह प्रवर्तन अधिकारियों को शामिल किया गया है। एक टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बाल गोविंद, सुरेश सिंह, विनीत मिश्र और दूसरी टीम में एसएन नागेश, एसके लाल, केके गुप्ता और जेपी शर्मा शामिल हैं।
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ताजमहल के आसपास और ताजगंज क्षेत्र के सुधार के लिए करीब 200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इस प्रोजेक्ट पर पिछले दो वर्ष से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक योजना पूरी नहीं हुई है। कभी कोवल स्टोन तो कभी लाल पत्थर बिछाने का विवाद खड़ा हो जाता है।
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अब नया मामला प्रकाश में आया है। इस योजना में नाबालिगों से काम लिया जा रहा है। इसकी शिकायत एडीएम सिटी से की गई है। एडीएम सिटी का कहना है कि प्रोजेक्ट के तहत 100-150 नाबालिगों से मजदूरी कराई जा रही है। इस शिकायत के आधार पर उप श्रमायुक्त आगरा परिक्षेत्र पीके सिंह ने सेवायोजकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दो टीमों गठन किया है।
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सीएम और सचिवों का भी नहीं खौफ
आगरा। हैरत की बात यह है कि ताजगंज प्रोजेक्ट के मॉडल का मुख्यमंत्री तीन बार निरीक्षण कर चुके हैं। इसके अलावा सचिव स्तर के अधिकारी, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी भी निरीक्षण करते रहे हैं। बावजूद बेखौफ नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। उप श्रमायुक्त पीके सिंह की ओर बनाई गई टीमों में श्रम विभाग के छह प्रवर्तन अधिकारियों को शामिल किया गया है। एक टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बाल गोविंद, सुरेश सिंह, विनीत मिश्र और दूसरी टीम में एसएन नागेश, एसके लाल, केके गुप्ता और जेपी शर्मा शामिल हैं।