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पिता की मौत के बाद मां ने दिया हौसला, बिना ट्यूशन सेल्फ स्टडी से पाई सफलता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 29 May 2018 09:50 PM IST
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अपनी मां के साथ छात्रा शिखा कुशवाहा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रतिभा है तो परिस्थितियां कैसी भी हों, कदम नहीं रोक सकती। आगरा के पंचकुइयां निवासी छात्रा शिखा कुशवाहा ने यह साबित किया है। पिता की मौत के बाद कलक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मां ओमवती देवी शिखा के लिए प्रेरक भी बनी।
परिवार में तमाम परेशानियां को मात देकर शिखा ने सीबीएसई हाईस्कूल में 95 फीसदी अंक प्राप्त किए। उन्होंने ने कभी ट्यूशन पढ़ा नहीं। सेल्फ स्टडी से सफलता पाई। बेटी की सफलता पर मां ओमवती भी फूली नहीं समा रही।
ओमवती ने बताया कि वर्ष 2007 में पति की मौत के बाद कई परेशानियां आईं। बेटा तीन और बेटी पांच साल की थी। दोनों बच्चों को पढ़ने में कोई कमी नहीं रखी। दोनों बच्चे भी लगन से पढ़ाई करते हैं।
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परिवार में तमाम परेशानियां को मात देकर शिखा ने सीबीएसई हाईस्कूल में 95 फीसदी अंक प्राप्त किए। उन्होंने ने कभी ट्यूशन पढ़ा नहीं। सेल्फ स्टडी से सफलता पाई। बेटी की सफलता पर मां ओमवती भी फूली नहीं समा रही।
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ओमवती ने बताया कि वर्ष 2007 में पति की मौत के बाद कई परेशानियां आईं। बेटा तीन और बेटी पांच साल की थी। दोनों बच्चों को पढ़ने में कोई कमी नहीं रखी। दोनों बच्चे भी लगन से पढ़ाई करते हैं।
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शिक्षक बनने का सपना
सिंपकिंस स्कूल की छात्रा शिखा ने बताया कि अच्छे नंबर लाने के लिए ट्यूशन और घंटों पढ़ाई जरूरी नहीं है। खुद की तैयारी के बारे में बताया कि वह 4-5 घंटे ही पढ़ती थीं, लेकिन समय कोई तय नहीं था। बस, जब मन करता तभी वो पढ़ती।
शिखा भविष्य में शिक्षक बनना चाहती हैं, जिससे वो किसी जरूरतमंद और गरीब बच्चों को पढ़ाकर उनका भविष्य संवार सकें। इस सफलता पर शिखा को परिजन व तमाम जानने वालों ने बधाइयां दी।
शिखा भविष्य में शिक्षक बनना चाहती हैं, जिससे वो किसी जरूरतमंद और गरीब बच्चों को पढ़ाकर उनका भविष्य संवार सकें। इस सफलता पर शिखा को परिजन व तमाम जानने वालों ने बधाइयां दी।