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UP: हृदय रोगियों को बड़ी राहत...आठ हजार रुपये में होगी बाईपास सर्जरी, इन मरीजों को मिलेगा फ्री इलाज
Fri, 02 Jan 2026 12:05 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:05 AM IST
सार
हृदय रोगियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने जा रही है। उन्हें बाईपास सर्जरी के लिए अब दिल्ली, जयपुर जैसे शहरों की ओर दाैड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एसएन मेडिकल काॅलेज में ये सर्जरी सिर्फ आठ हजार रुपये में की जाएगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों के लिए एक और सुविधा शुरू होने वाली है। मार्च से बाईपास सर्जरी की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए 2.15 करोड़ रुपये की हार्टलंग मशीन केंद्र सरकार से अगले महीने प्राप्त हो जाएगी। आयुष्मान कार्डधारक और असाध्य रोग योजना के लाभार्थियों के निशुल्क ऑपरेशन होंगे। अन्य मरीजों के लिए ऑपरेशन का शुल्क आठ हजार रुपये रहेगा।
एसएन में अभी तक बाईपास सर्जरी की सुविधा नहीं है। इससे हृदय रोगियों को परेशानी हो रही थी। 2.15 करोड़ रुपए की हार्टलंग मशीन अगले महीने तक कॉलेज को मिल जाएगी। इसके लिए कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बन गया है। मशीन को इसमें स्थापित करने के बाद मार्च में सर्जरी शुरू हो जाएगी।
अभी एसएन में कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर की सुविधा ही मिल रही है। बाईपास सर्जरी के लिए मरीजों को निजी अस्पताल या फिर लखनऊ, जयपुर और दिल्ली जाना पड़ता है। बाईपास सर्जरी शुरू होने पर हृदय रोगियों को इलाज, जांच और ऑपरेशन के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से ये मशीन मिल रही है। इस मशीन के आने से हृदय रोग के सभी तरह की सर्जरी एसएन में हो सकेंगी। निजी अस्पतालों में बाईपास सर्जरी का खर्च 3-4 लाख रुपये आता है। एसएन में इसका खर्च करीब 8 हजार रुपये है। आयुष्मान कार्डधारक, असाध्य रोग योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष योजना के लाभार्थियों के लिए ये सेवा निशुल्क रहेगी।
हर महीने 25-30 मरीज बाईपास के लिए आ रहे
सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि कि हृदय रोग की नस ब्लॉक होने पर बाईपास सर्जरी की जाती है। इसमें पैरों में ही मौजूद अतिरिक्त नस का उपयोग किया जाता है। इसमें ब्लॉकेज स्थान से पहले कट लगाकर नई नस जोड़कर हृदय के लिए रक्तसंचार संचालित करते हैं। इससे मरीज की जीवन बच जाता है। हार्टलंग मशीन से ब्लॉकेज और लीकेज वाल्व की सर्जरी भी कर सकते हैं। बाईपास सर्जरी के लिए अभी महीने में 25-30 मरीज आते हैं। मशीन लगने के बाद मरीजों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
ये भी पढ़ें-School Closed: स्कूलों की छुट्टी का नया आदेश...बंद रहेंगे 12वीं तक के विद्यालय, जानें कब खुलेंगे
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एसएन में अभी तक बाईपास सर्जरी की सुविधा नहीं है। इससे हृदय रोगियों को परेशानी हो रही थी। 2.15 करोड़ रुपए की हार्टलंग मशीन अगले महीने तक कॉलेज को मिल जाएगी। इसके लिए कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बन गया है। मशीन को इसमें स्थापित करने के बाद मार्च में सर्जरी शुरू हो जाएगी।
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अभी एसएन में कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर की सुविधा ही मिल रही है। बाईपास सर्जरी के लिए मरीजों को निजी अस्पताल या फिर लखनऊ, जयपुर और दिल्ली जाना पड़ता है। बाईपास सर्जरी शुरू होने पर हृदय रोगियों को इलाज, जांच और ऑपरेशन के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से ये मशीन मिल रही है। इस मशीन के आने से हृदय रोग के सभी तरह की सर्जरी एसएन में हो सकेंगी। निजी अस्पतालों में बाईपास सर्जरी का खर्च 3-4 लाख रुपये आता है। एसएन में इसका खर्च करीब 8 हजार रुपये है। आयुष्मान कार्डधारक, असाध्य रोग योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष योजना के लाभार्थियों के लिए ये सेवा निशुल्क रहेगी।
हर महीने 25-30 मरीज बाईपास के लिए आ रहे
सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि कि हृदय रोग की नस ब्लॉक होने पर बाईपास सर्जरी की जाती है। इसमें पैरों में ही मौजूद अतिरिक्त नस का उपयोग किया जाता है। इसमें ब्लॉकेज स्थान से पहले कट लगाकर नई नस जोड़कर हृदय के लिए रक्तसंचार संचालित करते हैं। इससे मरीज की जीवन बच जाता है। हार्टलंग मशीन से ब्लॉकेज और लीकेज वाल्व की सर्जरी भी कर सकते हैं। बाईपास सर्जरी के लिए अभी महीने में 25-30 मरीज आते हैं। मशीन लगने के बाद मरीजों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
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