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UP: शाहजहां पार्क और ताजमहल के 'विरासत वृक्ष', 100 साल पुराने ये पेड़ बनेंगे आज़ादी के गवाह

Fri, 31 Oct 2025 08:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 31 Oct 2025 08:59 AM IST
सार

 वन विभाग ने सात पेड़ों को विरासत वृक्ष के रूप में चिह्नित किया है। इन पेड़ों के नीचे क्रांतिकारियों ने गुप्त बैठकें की और आजादी की रणनीतियां बनाई थीं।

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Century-Old Trees in Agra Declared Heritage Trees Witnesses to India’s Freedom Struggle to Be Preserved
शाहजहां पार्क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुराने पेड़ों को बचाने की योगी सरकार ने एक अनोखी और ऐतिहासिक मुहिम शुरू हो गई है। सरकार के निर्देश पर वन विभाग ने ऐसे 100 साल से ज्यादा पुराने बरगद, इमली और पीपल के सात पेड़ों को 'विरासत वृक्ष' के रूप में चिह्नित किया है, जो न सिर्फ प्रकृति की धरोहर हैं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की कहानियां भी अपने भीतर समेटे हुए हैं। इन पेड़ों के नीचे क्रांतिकारियों ने गुप्त बैठकें की और आजादी की रणनीतियां बनाई थीं।
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सात 'शताब्दी वृक्ष' बने आजादी की कहानी के पन्ने
वन विभाग ने आगरा में सात ऐसे पेड़ों को चिन्हित कर उनकी देखभाल और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी उठा ली है, जिनकी उम्र 100 वर्ष पूरी हो चुकी है। ये पेड़ हमारी संस्कृति, धार्मिकता और देशभक्ति से गहराई से जुड़े हैं। चिह्नित किए गए सात विरासत वृक्षों में से सबसे ज्यादा चार पेड़ शाहजहां पार्क में स्थित हैं। यहाँ दो इमली के पेड़, एक बरगद और एक पीपल का पेड़ शामिल है। ये पेड़ शहर की शान हैं और इनकी जड़ों में स्वतंत्रता की यादें छिपी हैं।
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ऐतिहासिक परिसरों में भी अनमोल धरोहर
शाहजहां पार्क के अलावा, आगरा क्लब में एक पुराना इमली का पेड़, रामबाग पार्क में एक इमली का पेड़ और विश्व प्रसिद्ध ताजमहल परिसर के अंदर एक बरगद का पेड़ भी इस सूची में शामिल है। ताजमहल के बरगद का ऐतिहासिक पक्ष अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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बच्चों को सुनाई जाएगी 'आजादी' की कहानियां
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि इन वृक्षों के सामाजिक, धार्मिक और देशभक्ति से संबंधित महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को इन पेड़ों की कहानियां सुनाई जाएंगी, ताकि वे हमारे इतिहास और धरोहर से जुड़ सकें।


विकास की दौड़ में धरोहर को बचाने का प्रयास
आज के दौर में जब शहरों के विकास के नाम पर पुराने पेड़ों को काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं और ये अमूल्य धरोहरें खो रही हैं, ऐसे में वन विभाग का यह कदम बहुत खास है। योगी सरकार की पहल इन विरासत वृक्षों की रक्षा करेगी और इन्हें इतिहास के जीवंत गवाह के रूप में संरक्षित रखेगी।
 
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