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36 घंटे से धधक रहा चंबल का बीहड़
36 घंटे से धधक रहा चंबल का बीहड़
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:28 AM IST
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36 घंटे से धधक रहा चंबल का बीहड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मध्य प्रदेेश से सटा चंबल का बीहड़ पिछले 36 घंटे से धधक रहा है। दुर्गम बीहड़ में लगी आग बुझाने के संसाधन न होने के कारण वन्य जीवों में भगदड़ मची हुई है। गुरुवार को आग रानीपुरा गांव तक पहुंच गई। तब ग्रामीणों ने उसे गांव की ओर बढ़ने से रोका। शाम तक वन विभाग के कर्मचारी आग को बुझाने में लगे हुए थे।
बता दें कि बुधवार को एक किसान ने खेत के कूडे़ में आग लगाई थी। यहीं से आग बीहड़ तक पहुंच गई। गुरुवार की शाम गुढ़ा और गोहरा के बीच चंबल के बीहड़ में लगी आग को 36 घंटे हो गये। इस बीच कई किमी के दायरे में हरियाली जलकर नष्ट हो गई। वन्य जीवों में भगदड़ मची हुई है। इस इलाके में लकड़बग्घे, सियार, लोमड़ी, नीलगाय जैसे वन्य जीवों की जान पर बन आई है। गुरुवार की दोपहर गोहरा के पड़ोसी गांव रानीपुरा तक पहुंच गई। यह देख गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने गांव के बाहर ही आग पर काबू पा लिया है। रेंजर आरके चतुर्वेदी ने बताया कि दुर्गम बीहड़ होने के कारण आग वाले इलाके में फायरब्रिगेड नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीणों की मदद से वन कर्मी आग बुझाने में लगे हुए हैं। आग बुझाने के संसाधन न होने के कारण फिलहाल नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
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यमुना के बीहड़ में भी उठी आग की लपटें
बाह। जैतपुर के नहटौली गांव के पास यमुना के बीहड़ में गुरुवार की दोपहर आग की लपटें उठने लगीं। यह देख चरवाहे पशुओं लेकर गांव की ओर दौड़ पडे़। सूचना पर पहुंची फायरब्रिगेड ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बाद में देरशाम तक जंगल सुलगता रहा। चरवाहों के माचिस की जलती तीली फेंकने से आग लगने की आशंका वन कर्मियों ने जताई है। लगभग दो किमी के दायरे में लगी आग से दोपहर बाद तक वन विभाग बेखबर बना रहा। ग्रामीणों की सूचना पर आग बुझाई गई।
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बता दें कि बुधवार को एक किसान ने खेत के कूडे़ में आग लगाई थी। यहीं से आग बीहड़ तक पहुंच गई। गुरुवार की शाम गुढ़ा और गोहरा के बीच चंबल के बीहड़ में लगी आग को 36 घंटे हो गये। इस बीच कई किमी के दायरे में हरियाली जलकर नष्ट हो गई। वन्य जीवों में भगदड़ मची हुई है। इस इलाके में लकड़बग्घे, सियार, लोमड़ी, नीलगाय जैसे वन्य जीवों की जान पर बन आई है। गुरुवार की दोपहर गोहरा के पड़ोसी गांव रानीपुरा तक पहुंच गई। यह देख गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने गांव के बाहर ही आग पर काबू पा लिया है। रेंजर आरके चतुर्वेदी ने बताया कि दुर्गम बीहड़ होने के कारण आग वाले इलाके में फायरब्रिगेड नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीणों की मदद से वन कर्मी आग बुझाने में लगे हुए हैं। आग बुझाने के संसाधन न होने के कारण फिलहाल नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
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यमुना के बीहड़ में भी उठी आग की लपटें
बाह। जैतपुर के नहटौली गांव के पास यमुना के बीहड़ में गुरुवार की दोपहर आग की लपटें उठने लगीं। यह देख चरवाहे पशुओं लेकर गांव की ओर दौड़ पडे़। सूचना पर पहुंची फायरब्रिगेड ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बाद में देरशाम तक जंगल सुलगता रहा। चरवाहों के माचिस की जलती तीली फेंकने से आग लगने की आशंका वन कर्मियों ने जताई है। लगभग दो किमी के दायरे में लगी आग से दोपहर बाद तक वन विभाग बेखबर बना रहा। ग्रामीणों की सूचना पर आग बुझाई गई।
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