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आगराः राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी छत्रपति शिवाजी महाराज के संग्रहालय की पहचान
Fri, 18 Sep 2020 10:51 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 18 Sep 2020 10:51 AM IST
सार
संग्रहालय के रुके हुए काम को तेजी से पूरा कराना चाहिए। इससे आगरा को पर्यटन की दृष्टि के साथ आर्थिक विकास को मजबूती
मिलेगी।
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छत्रपति शिवाजी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्रपति शिवाजी महाराज ने आगरा से लौटकर मुगलों से वे सभी 23 किले जीत लिए थे जो 1665 में पुरंदर की संधि में देने पड़े थे। इतिहासविद कहते हैं कि आगरा से लौटकर ही उनका सितारा चमका था।
औरंगजेब की कैद में रहने के बाद स्वराज्य का जो संकल्प लिया, आजाद होकर उसी के लिए काम किया। उनके आगरा से राजगढ़ लौटने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। अब जब मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय कर दिया गया है तो लोग इतिहास के पन्ने पलटकर उनके बारे में और जानकारी कर रहे हैं।
छत्रपति शिवाजी के नाम पर होने से संग्रहालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी। भारतीय वीरता, मान सम्मान और स्वाभिमान की पहचान को भी शिवाजी के नाम के साथ बल मिला है। -राजीव अग्रवाल अध्यक्ष, नेशनल चैंबर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स
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औरंगजेब की कैद में रहने के बाद स्वराज्य का जो संकल्प लिया, आजाद होकर उसी के लिए काम किया। उनके आगरा से राजगढ़ लौटने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। अब जब मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय कर दिया गया है तो लोग इतिहास के पन्ने पलटकर उनके बारे में और जानकारी कर रहे हैं।
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छत्रपति शिवाजी के नाम पर होने से संग्रहालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी। भारतीय वीरता, मान सम्मान और स्वाभिमान की पहचान को भी शिवाजी के नाम के साथ बल मिला है। -राजीव अग्रवाल अध्यक्ष, नेशनल चैंबर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स
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राजीव अग्रवाल, पंकज मिश्रा बाएं से दाएं
- फोटो : अमर उजाला
स्वाभिमान का प्रतीक होगा संग्रहालय
छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम के साथ संग्रहालय हमारे आत्मसम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक होगा। इसमें आगरा के साथ ही संपूर्ण ब्रज के साहित्यिक, राजनीतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक परिचय और प्रस्तुति देखने को मिले तो पूरे ब्रज के पर्यटन को भी पंख लगेंगे। -पंकज मिश्रा, पूर्व चेयरमैन आगरा ब्रांच ऑफ ईआईआरसी
रुका हुआ काम तेजी से पूरा हो
संग्रहालय के रुके हुए काम को तेजी से पूरा कराना चाहिए। इससे आगरा को पर्यटन की दृष्टि के साथ आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। संग्रहालय अब सरकार की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
संग्रहालय में आगरा के उद्योग और प्रमुख व्यवसायों का इनके इतिहास के साथ जिक्र हो। -हरिओम अग्रवाल, सचिव यूपीएसआईडीसी सिकंदरा फैक्टरी ऑनर्स एसोसिएशन
छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम के साथ संग्रहालय हमारे आत्मसम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक होगा। इसमें आगरा के साथ ही संपूर्ण ब्रज के साहित्यिक, राजनीतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक परिचय और प्रस्तुति देखने को मिले तो पूरे ब्रज के पर्यटन को भी पंख लगेंगे। -पंकज मिश्रा, पूर्व चेयरमैन आगरा ब्रांच ऑफ ईआईआरसी
रुका हुआ काम तेजी से पूरा हो
संग्रहालय के रुके हुए काम को तेजी से पूरा कराना चाहिए। इससे आगरा को पर्यटन की दृष्टि के साथ आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। संग्रहालय अब सरकार की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
संग्रहालय में आगरा के उद्योग और प्रमुख व्यवसायों का इनके इतिहास के साथ जिक्र हो। -हरिओम अग्रवाल, सचिव यूपीएसआईडीसी सिकंदरा फैक्टरी ऑनर्स एसोसिएशन
डॉ. रजनीश त्यागी, हरिओम अग्रवाल बाएं से दाएं
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर हाउस का नाम शिवाजी के नाम पर हो
नौ मई 1666 से 13 अगस्त 1666 तक शिवाजी महाराज आगरा में रहे थे। यह आगरा का सौभाग्य था। उनके साथ आए हुए बहुत से मराठा आगरा के वाशिंदे बन गए थे। वो आज भी आगरा में रहते हैं। यह सम्मान की बात है कि शिवाजी महाराज के नाम पर संग्रहालय बनने जा रहा है। जिस जयपुर हाउस में वह रहे थे, उसका नाम शिवाजी या उनकी माताजी जीजाबाई के नाम पर रखा जाना चाहिए। -डॉ. रजनीश त्यागी, राष्ट्रीय मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच
‘संग्रहालय महाराज सूरजमल के नाम पर न हुआ तो आंदोलन करेंगे’
अखिल भारतीय जाट महासभा ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि अगर संग्रहालय महाराजा सूरजमल के नाम पर न किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मंडल महासचिव अमित चौधरी ने कहा कि भाजपा की महत्वाकांक्षा और धर्म जाति के वोट बंटवारे की राजनीति में अपने समाज के महापुरुषों के इतिहास से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। इस दौरान अवधेश चौधरी, मोहित फौजदार, सूरज चौधरी, प्रदीप चौधरी, दीपू जाट, विष्णु चौधरी, पुनीत, जगवीर सिंह, अरविंद चौधरी और विपिन चौधरी मौजूद रहे।
नौ मई 1666 से 13 अगस्त 1666 तक शिवाजी महाराज आगरा में रहे थे। यह आगरा का सौभाग्य था। उनके साथ आए हुए बहुत से मराठा आगरा के वाशिंदे बन गए थे। वो आज भी आगरा में रहते हैं। यह सम्मान की बात है कि शिवाजी महाराज के नाम पर संग्रहालय बनने जा रहा है। जिस जयपुर हाउस में वह रहे थे, उसका नाम शिवाजी या उनकी माताजी जीजाबाई के नाम पर रखा जाना चाहिए। -डॉ. रजनीश त्यागी, राष्ट्रीय मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच
‘संग्रहालय महाराज सूरजमल के नाम पर न हुआ तो आंदोलन करेंगे’
अखिल भारतीय जाट महासभा ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि अगर संग्रहालय महाराजा सूरजमल के नाम पर न किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मंडल महासचिव अमित चौधरी ने कहा कि भाजपा की महत्वाकांक्षा और धर्म जाति के वोट बंटवारे की राजनीति में अपने समाज के महापुरुषों के इतिहास से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। इस दौरान अवधेश चौधरी, मोहित फौजदार, सूरज चौधरी, प्रदीप चौधरी, दीपू जाट, विष्णु चौधरी, पुनीत, जगवीर सिंह, अरविंद चौधरी और विपिन चौधरी मौजूद रहे।