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सीबीएसई: आगरा जिले में 12वीं के 11660 छात्र-छात्राएं बिना परीक्षा के होंगे प्रोन्नत

Wed, 02 Jun 2021 12:26 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 02 Jun 2021 12:26 AM IST
सार

सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। आगरा जिले में सीबीएसई के स्कूलों में कक्षा 12 में 11660 विद्यार्थी पंजीकृत थे, अब इनको प्रोन्नत किया जाना है। 

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cbse students of 12th class will be promoted in Agra without examination
सीबीएसई परीक्षा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा जिले में सीबीएसई के कुल 135 विद्यालय हैं। इसमें से 12वीं तक 100 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनके विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जाएगा। हालांकि परीक्षा न कराए जाने पर स्कूल संचालकों और प्रधानाचार्यों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। यही हाल विद्यार्थियों का भी है, कुछ का कहना है कि परीक्षा होनी चाहिए थी, वहीं, कुछ इसे अच्छा निर्णय बता रहे हैं। 

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घरेलू परीक्षा के आधार पर अंक दिए जाएं 
आरसीएस मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक विकास भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने विद्यार्थियों के हित में निर्णय लिया है। प्री बोर्ड, अर्द्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर अंक प्रदान किए जाने चाहिए। कोई विद्यार्थी प्राप्तांक से संतुष्ट न हो तो ओएमआर आधारित परीक्षा कराई जा सकती है।
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विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता
सीबीएसई के शहर समन्वयक ने बताया कि रामानंद चौहान ने कहा कि 12वीं की परीक्षाएं होनी चाहिए थी, विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला था। सरकार ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं न कराने का निर्णय लिया है। परीक्षा के बजाय स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है।

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परीक्षा निरस्त करने का निर्णय स्वागत योग्य  
जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ ने बताया कि परिस्थितियों को देखते हुए 12वीं की परीक्षा निरस्त का निर्णय स्वागत के योग्य है। कई विद्यार्थियों के परिवार में कोरोना संक्रमण की वजह से मौत भी हो चुकी है, ऐसे विद्यार्थियों की मानसिक दशा परीक्षा देने लायक नहीं है।

इतनी जल्दी निर्णय नहीं लेना चाहिए था 
नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन (नप्सा) के अध्यक्ष संजय तोमर ने कहा कि सीबीएसई ने 12वीं की परीक्षाएं निरस्त करने के संबंध में जल्दी निर्णय ले लिया। स्थितियां सामान्य होने का अभी कुछ और इंतजार करना चाहिए था। 12वीं की परीक्षा के आधार पर छात्र-छात्राएं अपना भविष्य चुनता है। उसकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। 

15 जुलाई के बाद परीक्षा पर विचार कर सकते थे 
एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स ऑफ आगरा (अप्सा) के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि कक्षा 12वीं की परीक्षा 15 जुलाई के बाद परिस्थितियां देखते हुए केंद्रों की संख्या बढ़ाकर परीक्षा कराई जा सकती थी। इससे पहले विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवा सकते थे। अभी तक 10वीं के मूल्यांकन का आधार तय नहीं है, ऐसे में 12वीं की परीक्षा निरस्त करना नहीं समझ में आया। 
 

विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया 
होली पब्लिक स्कूल की 12वीं के छात्र प्रथम वरयानी ने कहा कि  मेरे हिसाब से परीक्षा निरस्त करने का सरकार का फैसला विद्यार्थियों के हित में है। अभी सभी छात्रों को कोरोना वैक्सीन नहीं लग पाई है। ऐसे में परीक्षा कराना ठीक नहीं था। 

प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की छात्रा नंदनी ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने परीक्षा निरस्त करने का अच्छा निर्णय लिया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। 
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