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करोड़ों की जमीन पर कब्जा: उच्च शिक्षा मंत्री ने अपने ही पार्टी के सांसद पर साधा निशाना, जानें क्या कहा
Tue, 16 Jan 2024 12:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:15 PM IST
सार
आगरा में करोड़ों रुपये की जमीन पर हुए कब्जे के मामले में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपनी ही पार्टी के सांसद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सांसद को जनता से उनकी नजदीकी खटक रही है।
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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सांसद को देहात क्षेत्र में उनके बेटे की सक्रियता रास नहीं आ रही है। जब वह देहात में चुनाव के दौरान जाते थे तो लोग कहते थे कि चुनाव में याद आती है। उन्होंने वहां की जनता से वादा किया था कि लगातार क्षेत्र में आते रहेंगे। मगर, मंत्री बनने के बाद व्यस्तता बढ़ गई। इस पर अपने बेटे को वहां की जिम्मेदारी सौंपी। वहां की जनता की समस्याएं हल करवाने में सहयोग किया। यह बात भाजपा सांसद को अखर रही है। उन्हें अपना सिंहासन डोलता नजर आ रहा है। बेटे के देहात क्षेत्र में सक्रिय होने से परेशान हैं। इस कारण उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि अब चौकीदार को टहल सिंह के फर्जी रजिस्ट्री धारक मैनपुरी के मनोज यादव उसके पुत्र आदि ने लालच दे दिया। इसी में अपने साथ भाजपा सांसद को भी साझीदार कर लिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन से दबाव बनवाकर चौकीदार रवि कुशवाह को फिर इस जमीन पर स्थापित कर दिया है। पर्दे के पीछे मनोज यादव है। यह भी चर्चा है कि अपने संबंधों के आधार पर मनोज यादव ने कई सरकारी विभागों की जमीनों पर कब्जा किया हुआ है। विवादित जमीन को खरीद कर उनकी फर्जी रजिस्ट्री करवाकर बैंक में रखकर लोन भी वसूल करता रहता है।
पर्दे के पीछे हैं उमा देवी और नेमीचंद जैन
बोदला जमीन प्रकरण में पर्दे के पीछे से खेल खेला जा रहा है। जिस उमा देवी को टहल सिंह की पुत्रवधू बताया जा रहा है। वह आज तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं। यह उमा देवी असली भी हैं या नहीं। दूसरा सवाल यह भी टहल सिंह की मृत्यु का दावा किया गया है, वह जिंदा है या मृत्यु हो गई। वहीं जिन नेमीचंद जैन का नाम इस प्रकरण में आ रहा है, वह और उनका कोई परिजन भी अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
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मंत्री ने आरोप लगाया कि अब चौकीदार को टहल सिंह के फर्जी रजिस्ट्री धारक मैनपुरी के मनोज यादव उसके पुत्र आदि ने लालच दे दिया। इसी में अपने साथ भाजपा सांसद को भी साझीदार कर लिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन से दबाव बनवाकर चौकीदार रवि कुशवाह को फिर इस जमीन पर स्थापित कर दिया है। पर्दे के पीछे मनोज यादव है। यह भी चर्चा है कि अपने संबंधों के आधार पर मनोज यादव ने कई सरकारी विभागों की जमीनों पर कब्जा किया हुआ है। विवादित जमीन को खरीद कर उनकी फर्जी रजिस्ट्री करवाकर बैंक में रखकर लोन भी वसूल करता रहता है।
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पर्दे के पीछे हैं उमा देवी और नेमीचंद जैन
बोदला जमीन प्रकरण में पर्दे के पीछे से खेल खेला जा रहा है। जिस उमा देवी को टहल सिंह की पुत्रवधू बताया जा रहा है। वह आज तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं। यह उमा देवी असली भी हैं या नहीं। दूसरा सवाल यह भी टहल सिंह की मृत्यु का दावा किया गया है, वह जिंदा है या मृत्यु हो गई। वहीं जिन नेमीचंद जैन का नाम इस प्रकरण में आ रहा है, वह और उनका कोई परिजन भी अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
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