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बरसाना में जिस गो अस्पताल का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री योगी, वो कई मायनों में है खास

Tue, 03 Mar 2020 09:48 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 03 Mar 2020 09:48 AM IST
सार

मान मंदिर सेवा संस्थान द्वारा गोशाला परिसर में श्रीश्याम लक्ष्मी गो चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र बनाया गया है। 28 हजार घनफुट में फैले इस अस्पताल में 32 कमरे हैं। 

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Chief Minister Yogi Adityanath will inauguration cow Hospital in Mathura
गो अस्पताल का नक्शा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ लड्डू होली के अवसर पर आज बरसाना में जिस गो अस्पताल का लोकार्पण करने आ रहे हैं, वो कई मायनों खास है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस अस्पताल में क्षेत्र के गो पालकों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर बरसाना के राधेबिहारी इंटर कालेज में बने हेलीपैड पर उतरेगा। यहां दो हेलीपैड बनाए गए हैं। यहां से सड़क मार्ग से पीलीकोठी चौराहे से थाना मार्ग होते हुए जयपुर मंदिर पार्किंग तक पहुंचेंगे। 
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यहां से पैदल राधारानी के मंदिर पहुंचेंगे। इसके बाद योगी इसी मार्ग से कॉलेज पहुंचेंगे, जहां सभा को संबोधित करेंगे। बाद में हेलीकॉप्टर से चिकसौली स्थित माताजी गोशाला पहुंचेंगे, जहां गायों के अस्पताल का उद्घाटन करेंगे।
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गो अस्पताल की विशेषता

ब्रज के विरक्त संत पद्मश्री रमेश बाबा की आरे से संचालित मान मंदिर सेवा संस्थान द्वारा गोशाला परिसर में श्रीश्याम लक्ष्मी गो चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र बनाया गया है। 28 हजार घनफुट में फैले इस अस्पताल में 32 कमरे हैं। 

70 हजार घनफुट में 4 शेडों में ऑपरेशन व इलाज के बाद पशुओं को स्वस्थ होने तक रखने की व्यवस्था है। 4 आपरेशन थिएटर भी हैं। 2 पीजी पशु चिकित्सक, 5 वेटरनेरी आफिसर और 20 एलएसए नियुक्त किए गए हैं। 

अस्पताल में 100 गोसेवक गोसेवा के लिए लगाए गए हैं। बीमार गायों की विशेष दीर्घकालीन देखभाल के लिए अतिरिक्त स्थान है। ट्रॉमा सेंटर, पुनर्वास केंद्र, बछड़ा संचालन और प्रबंधन विभाग सर्जन विभाग और विशिष्ट चिकित्सकीय जरूरतों के लिए भी अलग विभाग बनाया गया है।

गोशाला में 55 हजार गोवंशों का किया जाता है पालन 

गोवंश अनुसंधान के लिए गोमूत्र से टेबलेट बनाने की कार्यशाला भी अस्पताल में बनाई गई है। रमेश बाबा द्वारा संचालित माताजी गोशाला में 55 हजार गोवंश का पालन किया जाता है। इतनी बड़ी तादात में गोवंश के पालन पोषण के लिए गोसेवकों के साथ-साथ अत्याधुनिक मशीनों से भी काम लिया जा रहा है।

 

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