फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   CDO Will Investigate Children Died In Rajkiya Bal Grah

राजकीय बाल गृह में तीन शिशुओं की मौतः जिलाधिकारी के सख्त निर्देश, सीडीओ करेंगी जांच

Mon, 02 Nov 2020 12:11 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 02 Nov 2020 12:11 AM IST
सार

महफूज सुरक्षित बचपन संस्था समन्वयक नरेश पारस ने राजकीय बाल गृह में दो दिन में तीन शिशुओं की मौत मामले में राष्ट्रीय बाल
अधिकार संरक्षण आयोग और डीएम को पत्र भेज प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठंड में बच्चों की
देखभाल व स्वास्थ्य के उचित इंतजाम कराए जाएं। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो।
 

विज्ञापन
CDO Will Investigate Children Died In Rajkiya Bal Grah
राजकीय बाल गृह (शिशु) आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजकीय बाल गृह (शिशु) में तीन बच्चों की मौत हो जाने के मामले में सीडीओ जांच करेंगी। वहां स्वास्थ्य कैंप लगवाया जाएगा। सभी बच्चों का परीक्षण होगा। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर इसके निर्देश डीएम प्रभु एन सिंह ने रविवार को दिए हैं।
विज्ञापन


उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा है। राजकीय बाल गृह में 24-25 अक्तूबर को तीन शिशुओं की मौत हो गई थी। यहां निरीक्षण के दौरान पोषण और देखभाल पर सवाल उठ चुके हैं। 
विज्ञापन



शिशुओं की मौत की मजिस्ट्रेट से जांच की मांग
महफूज सुरक्षित बचपन संस्था समन्वयक नरेश पारस ने राजकीय बाल गृह में दो दिन में तीन शिशुओं की मौत मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और डीएम को पत्र भेज प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठंड में बच्चों की देखभाल व स्वास्थ्य के उचित इंतजाम कराए जाएं। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

निरीक्षण में सामने आई कमियां.. फिर भी नहीं की कार्रवाई
राजकीय संरक्षण गृहों में जब-जब न्यायिक अधिकारी सर्वजीत कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किए उन्हें खामियां मिलीं। कागजों में छह माह से बंद बाल गृह में चार नाबालिग लड़कियां रहती मिलीं, सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। लेकिन जिला प्रशासन व डीपीओ ने कार्रवाई नहीं की।

24 व 25 अक्तूबर को सिरौली स्थित जिस राजकीय बाल (शिशु) गृह में तीन बच्चियों की अचानक मौत हुई वहां 18 सितंबर को निरीक्षण में बच्चों के लिए दूध व पौष्टिक आहार खरीद रजिस्टर नहीं दिखाए गए थे। इस पर सर्वजीत कुमार सिंह ने डीपीओ को भेजे पत्र में आपत्ति जताते हुए स्पष्ट कहा था कि बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं ताकि उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़े। 

कागजों में बंद शेल्टर होम में मिली थी चार लड़कियां
न्यायिक अधिकारी सर्वजीत कुमार सिंह 17 अगस्त को कहरई मोड़ स्थित शरण बाल गृह का औचक निरीक्षण के लिए गए। वहां प्रभारी रॉड्रिक्स ने उन्हें बताया ट्रस्ट ने इस शेल्टर होम को बंद करने का प्रस्ताव डीपीओ को भेजा है। लेकिन निरीक्षण में उन्हें 12 से 17 साल की चार लड़कियां अवैध रूप से यहां रहती मिलीं। उन्होंने डीपीओ को विधिक रूप से जिम्मेदार बताते हुए लड़कियों के बाबत कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

राजकीय संरक्षण गृह में सभी कैमरे खराब मिले
24 अगस्त को सिरौली में नवनिर्मित राजकीय सरंक्षण गृह (किशोर) मॉडल होम का निरीक्षण किया था। यहां 11 से 17 साल के 128 किशोर रहते मिले। इनकी सुरक्षा के लिए परिसर में 72 सीसीटीवी कैमरे हैं। सहायक अधीक्षक रतन सिंह ने पूछने पर न्यायिक अधिकारी सर्वजीत कुमार सिंह को बताया कि सात कैमरे खराब हैं। बाकी सभी चालू हैं। लेकिन उन्होंने कैमरों को चलवाकर देखा तो सभी खराब निकले।

कमियों को दूर कराएंगे
निरीक्षण समिति ने जिन संरक्षण गृहों में जो कमियां बताई हैं, उन्हें दूर कराएंगे। - प्रभु नारायन सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed