यूपी चुनाव 2022: मांट विधानसभा सीट की रार, कहीं रालोद-सपा गठबंधन में न डाल दे दरार
मांट विधानसभा सीट से रालोद और सपा के दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। ऐसे में यहां गठबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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मथुरा जिले का मांट विधानसभा क्षेत्र सीट रालोद-सपा गठबंधन में गांठ डाल सकती है। ऐसा इसलिए कि रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी के करीबी योगेश नौहवार ने मांट से नामांकन करके ताल ठोंक दी है तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खासमखाम संजय लाठर भी बृहस्पतिवार को नामांकन करके मैदान में कूद गए हैं। दोनों दलों के उम्मीदवारों के मैदान में आने से दोनों दलों में रार बढ़ने के आसार बन रहे हैं।
पिछले चार दिनों से रालोद-सपा गठबंधन में मांट विधानसभा सीट को लेकर पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रालोद से नामांकन कर चुके योगेश नौहवार अपने को अधिकृत उम्मीदवार बता रहे हैं तो सपा से नामांकन करने वाले संजय लाठर भी अपने को उम्मीदवार बताते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे यह साफ हो रहा है कि दोनों के मैदान में रहने से गठबंधन की राहें जुदा हो सकती हैं।
योगेश दिल्ली, तो संजय लखनऊ पहुंचे
योगेश ने दिल्ली में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी के यहां डेरा डाल दिया है तो नामांकन के बाद संजय लाठर भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास पहुंच गए हैं। गठबंधन से दो उम्मीदवारों के मैदान में होने से मांट विधानसभा क्षेत्र के वोटर भी असमंजस में हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दोनों उम्मीदवारों के मैदान में आने से रालोद-सपा गठबंधन टूट भी सकता है।
पिछले चुनाव में 432 वोटों से हारे थे योगेश
लगातार तीन बार से योगेश नौहवार रालोद की टिकट पर चुनाव लड़कर पूर्वमंत्री मौजूदा विधायक श्यामसुंदर शर्मा को कड़ी टक्कर देते आ रहे हैं। पिछली बार तो मात्र 432 वोटों से चुनाव हारने वाले योगेश अबकी बार मैदान में डटे हुए हैं। पिछले साल योगेश नौहवार किसान आंदोलन के दौरान जेल में भी रहे थे।
उधर, संजय लाठर भी 2012 में सपा से चुनाव लड़ चुके हैं। 51 हजार से अधिक वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके अलावा उनकी सपा मुखिया अखिलेश यादव से नजदीकियां भी किसी से छिपी नहीं हैं। दोनों नेता मैदान से हटने को मना कर चुके हैं।