डॉ. दीप्ति अग्रवाल की मौत का मामला: सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान करेगी सीबीआई
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आगरा के थाना ताजगंज के विभव वैली व्यू अपार्टमेंट में डॉ. दीप्ति अग्रवाल दहेज मृत्यु केस की विवेचना करने शुक्रवार को सीबीआई की टीम आगरा आई थी। टीम ने डॉ. दीप्ति के फ्लैट पर छह घंटे तक पड़ताल कर मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए थे।
डॉ. एससी अग्रवाल सहित अन्य ससुरालियों से दो घंटे पूछताछ की। अब सीबीआई डॉ. दीप्ति के कमरे से बरामद सुसाइड नोट के बारे में पता कर रही है। इसके लिए मृतका के पिता और केस के वादी डॉ. नरेश मंगला से डॉ. दीप्ति की हिंदी में लिखी डायरी या कॉपी मांगी गई है, जिससे लिखावट का मिलान किया जा सके।
थाना ताजगंज के विभव वैली व्यू अपार्टमेंट निवासी डॉ. दीप्ति तीन अगस्त 2020 को फ्लैट में पंखे से फंदे पर लटकी मिली थीं। छह अगस्त 2020 को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामले में उनके पति डॉ. सुमित अग्रवाल जेल में हैं।
सीबीआई ने लिए आरोपियों के बयान
उनके अलावा ससुर डॉ. एससी अग्रवाल, सास अनीता, जेठ डॉ. अमित और जेठानी तूलिका भी आरोपी हैं। शुक्रवार सुबह सीबीआई की टीम आगरा आई थी। आरोपियों के बयान लिए थे। इसके साथ फ्लैट में छानबीन की थी। पुलिस की विवेचना में एक सुसाइड नोट भी है।
सुसाइड नोट में अंग्रेजी के शब्दों में लिखा था कि इनाया का ख्याल रखना। वहीं आखिर में हिंदी में डॉ. दीप्ति के हस्ताक्षर हैं। सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब भेजा था। मगर, डॉ. दीप्ति की लिखावट का कोई दस्तावेज न होने की वजह से जांच पूरी नहीं हो सकी है।
अब सीबीआई ने डॉ. दीप्ति का हिंदी में लिखा दस्तावेज पिता डॉ. नरेश मंगला से मांगा है। डॉ. नरेश मंगला का कहना है कि बेटी हिंदी में हस्ताक्षर नहीं करती थीं। फिर सुसाइड नोट पर क्यों करेंगी।
डॉ. नरेश मंगला का कहना है कि बेटी की दो डायरी थीं। बेटी डायरी में अपने जीवन में होने वाली सभी घटना का जिक्र करती थी। आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में ससुरालियों ने एक डायरी को जला दिया था। दूसरी डायरी फ्लैट की एक अलमारी में रखी हो सकती है।
डॉ. सुमित का है लैपटॉप, होगी फोरेंसिक जांच
सीबीआई की टीम डॉ. दीप्ति के फ्लैट से लैटटॉप जब्त करके ले गई थी। सीबीआई ने लैपटॉप की जांच की। वह डॉ. सुमित का निकला। अब इस लैपटॉप की जांच फोरेंसिक लैब में कराई जाएगी। इसमें डाटा है या नहीं? इसे देखा जाएगा।