Agra: ताज के साए में शतरंज ओलिंपियाड की मशाल रिले का हुआ भव्य स्वागत
मेरठ से होते हुए 26 जून को मशाल रिले दोपहर में आगरा पहुंची। यहां मेहताब बाग स्थित सेल्फी प्वाइंट पर उसका भव्य स्वागत किया गया। रिले के साथ आल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कपूर भी थे।
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देश में पहली बार शतरंज ओलिंपियाड का आयोजन तमिलनाडु के महाबलीपुरम में होने जा रहा है। 28 जुलाई से नौ अगस्त तक होने वाले इस 44वें शतरंज ओलंपियाड की मशाल रिले रविवार को आगरा पहुंचीं। रिले के आगरा पहुंचने पर उसका मेहताब बाग स्थित सेल्फी प्वाइंट पर जोरदार स्वागत किया गया। रिले के मेरठ से आगरा पहुंचने पर ग्रांड मास्टर वंतिका अग्रवाल इसे थामे हुए थीं। मेयर नवीन जैन और डीएम प्रभु एन सिंह ने उनका स्वागत किया। रिले के साथ आल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कपूर भी थे। शतरंज ओलिंपियाड में 187 देशों के 2200 से अधिक खिलाड़ी शामिल होंगे। शतरंज रिले को पहली बार निकाला गया है। अब प्रत्येक शतरंज ओलिंपियाड से पहले उसकी रिले निकालने की शुरूआत भारत से ही होगी।
अपने घर लौटा शतरंज
आल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कपूर इस मौके पर बेहद भावुक नजर आए। उनका कहना था कि शतरंज की शुरूआत भारत में ही हुई थी, लेकिन किन्ही कारणों से यह अन्य देशों में चला गया। अब उसकी घर वापसी हुई है, इससे देश में शतरंज खेल के प्रति लोगों में जागरूकता आएगी।
शतरंज को अपनाएं
इंटरनेशनल मास्टर वंतिका अग्रवाल का कहना था कि शतरंज हमारे देश का ही खेल है। अब देश में उसकी वापसी हुई है, तो यह मौका हाथ से न जाने दें। युवाओं और बच्चों के बीच इसे लेकर जाएं और इसे खेलने के प्रति जागरूक करें। यह इस खेल को दोबारा से मुकाम दिलाने का सबसे बेहतरीन मौका है।
कानपुर के लिए हुई रवाना
आगरा शतरंज संघ के अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि शतरंज ओलिंपियाड रिले की शुरुआत दिल्ली से पीएम मोदी ने की थी। तब से यह पूरे देश में घूमने के लिए निकली है। मेरठ से चलकर रविवार को आगरा पहुंची रिले यहां से कानपुर के लिए रवाना हो गई।इस दौरान आगरा शतरंज संघ के सचिव संजय दुबे और अन्य खिलाड़ी भी मौजूद रहेंगे।