फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Canal dam cut six bigha crops submerged in water in kasganj

कासगंज: किसानों की मेहनत पर 'सिस्टम की लापरवाही' से फिरा पानी, 600 बीघा फसल जलमग्न

Tue, 05 Jan 2021 12:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 05 Jan 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
Canal dam cut six bigha crops submerged in water in kasganj
खेतों में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला

कासगंज जिले के सिढ़पुरा क्षेत्र में गांव हमीरपुर के समीप बाछमई मानइर में कटान होने से किसानों की लगभग 600 बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने बर्बाद हुई फसलों के बदले मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। रविवार की रात अचानक ग्राम हमीरपुर पर बाछमई माइनर में कटान हो गया। रात भर कटान रहने से आस-पास के खेतों में पानी भर गया। किसानों की गेहूं, सरसों, आलू, जौ सहित अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। 

विज्ञापन

रातभर पानी भरा रहने से फसलों का खासा नुकसान हो गया है। किसानों का कहना है कि उनकी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। बर्बाद हुई फसलों का जिला प्रशासन आकलन कराए। नुकसान का किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। 
विज्ञापन

अमांपुर के क्षेत्र के बनूपुरा माइनर में भी कटान हुआ था। जिससे ग्राम बनूपुरा एवं ग्राम हरथरा के ग्रामीणों की लगभग 300 बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों में सिंचाई विभाग के खिलाफ रोष हैं। यहां के किसानों ने भी मुआवजा की मांग जिलाधिकारी से की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नहरों की सिल्ट सफाई में बह गए 90 लाख, फिर भी कट रहीं माइनर 
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में लगभग 450 किलोमीटर नहरों एवं माइनरों का जाल है। इसकी सिंचाई विभाग की ओर से लगभग 90 लाख रुपये में ई टेंडरिंग कराकर सिल्ट साफ कराई गई। किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई का कार्य अच्छे से नहीं किया गया है। इस वजह से जहां भी खंदी कमजोर होती हैं वहीं से कट जाती हैं। पांच दिनों में ही दो माइनरों में दो स्थानों पर अलग अलग कटान होने से सैकड़ों बीघा फसलों को नुकसान हुआ है। 

गेहूं व लाह की फसल हुई बर्बाद
हमीरपुर के किसान बंटू राजपूत ने कहा कि हमारे पास 28 बीघा खेती है। इन खेतों में गेहूं एवं लाह की फसल खड़ी थी। जिसमें माइनर कटान से पानी भर गया और पूरी फसल बर्बाद हो गई है। दुष्यंत ने कहा कि मेहनत और लागत लगाकर 10 बीघा में आलू, गेहूं एवं जौं की फसल तैयार की। जिसमें बाछमई मानइर के कटान के कारण फसलें जलमग्न हो गई और सभी फसलें बर्बाद हो गई।

किसान रामसेवक ने कहा कि माइनर के कटने से हमारे 15 बीघा गेहूं की फसल पानी भर गया। खेत में जलभराव रहने से फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। सभी किसानों को नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाया जाए। सिढ़पुरा की रामबेटी ने कहा कि हमने जैसे तैसे कर 6 बीघा खेतों में लाह एवं गेहूं की फसल की थी। जिससे खासी उम्मीद थी। लेकिन माइनर कटान ने बर्बाद कर दिया। जिला प्रशासन को नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।

सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अरूण कुमार ने बताया कि जहां से भी खंदी कटने की सूचना विभाग को मिली है, वहां खंदियों को बंद कर दिया गया है। यदि कोई परेशानी है तो किसान संपर्क करें। उनकी समस्याओं का निदान किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed