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ब्रीडिंग का अवैध धंधा: पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी को खुद सहारे की जरूरत, विदेशी नस्ल के श्वानों पर अत्याचार

Sat, 22 Jun 2024 01:29 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 22 Jun 2024 01:29 PM IST
सार

ताजनगरी में ब्रीडिंग का अवैध धंधा फल फूल रहा है। पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी को खुद सहारे की जरूरत है। देशी-विदेशी नस्ल के श्वानों पर अत्याचार हो रहा है।

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Cases of cruelty against Indian and foreign breed dogs increasing in Agra
ब्रीडिंग के लिए रखा यंग रॉटविलर, रेस्क्यू करा कर लाई गई फीमेल लैब्राडोर - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में देशी व विदेशी नस्ल के कुत्तों के साथ क्रूरता के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उनकी देखभाल और आवाज उठाने के लिए बनी एसपीसीए (सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स) पशु क्रूरता निवारण समिति को इस समय खुद सहारे की जरूरत है। समिति के अध्यक्ष रमन भल्ला के देहांत के बाद से समिति निष्क्रिय नजर आ रही है।

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शहर में 100 से अधिक छोटी-बड़ी पेट्स शॉप व अवैध ब्रीडरों का धंधा फल-फूल रहा है। ब्रीडिंग के अवैध धंधे के बारे में समिति के सदस्यों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी और उनकी बातों को नजरअंदाज करने से ऐसा हो रहा है। करीब 20 साल पहले पशु क्रूरता निवारण समिति बनाई गई थी। शुरुआत में कमेटी ने पशु क्रूरता रोकने के लिए कई काम भी किए।

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गोशाला के निरीक्षण का भी अधिकार नहीं

हम पशुओं के लिए काम करना चाहते हैं लेकिन नगर निगम के अधिकारी हम लोगों का सहयोग नहीं करते। हमें गोशाला में जाकर निरीक्षण तक करने नहीं दिया जाता। अध्यक्ष के गुजर जाने के बाद तो समिति निष्क्रिय हो गई है। -विनोद शर्मा, सदस्य, एसपीसीए

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कागजों में होता है पशुओं के लिए काम

किसी पशु के साथ कुछ भी घटना होती है तो नगर निगम के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। यहां पशुओं के लिए कागजों में काम करते हैं। जमीनी स्तर पर अधिकारी काम नहीं करना चाहते। इसलिए ब्रीडिंग करने वालों को बढ़ावा मिला है। -संजय मल्होत्रा, सदस्य-एसपीसीए

छुट्टा जानवर हमारी प्रमुखता

हमारा फोकस गोसेवा के लिए है और हम गायों के लिए ही काम कर रहे हैं। छुट्टा जानवरों से लोगों को परेशानी ज्यादा है। -दिग्विजय नाथ तिवारी, सदस्य-एसपीसीए 

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