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आगरा कॉलेज में चिकन पॉक्स पीड़ित छात्रा को परीक्षा देने से रोका
अमर उजाला फतेहपुर सीकरी (आगरा)
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:48 AM IST
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कॉलेज प्रबंधन ने सीएमओ की ओर से जारी एडवाइजरी को भी नहीं माना
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर सीकरी के नगला देविया गांव की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा विमलेश को आगरा कालेज में परीक्षा देने से सिर्फ इसलिए रोक दिया गया क्योंकि वह चिकनपॉक्स से पीड़ित है। उसने कॉलेज प्रबंधन से कहा कि वह अलग बैठक परीक्षा देने के लिए तैयार है। इस पर प्रबंधन नहीं माना। उससे घर वापस जाने के लिए कह दिया गया। वह भी तब जबकि ऐसे ही दो मामलों में सीएमओ की ओर से बाकायदा कॉलेजों को एडवाइजरी जारी की गई है कि चिकनपॉक्स से पीड़ित छात्र-छात्राओं की परीक्षा कराई जा सकती है। इसमें सिर्फ एक सावधानी रखने की सलाह दी गई है। या तो उन्हें अलग कमरे में बैठाया जाए या फिर तीन फुट की दूरी पर। उधर जिला प्रशासन का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। हालांकि कॉलेज प्राचार्य की दलील है कि यूनिवर्सिटी की ओर से जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि चिकनपॉक्स जैसे संक्रामक रोगों से पीड़ित विद्यार्थियों की परीक्षा में शामिल न किया जाए।
विमलेश की सोमवार को जनरल इंग्लिश की परीक्षा थी। वह पूरी तैयारी के साथ गई थी। उसका कहना है कि उसे पहले से नहीं बताया गया था कि अगर किसी को चिकनपॉक्स हो जाए तो उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। वह रूम नंबर पर 98 में पहुंच गई। यहीं पर उसकी परीक्षा होनी थी। परीक्षक ने उससे कहा कि उसे चिकनपॉक्स है, साफ नजर आ रहा है, ऐसी स्थिति में उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। उससे वहां से घर जाने के लिए कह दिया गया। विमलेश का कहना है कि उसने परीक्षक से कहा कि उसका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा, सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा लेकिन वह नहीं पसीजे। मामला कॉलेज प्रबंधन तक गया। वहां से भी यहा कहा गया कि उसे घर वापस भेज दिया जाए। उधर, इस बारे में पूछे जाने पर सीएमओ बीएस यादव का कहना था कि इस तरह के दो मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। दोनों छात्रों को संक्रामक बीमारी होने पर परीक्षा से रोका गया था। इस पर सभी कॉलेजों को एडवाइजरी जारी की गई थी कि ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी को अलग बैठाया जा सकता है। चिकनपॉक्स के मामले में तो साफ तौर पर कहा गया था कि तीन फुट से अधिक दूरी पर इसका संक्रमण नहीं फैलता है।
--। चिकन पॉक्स के मरीज को कक्षा में न शामिल कराने के संबंध में विश्वविद्यालय के दिशानिर्देश हैं। इससे इंफेक्शन फैलता है। छात्रा पुनर्परीक्षा में हिस्सा ले सकती है।’ - डा. एके गुप्ता, प्राचार्य आगरा कालेज
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--। छुआछूत से फैलने वाली बीमारी में विद्यार्थी को परीक्षा से अलग करने की व्यवस्था नियमावली में दी गई है। जांच के बाद पता चलेगा कि छात्रा की स्थिति क्या थी।’
डा. अरविंद कुमार दीक्षित, कुलपति, डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय
--। यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर शिकायत सही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी - नगेन्द्र प्रताप ( प्रभारी जिलाधिकारी )
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विमलेश की सोमवार को जनरल इंग्लिश की परीक्षा थी। वह पूरी तैयारी के साथ गई थी। उसका कहना है कि उसे पहले से नहीं बताया गया था कि अगर किसी को चिकनपॉक्स हो जाए तो उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। वह रूम नंबर पर 98 में पहुंच गई। यहीं पर उसकी परीक्षा होनी थी। परीक्षक ने उससे कहा कि उसे चिकनपॉक्स है, साफ नजर आ रहा है, ऐसी स्थिति में उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। उससे वहां से घर जाने के लिए कह दिया गया। विमलेश का कहना है कि उसने परीक्षक से कहा कि उसका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा, सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा लेकिन वह नहीं पसीजे। मामला कॉलेज प्रबंधन तक गया। वहां से भी यहा कहा गया कि उसे घर वापस भेज दिया जाए। उधर, इस बारे में पूछे जाने पर सीएमओ बीएस यादव का कहना था कि इस तरह के दो मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। दोनों छात्रों को संक्रामक बीमारी होने पर परीक्षा से रोका गया था। इस पर सभी कॉलेजों को एडवाइजरी जारी की गई थी कि ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी को अलग बैठाया जा सकता है। चिकनपॉक्स के मामले में तो साफ तौर पर कहा गया था कि तीन फुट से अधिक दूरी पर इसका संक्रमण नहीं फैलता है।
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--। चिकन पॉक्स के मरीज को कक्षा में न शामिल कराने के संबंध में विश्वविद्यालय के दिशानिर्देश हैं। इससे इंफेक्शन फैलता है। छात्रा पुनर्परीक्षा में हिस्सा ले सकती है।’ - डा. एके गुप्ता, प्राचार्य आगरा कालेज
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--। छुआछूत से फैलने वाली बीमारी में विद्यार्थी को परीक्षा से अलग करने की व्यवस्था नियमावली में दी गई है। जांच के बाद पता चलेगा कि छात्रा की स्थिति क्या थी।’
डा. अरविंद कुमार दीक्षित, कुलपति, डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय
--। यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर शिकायत सही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी - नगेन्द्र प्रताप ( प्रभारी जिलाधिकारी )