आगरा में छाई छठ की छटा: नहाय खाय के साथ शुरू हुआ लोक आस्था का महापर्व, चार दिन होगी छठ मैया की पूजा
सूर्य उपासना का पर्व (छठ पूजा) को नहाय खाय के साथ सोमवार से शुरू हो गया है। चार दिनों तक पूजा चलेगी। यमुना के घाटों पर श्रद्धालु 10 नवंबर को अस्तांचलगामी और 11 को उदयांचलगामी सूर्य की उपासना कर अर्घ्य देंगे।
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लोक आस्था का महापर्व छठ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ पूरे देश मनाया जाता है। आगरा में भी व्रतियों और उपासकों की संख्या बढ़ रही है। यमुना के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ छठ मैया की पूजा के लिए पहुंचती है। नहाय खाय के साथ घरों में छठ पूजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
छठ पर्व के पहले दिन नहाय-खाय में व्रती महिलाएं चावल, चने की दाल, लौकी की सब्जी खाएंगी। इसका सेवन शुद्धिकरण के लिए किया जाता है। शुद्ध होने के बाद ही छठ पूजन की तमाम तैयारियां की जाती हैं।
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पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष शंभूनाथ चौबे ने बताया कि नहाये-खाये के बाद नौ नवंबर को खरना होगा। इसे छोटी छठ भी कहते हैं। इस दिन महिलाएं दिन में व्रत रखती हैं और शाम को रोटी और खीर खाकर व्रत खोलती हैं।
महिलाएं रहेंगी निर्जला व्रत
10 नवंबर को पूरे दिन और रात महिलाएं निर्जल व्रत रहेंगी। 11 नवंबर की सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलेंगी। आखिरी दिन घाटों पर पूजन के बाद महिलाएं घर में लेपन के लिए नदी का जल और मिट्टी अपने साथ ले जाती हैं। घर में पूजापाठ करके आसपास के लोगों को प्रसाद वितरित करती हैं।
घाटों पर सफाई, लाइटिंग व सुरक्षा के लिए आज देंगे ज्ञापन
पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष शंभूनाथ चौबे के नेतृत्व में रविवार को पदाधिकारियों की उनके कमला नगर स्थित निवास पर बैठक हुई। इसमें तय किया गया है कि समिति का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एडीएम सिटी को ज्ञापन देगा।
बल्केश्वर, रामबाग, हाथीघाट, कैलाश घाट, पोइया घाट, दशहरा घाट, कैलाश घाट पर सफाई के साथ लाइटिंग करने और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की जाएगी। नौ और दस नवंबर को घाटों पर श्रद्धालु पूजन के लिए पहुंचेंगे।